अनिरुद्धाचार्य भारतीय हिंदू कथावाचक और धार्मिक वक्ता हैं। वे भागवत कथा, धार्मिक प्रवचनों और वृंदावन के गौरी गोपाल आश्रम से जुड़े कार्यों के लिए जाने जाते हैं। उनके प्रवचन सार्वजनिक कार्यक्रमों के साथ डिजिटल माध्यमों पर भी प्रसारित होते हैं। [6] जीवन और धार्मिक अध्ययन उनका जन्म 27 सितंबर 1989 को मध्य प्रदेश के जबलपुर में हुआ। प्रकाशित परिचयों में उनका जन्म नाम अनिल राम तिवारी बताया गया है। बचपन में वे धार्मिक वातावरण से जुड़े और बाद में गीता तथा रामायण जैसे ग्रंथों के अध्ययन की ओर बढ़े। [4] उनके सार्वजनिक परिचय में पत्नी आरती तिवारी और दो पुत्रों का…
अनिरुद्धाचार्य भारतीय हिंदू कथावाचक और धार्मिक वक्ता हैं। वे भागवत कथा, धार्मिक प्रवचनों और वृंदावन के गौरी गोपाल आश्रम से जुड़े कार्यों के लिए जाने जाते हैं। उनके प्रवचन सार्वजनिक कार्यक्रमों के साथ डिजिटल माध्यमों पर भी प्रसारित होते हैं।[6]
जीवन और धार्मिक अध्ययन
उनका जन्म 27 सितंबर 1989 को मध्य प्रदेश के जबलपुर में हुआ। प्रकाशित परिचयों में उनका जन्म नाम अनिल राम तिवारी बताया गया है। बचपन में वे धार्मिक वातावरण से जुड़े और बाद में गीता तथा रामायण जैसे ग्रंथों के अध्ययन की ओर बढ़े।[4]
उनके सार्वजनिक परिचय में पत्नी आरती तिवारी और दो पुत्रों का उल्लेख है। उनके धार्मिक प्रवचनों का विषय भागवत पुराण और अन्य हिंदू ग्रंथ रहे हैं।[1]
कथा और सार्वजनिक कार्यक्रम
अनिरुद्धाचार्य देश के अलग-अलग स्थानों पर धार्मिक कथा और प्रवचन करते हैं। लंबे कार्यक्रमों के साथ उनके प्रश्नोत्तर और छोटे वीडियो अंश भी सोशल मीडिया पर प्रसारित होते हैं। इंटरनेट पर इन अंशों की लोकप्रियता ने उन्हें उन दर्शकों तक भी पहुँचाया जो पूरा कथा कार्यक्रम नहीं देखते।[5]
गौरी गोपाल आश्रम
वे वृंदावन स्थित गौरी गोपाल आश्रम से जुड़े हैं। आश्रम की गतिविधियों में वृद्धजनों की देखभाल, भोजन सेवा और पशु सेवा का उल्लेख मिलता है। धार्मिक कार्यक्रमों से अलग ये गतिविधियाँ उनके संस्थागत और सामाजिक कार्य का हिस्सा हैं।[9]
आश्रम में सामुदायिक भोजन की व्यवस्था भी की जाती है। सार्वजनिक जीवन से जुड़े कई लोगों के वहाँ जाने की खबरें प्रकाशित हुई हैं। धार्मिक प्रवचन और आश्रम की सेवाएँ उनके कार्य के दो संबंधित पक्ष हैं।[11]
टेलीविज़न और डिजिटल उपस्थिति
2024 में वे लाफ़्टर शेफ़्स—अनलिमिटेड एंटरटेनमेंट कार्यक्रम में अतिथि के रूप में दिखाई दिए। उसी वर्ष वे बिग बॉस 18 के उद्घाटन कार्यक्रम में भी अतिथि बने और सलमान खान को भगवद्गीता की प्रति भेंट की। अतिथि के रूप में दिखाई देना उस कार्यक्रम के नियमित प्रतियोगी बनने से अलग था।[18]
सार्वजनिक आलोचना
उनकी कुछ टिप्पणियों पर सार्वजनिक विवाद हुए हैं। महिलाओं और विवाह से संबंधित एक टिप्पणी के प्रसार के बाद 2025 में आलोचना हुई और उन्होंने माफ़ी माँगी। ऐसी घटनाएँ उनके धार्मिक कार्यक्रमों के अतिरिक्त मीडिया में चर्चा का विषय बनीं।[20]
उनके कथनों के छोटे वीडियो अंशों पर प्रतिक्रियाएँ और इंटरनेट मीम भी बने हैं। उनके सार्वजनिक प्रभाव को समझने में पूरे प्रवचन, प्रसारित अंश और उन पर हुई प्रतिक्रियाओं को अलग-अलग देखना आवश्यक है।[24]