धर्मशाला (Dharamshala) भारत के हिमाचल प्रदेश राज्य के काँगड़ा ज़िले में स्थित एक नगर है। यह ज़िले का मुख्यालय भी है। [3] [4]
धर्मशाला (Dharamshala) भारत के हिमाचल प्रदेश राज्य के काँगड़ा ज़िले में स्थित एक नगर है। यह ज़िले का मुख्यालय भी है।[3][4]
धर्मशाला राज्य की शीतकालीन राजधानी है। यह कांगड़ा नगर से 16 किमी की दूरी पर स्थित है। धर्मशाला के मैक्लॉडगंज उपनगर में केंद्रीय तिब्बती प्रशासन के मुख्यालय हैं, और इस कारण यह दलाई लामा का निवास स्थल तथा निर्वासित तिब्बती सरकार की राजधानी है। धर्मशाला को भारत सरकार के स्मार्ट सिटीज मिशन के अंतर्गत एक स्मार्ट नगर के रूप में विकसित होने वाले सौ भारतीय नगरों में से एक के रूप में भी चुना गया है।[5] ऐसी मान्यता है की नगर का नाम धर्मशाला शब्द से उत्पन्न हुआ है।
इतिहास
काँगड़ा क्षेत्र में ब्रिटिश राज के आगमन से पहले धर्मशाला और इसके आस पास के क्षेत्रों में दो सहस्राब्दियों तक कटोच राजवंश का शासन था। १८१० में सिख राजवंश के महाराज रणजीत सिंह तथा कटोच राजा संसार सिंह कटोच के मध्य हुई ज्वालामुखी की संधि के बाद कटोच केवल काँगड़ा क्षेत्र में स्थानीय जागीरदार रह गए। १८४८ में क्षेत्र पर अंग्रेज़ों ने कब्ज़ा कर लिया था। १८४९ में कांगड़ा जिले के अंदर एक फौजी छावनी के लिए धौलाधार पर्वत की ढलानों पर एक स्थान को चुना गया, जहां एक हिन्दू धर्मशाला स्थित थी।
धर्मशाला का नगर वर्ष १८४९ में कांगड़ा में स्थित सैन्य छावनी के लिए अस्तित्व में आया। वर्ष १८५५ में धर्मशाला को कांगड़ा जिले का मुख्यालय घोषित किया गया था। धर्मशाला में सिविलियन और छावनी क्षेत्र की बढ़ती चहल-पहल को देखते हुए यहां सुविधाएं लोगों को मुहैया करवाने के लिए नगर परिषद बनाने का विचार बना था। पांच मई १८६७ को यहां नगर परिषद अस्तित्व में आई थी।[6] उस समय बनी नगर परिषद की पहली बैठक भी ६ मई १८६७ को तत्कालीन जिलाधीश सीएफ एल्फिनस्टोन की अध्यक्षता में हुई थी।
धर्मशाला के १८६७ में नगर परिषद बनने के बाद यहां सुविधाओं में इजाफा हुआ। १८९६ में धर्मशाला में बिजली भी लोगों मिलनी शुरू हुई थी। तत्पश्चात नगर में कार्यालयों के विकास के अतिरिक्त व्यापार व वाणिज्य, सार्वजनिक संस्थान, पर्यटन सुविधाओं तथा परिवहन गतिविधयों में भी उन्नति हई। वर्ष १९०५ व् १९८६ के भूकम्पों से नगर का बहुत नुकसान हुआ। १९२६ से १९४७ के बीच यहां पर इंटर कॉलेज सहित महाविद्यालय खुला तो वर्ष १९३५ में सिनेमा हाल भी यहां खुला। बढ़ते समय के साथ-साथ सामाजिक सुधारों के साथ संगीत, साहित्य और कला के क्षेत्र में भी यह क्षेत्र कहीं पीछे नहीं रहा। १९६० से महामिहम दलाई लामा का मुख्यालय भी धर्मशाला में स्थित है।
जलवायु
धर्मशाला नगर की जलवायु उप-उष्ण कटिबंधीय है। इस नगर का औसत तापमान १०°सै से ३५°सै तक रहता है, जनवरी माह सबसे ठण्डा व जून माह सबसे गर्म माह रहता है। सर्दियों में यह नगर पर्याप्त धुप का आनंद लेता है। अधिकतर वर्षा जुलाई - सितम्बर माह में होती है, वार्षिक औसत वर्षा १८०० मिमी होती है। हालांकि, सर्दियों में भी पर्याप्त वर्षा होती है। बर्फ कभी - कभी गिरती है, और इससे स्थानीय पहाड़ और घाटी की हवाओं से अन्य नगरों के मौसम पर भी थोडा प्रभाव पडता है। बर्फ की ढकी धौलाधार श्रंखला, हरे-भरे जगंलों से परिपूर्ण इसका पर्यावरण, सुहावना मौसम तथा घाटी का विस्तृत एवं विहंगम दृश्य इसे अत्यंत मनमोहक बना देता है।
| धर्मशाला के जलवायु आँकड़ें
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| माह
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जनवरी
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फरवरी
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मार्च
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अप्रैल
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मई
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जून
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जुलाई
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अगस्त
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सितम्बर
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अक्टूबर
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नवम्बर
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दिसम्बर
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वर्ष
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| उच्चतम अंकित तापमान °C (°F)
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24.7 (76.5)
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28.0 (82.4)
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31.6 (88.9)
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35.6 (96.1)
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38.6 (101.5)
|
38.6 (101.5)
|
42.7 (108.9)
|
37.8 (100)
|
34.8 (94.6)
|
34.6 (94.3)
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26.6 (79.9)
|
27.2 (81)
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42.7 (108.9)
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| औसत उच्च तापमान °C (°F)
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14.5 (58.1)
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16.6 (61.9)
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21.1 (70)
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26.2 (79.2)
|
30.5 (86.9)
|
31.4 (88.5)
|
27.2 (81)
|
26.3 (79.3)
|
26.3 (79.3)
|
24.8 (76.6)
|
20.7 (69.3)
|
16.7 (62.1)
|
23.5 (74.3)
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| औसत निम्न तापमान °C (°F)
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5.9 (42.6)
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7.7 (45.9)
|
11.8 (53.2)
|
16.3 (61.3)
|
20.1 (68.2)
|
21.8 (71.2)
|
20.7 (69.3)
|
20.2 (68.4)
|
18.7 (65.7)
|
15.3 (59.5)
|
10.7 (51.3)
|
7.4 (45.3)
|
14.7 (58.5)
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| निम्नतम अंकित तापमान °C (°F)
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−1.9 (28.6)
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−1.6 (29.1)
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2.4 (36.3)
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7.3 (45.1)
|
8.8 (47.8)
|
12.8 (55)
|
15.1 (59.2)
|
14.1 (57.4)
|
11.2 (52.2)
|
8.0 (46.4)
|
4.8 (40.6)
|
−1.0 (30.2)
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−1.9 (28.6)
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| औसत वर्षा मिमी (इंच)
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114.5 (4.508)
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100.7 (3.965)
|
98.8 (3.89)
|
48.6 (1.913)
|
59.1 (2.327)
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202.7 (7.98)
|
959.7 (37.783)
|
909.2 (35.795)
|
404.8 (15.937)
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66.3 (2.61)
|
16.7 (0.657)
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54.0 (2.126)
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3,054.4 (120.252)
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| स्रोत: India Meteorological Department (record high and low up to 2010)[7]
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भूगोल
समुद्र तल से १४०० मी की ऊंचाई पर उत्तरी अक्षांश २३°–१३’–००” और पूर्वी देशांतर ७६°–१९’–००” पर धर्मशाला नगर स्थित है। राजस्व दस्तावेजों के अनुसार नगर ८५१ हैक्टेयर क्षेत्र में फैला हुआ है। धौलाधार के उभरे हुए खण्ड पर स्थित इस नगर से सम्पूर्ण कांगड़ा घाटी दिखाई पड़ती है। धर्मशाला का उत्तरी भाग हरे जंगलों से घिरा हुआ है, पश्चिम में ढलानदार कृषि के खेत हैं, तथा पूर्व व दक्षिण में धौलाधार की सम्मोहक घाटयों के शीर्ष पर विकास हुआ है। शहर मुख्य जीवनदायिनी सड़को के साथ - साथ तेजी से फैल रहा है। पहाड़ की तरफ भौतिक-भौगोलिक रूकावटों के कारण नगर का विकास सामान्यतः घाटी की तरफ हो रहा है। भूगर्भ शास्त्रानुसार यह नगर भूकम्प सम्बन्धी पट्टिका संख्या -४ की दोषपूर्ण रेखा के निकट पड़ता है, जो भूकम्प प्रवृत्तियुक्त क्षेत्र है। हिमालय के बीच में धौलाधार पर्वत श्रंखला के धरातल पर स्थित सामान्यतः इसकी तलछटी चट्टानें है। ऊपरी तह संगिठत रेत, बाढ़ की जमी हुई मिट्टी व गोल चिकने कंकरो का मिश्रण है, जो चट्टानों के आधार पर टिकी है ।
आवागमन
स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत नगर में एक रिंग मार्ग, तथा एक सुरंग का निर्माण प्रस्तावित है।[8]
पर्यटन
धर्मशाला तिब्बती शरणार्थियों का निवास-स्थान है। यह नगर ऐतिहासिक डल झील, खनियारा व कंजार महादेव मेले एवं कुणाल पत्थरी मंदिर के लिए जाना जाता है।
इन्हें भी देखिए
- केंद्रीय तिब्बती प्रशासन
- मैक्लॉडगंज
- काँगड़ा ज़िला
- हिमाचल प्रदेश Jama Masjid K B Dharamsala
विस्तृत पठन
- रोज़, नांसी होटज़लेन (१९९५). Living Tibet: The Dalai Lama in Dharamsala [जीवित तिब्बत: धर्मशाला में दलाई लामा] (अंग्रेज़ी भाषा में). स्नो लायन पब्लिकेशन्स.
- रसेल, जेरेमी (२०००). Dharamsala, Tibetan Refuge [धर्मशाला, तिब्बती शरणागाह] (अंग्रेज़ी भाषा में). लस्टर प्रेस.
- डील, कैला (२००२). Echoes from Dharamsala: Music in the Life of a Tibetan Refugee Community [धर्मशाला से गूंज: तिब्बती शरणार्थी समुदाय के जीवन में संगीत] (अंग्रेज़ी भाषा में). यूनिवर्सिटी ऑफ़ कैलिफोर्निया प्रेस.