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मदुरई (Madurai) या मदुरै भारत के तमिल नाडु राज्य के मदुरई ज़िले में स्थित एक नगर है और उस ज़िले का मुख्यालय भी है। यह भारतीय प्रायद्वीप के प्राचीनतम बसे शहरों में से एक है। [1] इस शहर को अपने प्राचीन मंदिरों के लिये जाना जाता है। इस शहर को कई अन्य नामों से बुलाते हैं, जैसे कूडल मानगर, तुंगानगर (कभी ना सोने वाली नगरी), मल्लिगई मानगर (मोगरे की नगरी) था पूर्व का एथेंस। यह वैगई नदी के किनारे स्थित है। लगभग २५०० वर्ष पुराना यह स्थान तमिल नाडु राज्य का एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक और व्यावसायिक केंद्र है। यहां का मुख्य आकर्षण मीनाक्षी मंदिर है जिसके ऊंचे गोपुरम और दुर्लभ मूर्तिशिल्प श्रद्धालुओं और सै…
मैसूरु (Mysuru) भारत के कर्नाटक राज्य का एक महानगर है। यह कर्नाटक का दूसरा सबसे बड़ा शहर है और प्रदेश की राजधानी बैगलुरू से लगभग डेढ़ सौ किलोमीटर दक्षिण में केरल की सीमा पर स्थित है। [1] [2]
तिरुवनंतपुरम (मलयालम: തിരുവനന്തപുരം, अंग्रेज़ी: Thiruvananthapuram) पूर्व नाम त्रिवेंद्रम , भारत के केरल राज्य का सबसे बड़ा नगर और राजधानी है। यह तिरुवनंतपुरम जिले का मुख्यालय भी है। केरल की राजनीति के अलावा शैक्षणिक व्यवस्था का केंद्र भी यही है। कई शैक्षणिक संस्थानों में विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र, राजीव गाँधी जैव प्रौद्योगिकी केंद्र कुछ प्रसिद्ध नामों में से हैं। भारत की मुख्य भूमि के सुदूर दक्षिणी पश्चिमी तट पर बसे इस नगर को महात्मा गाँधी ने "भारत का नित हरा नगर" की संज्ञा दी थी। [9] [10]
कोच्चि (Kochi), जिसे कोचीन भी कहा जाता था, भारत के केरल राज्य के एर्नाकुलम ज़िले में लक्षद्वीप सागर से तटस्थ स्थित एक बड़ा बंदरगाह नगर है। कोच्चि को काफ़ी समय से प्रायः एर्नाकुलम भी कहा जाता है, जिसका अर्थ नगर का मुख्यभूमि भाग इंगित करता है। कोच्चि नगर निगम (जनसंख्या ६,७७,३८१) राज्य का दूसरा सर्वाधिक जनसंख्या वाला शहर है। यह कोच्चि महानगरीय क्षेत्र के विस्तार सहित (जनसंख्या २१ लाख) केरल राज्य का सबसे बड़ा शहरी आबादी क्षेत्र है। कोच्चि नगर ग्रेटर कोच्चि क्षेत्र का ही एक भाग है, और इसे भारत सरकार द्वारा द्वितीय दर्जे वाला शहर वर्गीकृत किया गया है। [7] नगर की देख-रेख व अनुरक्षण दायित्त्व १९६७ …
ओरंगाबाद (आधिकारिक नाम: छत्रपति संभाजीनगर ) भारत के महाराष्ट्र राज्य में स्थित एक ऐतिहासिक महानगर है। यह जिले का मुख्यालय भी है और मराठवाड़ा क्षेत्र का सबसे बड़ा नगर है। यह एक महत्वपूर्ण पर्यटक केंद्र है। नगर के बाह्यक्षेत्रों में अजंता गुफाएँ व एलोरा गुफाएँ हैं, जहाँ 200 ईसा पूर्व से लेकर 650 ई. तक हिंदू-बौद्ध कलाकृतियाँ हैं। ये गुफाएँ 'वेरुल लेणी' नाम के स्थान पर स्थित हैं जिसे जैन मंदिर, कैलाश मंदिर, और बौद्ध विहार भी कहा जाता है। यह यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है। [1] [2] [3]
नासिक (Nasik) या नाशिक (Nashik) भारत के महाराष्ट्र राज्य के नाशिक ज़िले में स्थित एक नगर है। यह ज़िले का मुख्यालय और महाराष्ट्र का चौथा सबसे बड़ा नगर है। नाशिक गोदावरी नदी के किनारे बसा हुआ है। यह महाराष्ट्र के उत्तर पश्चिम में, मुम्बई से १५० किमी और पुणे से २०५ किमी की दुरी में स्थित है। यह शहर प्रमुख रूप से हिन्दू तीर्थयात्रियों का प्रमुख केन्द्र है। इस शहर का सबसे प्रमुख भाग पंचवटी (अस्पष्टीकरण) है। इसके अलावा यहां बहुत से मंदिर भी है। नाशिक में त्योहारों के समय में बहुत अधिक संख्या में भीड़ दिखाई पड़ती है। [3] [4] [5]
नागपुर (मराठी: नागपूर, अंग्रेज़ी: Nagpur) भारत के महाराष्ट्र राज्य का तीसरा सबसे बड़ा शहर है। यह महाराष्ट्र और भारत का एक प्रमुख नगर है और भारत के मध्य में स्थित है। नागपुर को महाराष्ट्र कि उपराजधानी होने का दर्जा प्राप्त है। [15] [16]
ग्वालियर भारत के मध्य प्रदेश राज्य के ग्वालियर ज़िले में स्थित एक ऐतिहासिक नगर और राज्य का एक प्रमुख शहर है। [1] [2]
उज्जैन (प्राचीन अवंती) ऐसा ही एक नगर है, जिसका महत्व समय की सीमाओं से कहीं आगे तक जाता है। उज्जैन (अंग्रेज़ी: Ujjain) भारत के मध्य प्रदेश राज्य का एक प्रमुख शहर है जो क्षिप्रा नदी या शिप्रा नदी के किनारे पर बसा है। यह एक अत्यन्त प्राचीन शहर है। यह महान सम्राट विक्रमादित्य के राज्य की राजधानी थी । उज्जैन को कालिदास की नगरी के नाम से भी जाना जाता है। यहाँ हर 12 वर्ष पर सिंहस्थ महाकुंभ मेला लगता है। भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में एक महाकाल इस नगरी में स्थित है। उज्जैन मध्य प्रदेश के सबसे बड़े शहर इन्दौर से 45 कि॰मी॰ पर है। उज्जैन के प्राचीन नाम अवन्तिका, उज्जयिनी, कनकश्रन्गा आदि है। उज्जैन…
इन्दौर (अंग्रेज़ी: Indore) भारत के मध्य प्रदेश राज्य का एक महानगर है। जनसंख्या की दृष्टि से यह मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा शहर है, 2011 जनगणना, के अनुसार 21,67,447 [12] लोगों की आबादी सिर्फ 630 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में वितरित है। 2024 में इंदौर शहर की वर्तमान अनुमानित जनसंख्या 2,788,000 है, जबकि इंदौर मेट्रो की जनसंख्या 3,081,000 अनुमानित है। यह मध्यप्रदेश में सबसे अधिक घनी आबादी वाला शहर भी है। यह भारत में टीयर-2 शहरों के अन्तर्गत आता है। इंदौर महानगरीय क्षेत्र (शहर व आसपास के इलाके) की आबादी 3e लाख लोगों के साथ राज्य में सबसे अधिक है। यह इन्दौर जिला तथा इन्दौर संभाग दोनों के मुख्यालय के …
भोपाल (अंग्रेज़ी: Bhopal) भारत के मध्य प्रदेश राज्य की राजधानी है और भोपाल जनपद का प्रशासनिक मुख्यालय भी है। भोपाल को राजा भोज की नगरी तथा 'झीलों की नगरी' भी कहा जाता है क्योंकि यहाँ कई छोटे-बड़े तालाब हैं। यह नगर अचानक चर्चा में तब आ गया, जब 1984 में अमरीकी कम्पनी, यूनियन कार्बाइड से मिथाइल आइसोसाइनेट गैस के रिसाव से लगभग 20,000 लोग मारे गये थे। [9] भोपाल को स्मार्ट सिटी मिशन के तहत स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने वाले पहले बीस भारतीय शहरों (प्रथम चरण) में से एक के रूप में चुना गया था। [10] भोपाल को लगातार तीन वर्षों, 2017, 2018 और 2019 तक भारत में सबसे स्वच्छ राज्य की राजधानी का दर्जा…
पुष्कर (Pushkar) भारत के राजस्थान राज्य के अजमेर ज़िले में स्थित एक नगर व प्रमुख हिन्दू तीर्थस्थल है यहाँ प्रतिवर्ष प्रसिद्ध पुष्कर मेला लगता है और यहाँ देश का एकलौता ब्रह्मा मन्दिर है पुष्कर अजमेर शहर से 14 किमी दूर स्थित है। [1] [2]
अजमेर (Ajmer) भारत के राजस्थान राज्य का एक प्रमुख व ऐतिहासिक नगर है। यह अजमेर ज़िले का मुख्यालय भी है। अजमेर अरावली पर्वत श्रेणी की तारागढ़ पहाड़ी की ढाल पर स्थित है। यह नगर सातवीं शताब्दी में अजयराज सिंह नामक एक चौहान राजा द्वारा बसाया गया था। इस नगर का मूल नाम 'अजयमेरु' था। सन् 1365 में मेवाड़ के शासक, 1556 में अकबर और 1770 से 1880 तक मेवाड़ तथा मारवाड़ के अनेक शासकों द्वारा शासित होकर अंत में 1881 में यह अंग्रेजों के आधिपत्य में चला गया। [1] [2] यहांअजमेर में पुष्कर नामक तीर्थ स्थल है तथा सावित्री माता मंदिर में राजस्थान का तीसरा रोपवे बना हुआ है जिसके लम्बाई 100मीटर व यह 3मई 2016 से आवा…
जैसलमेर , उत्तर-पश्चिमी भारतीय राज्य राजस्थान का एक शहर है, जो राज्य की राजधानी जयपुर से 575 किलोमीटर (357 मील) पश्चिम में थार मरुस्थल के केंद्र में स्थित है। यह जैसलमेर जिले के प्रशासनिक मुख्यालय के रूप में कार्य करता है। यह एक पूर्व मध्ययुगीन व्यापारिक केंद्र और जैसलमेर राज्य की ऐतिहासिक राजधानी है, जिसकी स्थापना 1156 ई. में भाटी वंश के मेर शासक रावल जैसल द्वारा की गई थी। [5]
जोधपुर सुनें ⓘ राजस्थान का दूसरा सबसे बड़ा नगर है। राव जोधा ने 12 मई, 1459 ई. में आधुनिक जोधपुर शहर की स्थापना की। इसकी जनसंख्या 26 लाख के पार हो जाने के बाद इसे राजस्थान का दूसरा "महानगर" घोषित कर दिया गया था। यह यहां के ऐतिहासिक रजवाड़े मारवाड़ की इसी नाम की राजधानी भी हुआ करता था। जोधपुर थार के रेगिस्तान के बीच अपने ढेरों शानदार महलों, दुर्गों और मन्दिरों वाला प्रसिद्ध पर्यटन स्थल भी है।
उदयपुर (Udaipur) भारत के राजस्थान राज्य के उदयपुर ज़िले में स्थित एक नगर है। यह राजस्थान का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है, जो अपने इतिहास, संस्कृति और अपने आकर्षक स्थलों के लिये प्रसिद्ध है। इसे "पूर्व के वेनिस" के नाम से भी जाना जाता है। [1] [2]
जम्मू (कश्मीरी: جۆم, अंग्रेज़ी: Jammu) भारत के जम्मू और कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश में स्थित एक शहर है। यह जम्मू सम्भाग का सबसे बड़ा शहर है और साथ ही जम्मू और कश्मीर की शीतकालीन राजधानी भी है। यह नगरमहापालिका वाला नगर तवी नदी के तट पर बसा है। नगर में ढेरों पुराने व नये मन्दिरों के बाहुल्य के कारण इसे "मन्दिरों का नगर" भी कहा जाता है। तेजी से फैलती नगरीय जनसंख्या एवं बढ़ते अवसंरचना के कारण ये शीतकालीन राजधानी राज्य का दूसरा सबसे बड़ा शहर है। [9] [10] [11] [12]
श्रीनगर (कश्मीरी: سِریٖنَگَر, अंग्रेज़ी: Srinagar) भारत के जम्मू और कश्मीर राज्य का सबसे बड़ा शहर और ग्रीष्मकालीन राजधानी है। यह कश्मीर घाटी में झेलम नदी के किनारे बसा हुआ है, जो सिन्धु नदी के एक प्रमुख उपनदी है। प्रसिद्ध डल झील और आंचार झील भी नगर-भूगोल का महत्वपूर्ण भाग हैं। कश्मीर घाटी के मध्य में बसा यह नगर भारत के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है। दस लाख से अधिक जनसंख्या रखने वाला यह भारत का उत्तरतम नगर है। श्रीनगर अपने उद्यानों व प्राकृतिक वातावरण के लिए जाना जाता है और यहाँ के कश्मीर शॉल व मेवा देशभर में प्रसिद्ध है। [7] [8] [9] [10]
निर्देशांक: 27°02′N 88°10′E / 27.03°N 88.16°E / 27.03; 88.16
शिलांग पूर्वोत्तर भारत के राज्य मेघालय में स्थित एक पर्वतीय स्थल एवं मेघालय की राजधानी है। यह ईस्ट खासी हिल्स जिले का मुख्यालय भी है। जनसंख्या की दृष्टि से २०११ की भारतीय जनगणना के अनुसार १,४३,२२९ के आंकड़े के साथ शिलांग का भारत में ३३०वां स्थान है। [1] शहर के बारे में कहा जाता है कि नगर को घेरे हुए घूमती पहाड़ियां इसे ब्रिटिश लोगों को स्कॉटलैण्ड की याद दिलाती थीं। इसी लिये वे इसे स्कॉटलैण्ड ऑफ़ द ईस्ट कहा करते थे। [2]