संजय दत्त (जन्म २९ जुलाई १९५९) एक भारतीय अभिनेता और फ़िल्म निर्माता हैं जिन्हें हिन्दी सिनेमा में उनके काम के लिए जाना जाता है। वो थोड़े-बहुत राजनीति से भी जुड़े हुए हैं दत्त प्रसिद्ध फ़िल्म कलाकार एवं राजनीतिज्ञ सुनील दत्त एवं अभिनेत्री नर्गिस के पुत्र हैं। उन्होंने हिन्दी फ़िल्मों में सन् १९८१ में काम करना आरम्भ किया। उसके बाद उन्होंने कई प्रसिद्ध हिन्दी फ़िल्मों में अभिनय किया। उन्होंने फ़िल्मों में प्रेमी, हास्य जैसे अभिनय भी किये और अपराधी, ठग और पुलिस अधिकारी का अभिनय भी किया जिसके लिए अपने प्रशंसकों और फ़िल्म समालोचकों से अभूतपूर्व प्रशंसा प्राप्त की।
संजय दत्त (जन्म २९ जुलाई १९५९) एक भारतीय अभिनेता और फ़िल्म निर्माता हैं जिन्हें हिन्दी सिनेमा में उनके काम के लिए जाना जाता है। वो थोड़े-बहुत राजनीति से भी जुड़े हुए हैं दत्त प्रसिद्ध फ़िल्म कलाकार एवं राजनीतिज्ञ सुनील दत्त एवं अभिनेत्री नर्गिस के पुत्र हैं। उन्होंने हिन्दी फ़िल्मों में सन् १९८१ में काम करना आरम्भ किया। उसके बाद उन्होंने कई प्रसिद्ध हिन्दी फ़िल्मों में अभिनय किया। उन्होंने फ़िल्मों में प्रेमी, हास्य जैसे अभिनय भी किये और अपराधी, ठग और पुलिस अधिकारी का अभिनय भी किया जिसके लिए अपने प्रशंसकों और फ़िल्म समालोचकों से अभूतपूर्व प्रशंसा प्राप्त की।
व्यक्तिगत जीवन
दत्त का जन्म २९ जुलाई १९५९ को बॉलीवुड सितारों सुनील दत्त और नर्गिस के घर हुआ।[2] उनकी दो बहनें हैं- प्रिया दत्त और नम्रता दत्त।[3][4] उनकी शिक्षा कसौली के पास लॉरेंस स्कूल, सनावर में हुई।[5] उनकी माँ का मई १९८१ में, उनकी पदार्पण फ़िल्म के प्रथम प्रदर्शन से तीन दिन पहले निधन हो गया। उन्हें फ़िल्मों में उनके विभिन्न अभिनयों सहित उनके विवादित कार्यों मादक पदार्थों के सेवन आदि के लिए जाना जाता है।[6][7] उन्हें १९८२ में अवैध मादक पदार्थ रखने के आरोप में ५ माह की कारावास की सजा हुई थी। हवालात से निकलने के बाद उन्होंने २ वर्ष संयुक्त राज्य अमेरिका में व्यतीत किये। उनका अमेरिका में अधिकतर समय टेक्सास रेहाब क्लिनिक (टेक्सास पुनर्वसन क्लिनिक) में गुजरा। उसके बाद उन्होंने पुनः भारत आकर अपने कैरियर की ओर ध्यान दिया।
दत्त ने १९८७ में ऋचा शर्मा के साथ विवाह किया।[8] शर्मा की ब्रेन ट्यूमर (मस्तिष्क की गाँठ) के कारण १९९६ में मृत्यु हो गई।[9] इस दम्पति के घर में १९८८ में एक लड़की ने जन्म लिया जिसका नाम त्रिशाला है और वो दत्त की पत्नी की मृत्यु और उनकी हिरासत के बाद अपने नाना-नानी के साथ संयुक्त राज्य अमेरिका में रहती है।[10] दत्त का दूसरा विवाह मॉडल रिया पिल्लई के साथ १९९८ में हुआ।[11] २००५ में उनका तलाक हो गया। दत्त ने दो वर्ष डेटिंग करने के बाद[12] २००८ में गोवा में एक निजी दावत में मान्यता (जन्म का नाम: दिलनवाज़ शेख) के साथ विवाह किया।[13] २१ अक्टूबर २०१० वो दो जुड़वा बच्चों के पिता बने जिनमें लड़के का नाम शहरान और लड़की का नाम इक़रा रखा।[14]
फ़िल्मी जीवन
१९७२—१९९३
एक बाल कलाकार के रूप में उन्होंने अपने पिता द्वारा निर्मित फ़िल्म रेशमा और शेरा में १९७२ में पदार्पण किया; इस फ़िल्म में वो एक कवाली गायक के रूप में दिखाई दिये। दत्त ने १९८१ में फ़िल्म रॉकी से बॉलीवुड में पदार्पण किया। वो १९८२ की सर्वाधिक कमाई वाली फ़िल्म विधाता से फ़िल्मी-सितारे बने। १९८५ में उनकी फ़िल्म जान की बाज़ी प्रदर्शित हुई। इसके अलावा दत्त ने कई सफल फ़िल्मों जैसे मैं आवारा हूँ (१९८३), जीवा (१९८६), मेरा हक़ (१९८६), ईमानदार, इनाम दस हज़ार (१९८७), जीते हैं शान से (१९८७), मर्दों वाली बात (१९८८), इलाका (१९८९), हम भी इंसान हैं (१९८९), कानून अपना अपना (१९८९) और ताकतवर (१९८९) में अभिनय किया।
वर्ष १९८६ की फ़िल्म नाम से उन्होंने समालोचकों से भी प्रशंसा प्राप्त की और विकी कपूर के रूप में अपनी संवेदनशील अग्रणी भूमिका के लिए प्रशंसा अर्जित की। उन्होंने महेश भट्ट की फ़िल्म कब्ज़ा (1१९८८) और जे पी दत्ता की फ़िल्म हथियार (१९८९) के लिए भी समालोचकों से प्रशंसा प्राप्त की।[15][16]
१९९९—वर्तमान
१९९९ का वर्ष उनके लिये वापसी का दौर रहा। उसी वर्ष उनकी फ़िल्म वास्तव के लिये उन्हें पहला फ़िल्म फेयर पुरस्कार मिला। उनकी सबसे सफल फ़िल्म लगे रहो मुन्ना भाई २००६ के उत्तरार्द्ध में प्रदर्शित हुई। इस फ़िल्म के लिए उन्हें उनके मुन्ना भाई के अभिनय के लिए विभिन्न पुरस्कारों सहित भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ॰ मनमोहन सिंह से भी पुरस्कार मिला।[17]
अन्य गतिविधियाँ
बिग बॉस ५
संजय दत्त ने सलमान खान के साथ बिग बॉस के पाँचवें संस्करण की मेजबानी की। यह कार्यक्रम कलर्स टीवी पर २ अक्टूबर २०११ से ७ जनवरी २०१२ तक प्रदर्शित हुआ।[18] बाद में दत्त ने बताया कि सलमान खान ने शो की मेजबानी करने के लिए उन्हें राजी किया था।[19]
सुपर फाइट लीग
संजय दत्त और आईपीएल टीम के मालिक उद्यमी राज कुंद्रा ने साथ में १६ जनवरी २०१२ को भारत की प्रथम पेशेवर संगठित युग्ल सामरिक कला सुपर फाइट लीग की स्थापना की।[20]
विवाद
१९९३—२००६
मुम्बई में 1993 में शृंखलाबद्ध बम विस्फोट हुए। संजय दत्त बॉलीवुड के उन कुछ लोगों में से एक थे, जिनपर अप्रैल १९९३ के बम विस्फोटों में शामील होने का आरोप लगा। उन्हें टाडा नियमों के अनुसार गिरफ्तार किया गया।[21][22][23] दत्त को भारतीय उच्च न्यायालय से अक्टूबर १९९५ में जमानत मिल गई लेकिन दिसम्बर १९९५ में उन्हें पुनः गिरफ्तार कर लिया गया। अप्रैल १९९७ में उन्हें पुनः जमानत में मुक्त कर दिया गया।[24]
यह मामला २००६ में न्यायालय में आया और दत्त को रियाज़ सिद्दिक़ी, जो मुम्बई बम विस्फोटों के दोषी पाये गये, के साथ अबु सलेम से अपने घर पर हथियारों को रखने का दोषी पाया गया।[25] यह दावा किया गया कि हथियार आतंकवादियों से जुड़े हथियारों की एक बड़ी खेप का हिस्सा थे।[23] २००६-२००७ के दौरान दत्त को सात माह ऑर्थर रोड जेल और अपराधों के लिए तीन अवसरों पर पुणे जेल में जाना पड़ा।[26]
२००७-२००९
अब्दुल क़य्यूम अब्दुल करिम शैख, जिन्हें आतंकवादियों के सरगना दाउद इब्राहिम के करीबी सहयोगी माना जाता था, को गिरफ्तार किया गया।[27] दत्त ने हथियार रखने की बात को स्वीकार करते हुए क़य्यूम का नाम पुलिस को बताया था और कहा था कि सितम्बर १९९२ वो दुबई में क़य्यूम से पिस्तौल लाये थे।[28]
३१ जुलाई २००७ को टाडा अदालत ने संजय दत्त को अवैध हथियार रखने का आरोपी पाया, हालांकि मुम्बई विस्फोटों में शामिल होने के आरोपों से बरी कर दिया गया।[23][29] दत्त पुनः ऑर्थर जेल में आ गये और शीघ्र ही उन्हें पुणे की यरवदा केंद्रीय कारागार में भेज दिया गया।[23][30] संजय ने सजा के खिलाफ अपील की[31] और 20 अगस्त 2007 को अंतरिम जमानत मिल गई, उसी समय टाडा अदालत ने उन्हें अपने फैसले की एक प्रति प्रदान की।[32] 22 अक्टूबर 2007 को संजय वापस जेल में चले गये, जहाँ से उन्होंने फिर से जमानत के लिए आवेदन दिया। 27 नवंबर 2007 को, संजय को सर्वोच्च न्यायालय ने जमानत दे दी थी।[33] 21 मार्च 2013 को सुप्रीम कोर्ट ने टाडा अदालत के फैसले को बरकरार रखा, लेकिन सजा कम कर पांच साल की कारावास कर दिया। जिनमें से 18 महीने वह मुकदमे के दौरान पहले ही जेल में बिता चुके थे। उन्हें अधिकारियों को आत्मसमर्पण करने के लिए चार सप्ताह दिए गए थे, अदालत ने अपराध की गंभीरता के कारण उन्हें प्रोबेशन पर रिहा करने से इनकार कर दिया था।[34]
16 मई 2013 को उन्होंने मुंबई पुलिस को आत्मसमर्पण कर दिया। संजय दत्त को यरवदा केंद्रीय कारागार में रखा गया। [35] उन्हें 21 दिसंबर 2013 में पैरोल मिल गई। पैरोल को मार्च 2014 तक तीन बार बढ़ाया गया, जिस पर बंबई उच्च न्यायालय ने चिंता जताई और महाराष्ट्र सरकार से पैरोल के कानून में संशोधन करने का प्रस्ताव दिया। वह पेरोल समाप्त होने के बाद यरवदा जेल लौट आये। 24 दिसंबर को यरवदा सेंट्रल जेल अधिकारियों द्वारा दी गई दो हफ्ते की फरलो (थोड़े दिन की छुट्टी) पर संजय बाहर रहे। उन्होंने कहा, "मेरा 18 किलोग्राम कम हो गया है। अब अगर मैं और अधिक वजन गिरा, तो शायद गायब ही हो जाऊंगा।" 25 फरवरी 2016 को संजय दत्त को उनके अच्छे व्यवहार कि चलते जेल की अवधि पूरी होने से पूर्व रिहा कर दिया गया।[36] थे।
लोकप्रिय संस्कृति में
संजय दत्त के जीवन पर आधारित एक बायोपिक फिल्म संजू बनाया गया है,[37] जिसमें रणबीर कपूर ने प्रमुख भुमिका निभाई है।[38] फ़िल्म 29 जून 2018 को प्रदर्शित हुई।[39]
फ़िल्में
पुरस्कार एवं नामांकन
संजय दत्त की फ़िल्में
संजय दत्त (जन्म २९ जुलाई १९५९) भारतीय फ़िल्म अभिनेता, निर्माता और राजनीतिज्ञ हैं। उन्हें मुख्यतः हिन्दी फ़िल्मों में उनके योगदानों के लिए जाना जाता है। वो फ़िल्म अभिनेता सुनील दत्त और अभिनेत्री नर्गिस के पुत्र हैं जिन्होंने १९८१ में फ़िल्मों में पदार्पण किया।
फ़िल्में
अभिनेता
| वर्ष |
फ़िल्म |
अभिनय |
टिप्पणी
|
| १९७१ |
रेशमा और शेरा |
कव्वाली गायक |
बाल कलाकार
|
| १९८१ |
रॉकी |
राकेश/रॉकी डीसूज़ा |
फ़िल्मों में पदार्पण
|
| १९८२ |
विधाता |
कुणाल सिंह |
| जॉनी आई लव यू |
राजु एस॰ सिंह/जॉनी |
| १९८३ |
मैं आवारा हूँ |
संजीव 'संजू' कुमार |
| बेकरार |
श्याम |
| १९८४ |
मेरा फैसला |
राज सक्सेना |
पुलिस निरीक्षक
|
| ज़मीन आसमान |
| १९८५ |
जान की बाज़ी |
| दो दिलों की दास्तान |
विजय कुमार सक्सेना |
| १९८६ |
मेरा हक़ |
प्रिंस अमर सिंह |
| जीवा |
जीवा/जीवन ठाकुर |
| नाम |
विकी कपूर |
| १९८७ |
नाम-ओ-निशान |
पुलिस निरीक्षक सुरज एस॰ सिंह |
| इनाम दस हज़ार |
कमाल मल्होत्रा |
| ईमानदार |
राजेश 'राजू' |
| १९८८ |
जीते हैं शान से |
गोविन्दा |
| मोहब्बत के दुश्मन |
हासिम |
| खतरों के खिलाड़ी |
राजेश |
| कब्ज़ा |
रवि वर्मा |
| मर्दों वाली बात |
टिंकू |
| १९८९ |
ताकतवर |
पुलिस निरीक्षक अमर शर्मा |
| कानून अपना अपना |
रवि |
| हम भी इंसान हैं |
भोला |
| हथियार |
अविनाश |
| दो कैदी |
मंजू |
| इलाका |
पुलिस निरीक्षक सुरज वर्मा |
पुलिस निरीक्षक
|
| १९९० |
ज़हरीले |
राकेश 'राका' राय |
| तेजा |
तेजा/संजय |
| खतरनाक |
सुरज 'सुन्नी' |
| जीने दो |
करमवीर |
| क्रोध |
विजय 'मुन्ना' 'विज्जू' वी॰ शुक्ला |
| थानेदार |
बृजेन्द्र चन्देर (बिरजू) |
पुलिस निरीक्षक
|
| १९९१ |
सड़क |
रवि |
| कुरबानी रंग लायेगी |
राज किशन |
| खून का कर्ज़ |
अर्जुन |
पुलिस निरीक्षक
|
| फ़तेह |
करण |
| योद्धा |
सुरज |
| दो मतवाले |
अजय 'जेम्स बोण्ड ००९' |
| साजन |
अमन वर्मा/सागर |
नामित: फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार
|
| १९९२ |
जीना मरना तेरे संग |
राजा |
| अधर्म |
विकी वर्मा |
| साहेबज़ादे |
राजा |
| सरफिरा |
सुरेश सिन्हा |
| य़लगार |
विशाल सिंघल |
| १९९३ |
साहिबाँ |
कुँवर विजय पाल सिंह/बुढ़ा वाचक |
| खलनायक |
बलराम प्रसाद "बल्लू" |
नामित: फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार
|
| क्षत्रिय |
विक्रम सिंह (मिरतागढ) |
| गुमराह |
जगन नाथ (जग्गू) |
| १९९४ |
ज़माने से क्या डरना |
विक्रम 'विकी' वी॰ सिंह |
| इन्साफ अपने लहू से |
राजु |
| आतिश |
बाबा |
| अमानत |
विजय |
| १९९५ |
जय विक्रान्ता |
विक्रान्ता ए॰ सिंह |
| आंदोलन |
आदर्श प्रधान |
| १९९६ |
नमक |
गोपाल |
| विजेता |
अधिवक्ता अशोक |
| १९९७ |
महानता |
संजय 'संजू' मल्होत्रा |
| दस |
कैप्टेन राजा सेठी |
अधूरी फिल्म
|
| दौड़ |
नंदू |
| १९९८ |
दुश्मन |
मेजर सुरज सिंह राठौड़ |
| १९९९ |
दाग |
कैप्टेन करण सिंह |
| कारतूस |
राजा/जीत बलराज |
| सफारी |
किशन 'कैप्टेन' जतिन खन्ना |
| हसीना मान जायेगी |
सोनू |
| वास्तव |
रघु |
विजेता: फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार
|
| खूबसूरत |
संजू (संजय शास्त्री) |
| २००० |
खौफ़ |
एंथनी/विकी/बाबू |
| बाग़ी |
राजा |
| चल मेरे भाई |
विकी ओबेराय |
| जंग |
बाल्ली |
| मिशन कश्मीर |
एस॰एस॰पी॰ इनायत खान |
नामित: फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार
|
| कुरुक्षेत्र |
ए॰सी॰पी॰ पृथ्वीराज सिंह |
| २००१ |
जोड़ी नं॰ 1 |
जय |
| २००२ |
पिता |
रुद्र |
| हम किसी से कम नहीं |
मुन्ना भाई |
| मैंने दिल तुझको दिया |
भाई-जान |
| हथियार |
रोहित रघुनाथ शिवाल्कर/रघुनाथ नामदेव शिवाल्कर |
| अनर्थ |
इक़बाल डंगर |
| काँटे |
जय 'अज्जु' रेहान |
नामित: फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता पुरस्कार
|
| २००३ |
एक और एक ग्यारह |
सितारा |
| एलओसी कारगिल |
लेफ्टिनेंट कर्नल वाय॰ के॰ जोशी, १३ जे॰ ए॰ राइफल्स |
| मुन्ना भाई एमबीबीएस |
मुरली प्रसाद शर्मा (मुन्ना भाई) |
विजेता: फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ हास्य अभिनेता पुरस्कार
|
| २००४ |
प्लान |
मुस्साभाई |
| रुद्राक्ष |
वरुण |
| रक्त |
राहुल |
| दीवार |
खान |
| मुसाफ़िर |
बिल्ला |
| २००५ |
परिणीता |
गिरीश शर्मा |
नामित: फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता पुरस्कार
|
| दस |
सिद्धांत धीर |
| शादी नम्बर वन |
लखविंदर 'लकी' सिंह लाखा |
| शब्द |
शौकत वशिष्ट |
| २००६ |
ज़िन्दा |
बलजीत 'बाला' रॉय |
| तथास्तु |
रवि राजपूत |
| एन्थनी कौन है? |
मास्टर मदन |
| लगे रहो मुन्ना भाई |
मुरली प्रसाद शर्मा (मुन्ना भाई) |
नामित: फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार
|
| २००७ |
नेहले पे देहला |
जोनी |
| सरहद पार |
रणजीत सिंह |
| शूट आउट एट लोखंडवाला |
एसीपी शमशेर खान |
| धमाल |
इंस्पेक्टर कबीर नायक |
| २००८ |
मेहबूबा |
श्रवण 'एस डी' धारिवाल |
| किडनैप |
विक्रम रैना |
| लक |
करिम मौस्सा |
| २००९ |
अलादीन |
विशेष अतिथि |केमियो अभिनय |
| ब्लू |
सागर 'सेठजी' सिंह |
| ऑल द बेस्ट |
धरम कपूर |
| २०१० |
लम्हा |
विक्रम सभरवाल/गुल जहाँगीर |
| नोक आउट |
वीर विजय सिंह |
| नो प्रौब्लम |
यश अम्बानी |
| २०११ |
डबल धमाल |
कबीर नायक |
| चतुर सिंह टू स्टार |
चतुर सिंह |
| रास्कल्स |
चेतन चौहान |
| २०१२ |
अग्निपथ |
काँचा चीना |
| डिपार्टमेंट |
महादेव भोंसले |
| सन ऑफ़ सरदार |
बिल्लू |
| २०१३ |
सन ऑफ़ सरदार |
एसपी प्रीतम सिंह |
| पोलीसगिरी |
डीसीपी रुद्र आदित्य देवराज (बाबा) |
| ज़ंजीर |
शेर खान |
| २०१४
|
उंगली
|
एसीपी काले
|
| पीके
|
भैरोंसिंह
|
| 2022
|
सम्राट पृथ्वीराज
|
| 2022
|
शमशेरा
|
|
2023
|
जवान
|
निर्माता
- शोर्टकट (२०१०)
- रास्कल्स (२०११)
धारावाहिक
संजय दत्त को मिले पुरस्कार और नामांकनों की सूची
यह भारतीय फ़िल्म अभिनेता संजय दत्त के पुरस्कार और नामांकनों की सूची है।
फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार
- १९९२: नामित, फ़िल्म सड़क के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता।
- १९९४: नामित, फ़िल्म खलनायक के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता।
- २०००: विजेता, फ़िल्म वास्तव के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता
- २००१: नामित, फ़िल्म मिशन कश्मीर के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता
- २००३: नामित, फ़िल्म काँटे के लिए सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता
- २००४: विजेता, फ़िल्म मुन्ना भाई एमबीबीएस के लिए सर्वश्रेष्ठ हास्य अभिनेता।
- २००६: नामित, फ़िल्म परिणिता के लिए सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता।
- २००७: नामित, फ़िल्म लगे रहो मुन्ना भाई के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता
स्टार स्क्रीन पुरस्कार
- २०००: विजेता, फ़िल्म वास्तव के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता।
- २००१: नामित, फ़िल्म कुरुक्षेत्र के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता।
- २००१: विजेता, फ़िल्म मिशन कश्मीर के लिए सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता।
- २००४: नामित, फ़िल्म मुन्ना भाई एमबीबीएस के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता।
- २००५: नामित, फ़िल्म मुसाफ़िर के लिए सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता।
अंतर्राष्ट्रीय भारतीय फ़िल्म अकादमी पुरस्कार
- २०००: विजेता, फ़िल्म वास्तव के लिए "अग्रणी भूमिका में कलात्मक उत्कृष्टता, अभिनेता का पुरस्कार" श्रेणी में।
- २००१: नामित, फ़िल्म मिशन कश्मीर के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता।
- २००७: नामित, फ़िल्म लगे रहो मुन्ना भाई के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता।[1]
- २०१०: विजेता, फ़िल्म ऑल द बेस्ट के लिए हास्य भूमिका में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन[2]
ग्लोबल इंडियन फिल्म अवार्ड
- २००६: विजेता, फ़िल्म लगे रहो मुन्ना भाई के लिए ग्लोबल इंडियन फिल्म अवार्ड, क्रिटिक्स च्वाइसपुरस्कार - सर्वश्रेष्ठ अभिनेता (पुरुष)[3]
स्टारडस्ट पुरस्कार
- २००४: विजेता, फ़िल्म मुन्ना भाई एमबीबीएस के लिए वर्ष के सितारे के लिए स्टारडस्ट पुरस्कार - पुरुष।
- २००७: विजेता, फ़िल्म लगे रहो मुन्ना भाई के लिए वर्ष के सितारे के लिए स्टारडस्ट पुरस्कार - पुरुष।[4]
- २०१३: विजेता, फ़िल्म अग्निपथ में सर्वश्रेष्ठ खलनायक की भूमिका के लिए स्टारडस्ट पुरस्कार।[5]
ज़ी सिने अवार्ड
- २००१: विजेता, फ़िल्म मिशन कश्मीर के लिए ज़ी प्रीमियर चॉइस- पुरुष
- २००७: विजेता, फ़िल्म लगे रहो मुन्ना भाई के लिए ज़ी सिने अवार्ड क्रिटिक अवार्ड्स – सर्वश्रेष्ठ अभिनेता (पुरुष) क्रिटिक अवार्ड्स।[6]
बॉलीवुड मूवी अवार्ड
- २००३: विजेता, फ़िल्म काँटे के लिए बॉलीवुड फ़िल्म पुरस्कार - क्रिटिक अवार्ड्स पुरुष।
- २००४: विजेता, फ़िल्म मुन्ना भाई एमबीबीएस के लिए बॉलीवुड फ़िल्म पुरस्कार - सबसे सनसनीखेज अभिनेता।
बंगाल फिल्म पत्रकार संघ पुरस्कार
- २००४: विजेता, फ़िल्म मुन्ना भाई एमबीबीएस के लिए बंगाल फ़िल्म पत्रकार संघ - सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार (हिन्दी)।[7]
अन्य पुरस्कार
- २००४: विजेता बॉलीवुड फैशन पुरस्कारों में प्रतिष्ठित शैली पुरूष