गुलमर्ग (Gulmarg) भारत के जम्मू और कश्मीर (केंद्र शासित प्रदेश) का एक हिल स्टेशन है। इसका मूल नाम गौरीमर्ग (Gaurimarg) / गौरीमत्ठः (संस्कृत भाषा मूल में है), जिसे १६वीं शताब्दी में युसुफ शाह चक ने बदलकर गुलमर्ग कर दिया। [1] [2] [3] इसकी सुंदरता के कारण इसे धरती का स्वर्ग भी कहा जाता है। यह देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक हैं। फूलों के प्रदेश के नाम से मशहूर यह स्थान बारामूला ज़िले में स्थित है। यहाँ के हरे भरे ढलान सैलानियों को अपनी ओर खींचते हैं। समुद्र तल से 2730 मी. की ऊँचाई पर बसे गुलमर्ग में सर्दी के मौसम के दौरान यहाँ बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। [4] [5] [6] [7]
गुलमर्ग (Gulmarg) भारत के जम्मू और कश्मीर (केंद्र शासित प्रदेश) का एक हिल स्टेशन है। इसका मूल नाम गौरीमर्ग (Gaurimarg) / गौरीमत्ठः (संस्कृत भाषा मूल में है), जिसे १६वीं शताब्दी में युसुफ शाह चक ने बदलकर गुलमर्ग कर दिया।[1][2][3] इसकी सुंदरता के कारण इसे धरती का स्वर्ग भी कहा जाता है। यह देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक हैं। फूलों के प्रदेश के नाम से मशहूर यह स्थान बारामूला ज़िले में स्थित है। यहाँ के हरे भरे ढलान सैलानियों को अपनी ओर खींचते हैं। समुद्र तल से 2730 मी. की ऊँचाई पर बसे गुलमर्ग में सर्दी के मौसम के दौरान यहाँ बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं।[4][5][6][7]
इतिहास
गुलमर्ग की स्थापना अंग्रेजों ने 1927 में अपने शासनकाल के दौरान की थी। गुलमर्ग का असली नाम गौरीमर्ग था जो यहाँ के चरवाहों ने इसे दिया था। 16वीं शताब्दी में सुल्तान युसुफ शाह ने इसका नाम गुलमर्ग रखा। आज यह सिर्फ पहाड़ों का शहर नहीं है, बल्कि यहाँ विश्व का सबसे बड़ा गोल्फ कोर्स और देश का प्रमुख स्की रिज़ाॅर्ट है।
पर्यटन
गुलमर्ग गोंडोला
गोंडोला की सवारी गुलमर्ग का शीर्ष आकर्षण है। यह एशिया की सबसे ऊंची केबल कार परियोजना है और दुनिया में सबसे बड़ी और दूसरी सबसे ऊंची है। गोंडोला एक बार में छह लोगों और प्रति घंटे 600 लोगों को ले जा सकता है। केबल कार परियोजना जम्मू और कश्मीर सरकार और फ्रांसीसी फर्म पोमागल्स्की के बीच एक संयुक्त उद्यम है।
स्कींग
स्कींग में रुचि रखने वालों के लिए गुलमर्ग देश का ही नहीं बल्कि इसकी गिनती विश्व के सर्वोत्तम स्कींग रिजॉर्ट में की जाती है। दिसंबर में बर्फ गिरने के बाद यहाँ बड़ी संख्या में पर्यटक स्कींग करने आते हैं। यहाँ स्कींग करने के लिए ढ़लानों पर स्कींग करने का अनुभव होना चाहिए। जो लोग स्कींग सीखना शुरु कर रहे हैं, उनके लिए भी यह सही जगह है। यहां स्कींग की सभी सुविधाएं और अच्छे प्रशिक्षक भी मौजूद हैं।
इग्लू कैफे और ग्लास इग्लू रेस्टोरेंट
फरवरी 2022 में, गुलमर्ग में दुनिया का सबसे बड़ा इग्लू कैफे खोला गया।[8] इसे 37.5 फीट की ऊंचाई और 44.5 फीट के व्यास के साथ बनाया गया था।[9] वहां एक बार में करीब 40 लोग खाना खा सकते हैं।[10] 2023 में, गुलमर्ग के एक होटल कोलाहोई ग्रीन हाइट्स द्वारा एक ग्लास इग्लू रेस्तरां विकसित किया गया था।[11][12]
गोल्फ कोर्स
गुलमर्ग के गोल्फ कोर्स विश्व के सबसे बड़े और हरे भरे गोल्फ कोर्स में से एक है। अंग्रेज यहां अपनी छुट्टियाँ बिताने आते थे। उन्होंने ही गोल्फ के शौकीनों के लिए 1904 में इन गोल्फ कोर्स की स्थापना की थी। वर्तमान में इसकी देख रेख जम्मू और कश्मीर पर्यटन विकास प्राधिकरण करता है।
मोहिनीश्वर शिवालय शिव मंदिर
महारानी मंदिर (आमतौर पर गुलमर्ग के शिव मंदिर के रूप में जाना जाता है) का निर्माण 1915 में एक हिंदू शासक महाराज हरि सिंह ने अपनी पत्नी महारानी मोहिनी बाई सिसोदिया के लिए किया था।[13][14][15] इस मंदिर को डोगरा राजाओं का आलीशान अधिकार माना जाता था। मंदिर शिव और पार्वती को समर्पित है। यह मंदिर हरियाली के साथ एक छोटी सी पहाड़ी पर स्थित है। यह मंदिर गुलमर्ग के सभी कोनों से दिखाई देता है।[16] यह मंदिर एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है और 1974 की हिंदी फिल्म आप की कसम के कुछ लोकप्रिय गीतों जैसे "जय जय शिव शंकर" की शूटिंग यहां की गई थी।[17][18]
गुलमर्ग में महाराजा पैलेस
8700 वर्ग फुट का महल 19वीं सदी की शुरुआत में महाराज हरि सिंह द्वारा बनाया गया था।[19]
खिलनमर्ग
खिलनमर्ग गुलमर्ग के आंचल में बसी एक खूबसूरत घाटी है। यहां के हरे मैदानों में जंगली फूलों का सौंदर्य देखते ही बनता है। खिलनमर्ग से बर्फ से ढ़के हिमालय और कश्मीर घाटी का अद्भुत नजारा देखा जा सकता है।
अलपाथर झील
चीड़ और देवदार के पेड़ों से घिरी यह झील अफरवात चोटी के नीचे स्थित है। इस खूबसूरत झील का पानी मध्य जून तक बर्फ की बना रहता है।
निंगली नल्लाह
गुलमर्ग से आठ किमी दूर स्थित निंगली नल्लाह एक धारा है जो अफरात चोटी से पिघली बर्फ और अलपाथर झील के पानी से बनी है। यह सफेद धारा घाटी में गिरती है और अंतत: झेलम नदी में मिलती है। घाटी के साथ बहती यह धारा गुलमर्ग का एक प्रसिद्ध पिकनिक स्पॉट है।
हाई एल्टीट्यूड वारफेयर स्कूल
1948 में, भारतीय सेना ने गुलमर्ग में एक स्की स्कूल की स्थापना की जो बाद में हाई एल्टीट्यूड वारफेयर स्कूल बन गया, जो बर्फ-शिल्प और शीतकालीन युद्ध में माहिर है।[20] यह ऐसे क्षेत्र में स्थित है जो हिमस्खलन से ग्रस्त है।
आसपास दर्शनीय स्थल
श्रीनगर
यह जम्मू कश्मीर की राजधानी है और यहाँ का सबसे बड़ा शहर है। समुद्र तल से 1730 मी. की ऊँचाई पर स्थित श्रीनगर नहर, हाउस बोट और मुगल गार्डन के लिए मशहूर है।
बाबा रेशी की दरगाह
यह मुसलमानों का एक प्रमुख धार्मिक केंद्र है। यह जियारत एक प्रसिद्ध मुस्लिम संत की याद में बनाई गई है जिनका इंतकाल 1480 में हुआ था। सन्यास लेने से पहले वे कश्मीर के राजा जिया-उल-अबिदीन के दरबारी थे। प्रतिवर्ष हजारों की संख्या में श्रद्धालु यहाँ आते हैं।
कैसे पहुंचें
- वायु मार्ग
नज़दीकी हवाई अड्डा श्रीनगर (56 किलोमीटर) देश के सभी प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है। दिल्ली से यहाँ के लिए नियमित उड़ानें हैं।
- रेल मार्ग
गुलमर्ग से निकटतम रेलवे स्टेशन जम्मू है जहाँ देश के विभिन्न भागों से ट्रेनें चलती हैं। अब निकटतम रेलवे स्टेशन श्रीनगर है जो जल्द ही जम्मू से जुड़ने के बाद देश बाकि शहरो से सीधा जुड़ जायेगा।
- सड़क मार्ग
गुलमर्ग श्रीनगर से सड़क मार्ग से जुड़ा हुआ है। देश के अन्य भागों से श्रीनगर के लिए नियमित रूप से बसें चलती हैं।
गुलमर्ग गोंडोला
गुलमर्ग गोंडोला एशिया की सबसे ऊंची केबल कार परियोजना है और दुनिया में सबसे बड़ी और दूसरी सबसे ऊंची है।[1] गोंडोला एक बार में छह लोगों और प्रति घंटे 600 लोगों को ले जा सकता है। केबल कार परियोजना जम्मू और कश्मीर सरकार और फ्रांसीसी फर्म पोमागल्स्की के बीच एक संयुक्त उद्यम है।
गेलरी
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मई 2013 में गुलमर्ग गोंडोला बेस स्टेशन
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मई 2013 में गुलमर्ग कुंगदूर गोंडोला स्टेशन, दूसरे चरण का गोंडोला और दाहिनी ओर चेयरलिफ्ट देखा गया
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अप्रैल 2013 में गुलमर्ग गोंडोला स्टेशन
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गुलमर्ग गोंडोला, लिफ्ट और इलाके को दिखाते हुए स्की रिज़ॉर्ट इलाके का नक्शा
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बोर्डिंग पास