फ़रीदाबाद (अंग्रेज़ी: Faridabad) भारत के हरियाणा राज्य के फरीदाबाद ज़िले में स्थित एक नगर है। यह ज़िले का मुख्यालय है, भारत के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का भाग है, और दिल्ली महानगर का एक महत्वपूर्ण उपनगर है। [9] [10] [11]
फ़रीदाबाद (अंग्रेज़ी: Faridabad) भारत के हरियाणा राज्य के फरीदाबाद ज़िले में स्थित एक नगर है। यह ज़िले का मुख्यालय है, भारत के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का भाग है, और दिल्ली महानगर का एक महत्वपूर्ण उपनगर है।[9][10][11]
विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा फ़रीदाबाद को दुनिया का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर माना गया था।[10] स्वच्छ सर्वेक्षण सर्वेक्षण 2020 में भारत के शीर्ष दस सबसे गंदे शहरों में फ़रीदाबाद 10वें स्थान पर है।
2021 दिल्ली क्षेत्रीय योजना के अनुसार, फरीदाबाद (सीएनसीआर) केंद्रीय राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र या (डीएमए) दिल्ली महानगरीय क्षेत्र का एक हिस्सा
फ़रीदाबाद Archived 2024-05-22 at the वेबैक मशीन हरियाणा का एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र है। हरियाणा में एकत्रित आयकर का 50% फ़रीदाबाद और गुड़गांव से होता है। फ़रीदाबाद कृषि क्षेत्र से मेंहदी उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है, जबकि ट्रैक्टर, मोटरसाइकिल, स्विच गियर, रेफ्रिजरेटर, जूते, टायर और वस्त्र इसके प्राथमिक औद्योगिक उत्पाद हैं।
फरीदाबाद कृषि क्षेत्र में मेंहदी उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है, जबकि ट्रैक्टर, मोटरसाइकिल, स्विच गियर, रेफ्रिजरेटर, जूते, टायर और वस्त्र इसके प्राथमिक औद्योगिक उत्पाद हैं।
फरीदाबाद कृषि क्षेत्र में मेंहदी उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है, जबकि ट्रैक्टर, मोटरसाइकिल, स्विच गियर, रेफ्रिजरेटर, जूते, टायर और वस्त्र इसके प्राथमिक औद्योगिक उत्पाद हैं।
आगरा नहर और यमुना नदी के बीच फरीदाबाद (सेक. 66 से 89) का नव विकसित आवासीय और औद्योगिक हिस्सा आमतौर पर ग्रेटर फरीदाबाद के रूप में जाना जाता है
फरीदाबाद
दाबाद कृषि क्षेत्र से मेंहदी उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है, भारत की कृषि उत्पाद में मेंहद्री बहुत श्रेष्ठ है
फरीदाबाद जिला और डिवीजन 28 डिग्री 10’50 “एन और 28 डिग्री 2 9’04” एन अक्षांश और 77 डिग्री 06’49 “ई और 77 डिग्री 33’23” ई रेखांश के बीच है। इसमें 742.90 वर्ग किलोमीटर का भौगोलिक क्षेत्र है।
जिले में उप-उष्णकटिबंधीय महाद्वीपीय मॉनसून जलवायु है जहां हमें मौसमी लय, गर्म गर्मी, ठंडी सर्दी, अविश्वसनीय वर्षा और तापमान में बहुत भिन्नता मिलती है। हरियाणा के पश्चिमी हिस्सों के संबंध में वर्षा वितरण अपेक्षाकृत संतोषजनक है और यह मुख्य रूप से गर्मियों के मानसून के दौरान केंद्रित है। सर्दी के मौसम में पश्चिमी अशांति (चक्रवात) से गुजरने के साथ-साथ कुछ बारिश होती है।
इतिहास
फरीदाबाद शहर की स्थापना 1607 शेख फरीद ने की थी, जिसे बाबा फरीद के नाम से भी जाना जाता है। बाबा फरीद एक प्रसिद्ध सूफी संत थे और मुगल बादशाह जहाँगीर के कोषाध्यक्ष भी थे। शहर की स्थापना ग्रान्ड ट्रंक रोड (सडक ए आज़म) की सुरक्षा के लिए की गई थी। बाद में इसे फरीदाबाद परगना के मुख्यालय के रूप में घोषित किया गया, जो बल्लभगढ़ के शासन के अधीन था। औरंगजेब की मृत्यु के बाद तेवतिया जाट सरदार गोपाल सिंह ने शहर पर हमला किया। उन्होंने फरीदाबाद के मुगल अधिकारी मुर्तिजा खान के साथ एक संधि की और परगना के चौधरी बन गए। मुगलों के शासन के बाद, इसे अंग्रेजों ने अपने कब्जे में ले लिया था। 1950 में, भारत के विभाजन के बाद, पाकिस्तान से आए शरणार्थियों का एक बड़ा समूह यहाँ आ कर बस गया। उनके पुनर्वास के लिए उद्योग स्थापित किए गए थे। बाद में, विभिन्न समुदायों, क्षेत्रों और धर्मों के लोग भी फरीदाबाद में आकर बस गए। प्रारंभ में, यह गुड़गांव जिले का एक हिस्सा था। 15 अगस्त 1979 को, फरीदाबाद को एक अलग जिले के रूप में स्थापित किया गया था।
प्रमु़ख स्थल
बड़खल झील
फरीदाबाद की बड़खल झील बहुत ही खूबसूरत है। यह मानव निर्मित झील है। इसके पास अरावली पर्वत श्रृंखला है। झील में पर्यटक वाटर स्पोर्टस का आनंद ले सकते हैं। यहां से थोड़ी दूरी पर बड़खल गांव है। इस गांव का नाम पर्शियन भाषा से लिया गया है। बड़खल का हिन्दी में अर्थ होता है बिना किसी रूकावट। झील में पानी की आपूर्ति बारिश के पानी और एक छोटी-सी जलधारा से होती है। पर्यटकों के ठहरने के लिए झील के पास रेस्ट हाऊस भी बने हुए हैं। इन रेस्ट हाऊसों में बिना किसी परेशानी के आराम से ठहरा जा सकता है। और यहाँ पर पाराशर ऋषि की तपो भूमि जहाँ पर उन्होंने ने तपस्या की का परशोन मंदिर है जो ठीक अरावली की वादियों मे सिथत है (सूचना शेयर्ड बाई स्वर्गीय श्री हरभजन एवं माँ विमल ब्राह्मण परमात्मा है, क्योंकि ईस्वर हर इंसान के अंदर रहते है)
बाबा फरीद गुम्बद
स्थानीय लोगों के अनुसार बाबा फरीद के नाम पर ही फरीदाबाद का नाम रखा गया है। यहां पर बाबा फरीद की मजार भी बनी हुई है। इसके प्रति स्थानीय लोगों में बड़ी श्रद्धा है। मजार में पूजा करने के लिए प्रतिदिन अनेक श्रद्धालु आते हैं।
सूरज कुण्ड़ पर्यटक परिसर और हस्तशिल्प मेला
दक्षिणी दिल्ली से 8 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह परिसर बहुत ही खूबसूरत है। स्थानीय निवासियों और दिल्ली वालों के लिए यह जगह बेहतरीन पर्यटन स्थल है। फरवरी में यहां पर एक मेले का आयोजन भी किया जाता है। मेले में पर्यटक भारतीय शिल्प कला की शानदार कलाकृतियां देख और खरीद सकते हैं। इसके पास बड़खल झील और मोर झील है। मेला घूमने के बाद पर्यटक इन झीलों के शानदार दृश्य भी देख सकते हैं।[12]
बल्लबगढ़
बल्लबगढ़ फरीदाबाद का सबसे बड़ा शहर है। यंहा 1857 के शहीद राजा नाहर सिंह का महल है। बल्लबगढ़ की प्रमुख कालोनिया इस प्रकार हैं - विजय नगर, आदर्श नगर, चावला कालोनी, भुदत कालोनी, भीकम कालोनी, सुभाष कालोनी। बल्लबगढ़ के प्रमुख स्थान इस प्रकार हैं - आंबेडकर चौक, गुप्ता होटल चौक, पंजाबी धर्मशाला, पंचायत भवन आदि। बल्लबगढ़ से विधानसभा सदस्य मूलचंद शर्मा हैं। मूलचन्द शर्मा हरियाणा सरकार में कैबिनेट मिनिस्टर है।बल्लबगढ़ दिल्ली मेट्रो से जुड़ा हुआ है।[13]
आवागमन
- वायु मार्ग - फरीदाबाद / बल्लबगढ़ में कोई नहीं है। निकटतम हवाई अड्डा नयी दिल्ली इंदिरा गाँधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है। फरीदाबाद सड़क और रेलमार्ग से जुड़ा है।
- रेल मार्ग - रेल से फरीदाबाद आने की लिए आप नयी दिल्ली, पुरानी दिल्ली, हजरत निजामुद्दीन से लोकल EMU सटल पकड़ सकते हैं। फरीदाबाद के प्रमुख रेलवे स्टेशन हैं - पुराना फरीदाबाद, नया फरीदाबाद, बल्लभगढ़। यहाँ बहुत से प्रमुख सुपर फास्ट और शताब्दी ट्रेन भी रूकती हैं। यहां का प्रमुख नजदीकी रेलवे स्टेशन नई दिल्ली रेलवे स्टेशन है। इसके अलावा फरीदाबाद में भी रेलवे स्टेशन है।
- सड़क मार्ग - दिल्ली से फरीदाबाद / बल्लबगढ़ आने की लिए २४ घंटे बस सेवा उपलब्ध हैं। दिल्ली के सराय काले खान ISBT बस अड्डे से किसी भी वक़्त बस पकड़ सकते हैं। इसके अलावा आश्रम चौक से भी बस ले सकते हैं। यह देश के अनेक शहरों से सड़क मार्ग द्वारा जुड़ा हुआ है।