मनु भाकर (जन्म: 18 फ़रवरी 2002) ने पेरिस ओलंपिक 2024 की 10 मीटर एयर पिस्टल प्रतिस्पर्धा और 10 मीटर मिक्सड डबल्स में कांस्य पदक जीता है। मनु भाकर एक ही ओलंपिक में दो पदक जीतने वाली इकलौती एथलीट हैं । 2018 के आईएसएसएफ वर्ल्ड कप में उन्होंने भारत के लिए दो स्वर्ण पदक जीते. इस प्रतिस्पर्धा में स्वर्ण जीतने वाली वे भारत की सबसे कम उम्र की महिला हैं. मनु ने महज 16 साल की उम्र में 2018 के राष्ट्रमंडल खेलों में एयर पिस्टल स्पर्धा में दो स्वर्ण पदक जीते हैं । पेरिस ओलंपिक 2024 में प्रदर्शन 26 जुलाई से शुरु हो चुके पेरिस ओलंपिक में 10 मीटर एयर पिस्टल विमेंस इवेंट…
मनु भाकर (जन्म: 18 फ़रवरी 2002) ने पेरिस ओलंपिक 2024 की 10 मीटर एयर पिस्टल प्रतिस्पर्धा और 10 मीटर मिक्सड डबल्स में कांस्य पदक जीता है। मनु भाकर एक ही ओलंपिक में दो पदक जीतने वाली इकलौती एथलीट हैं । 2018 के आईएसएसएफ वर्ल्ड कप में उन्होंने भारत के लिए दो स्वर्ण पदक जीते. इस प्रतिस्पर्धा में स्वर्ण जीतने वाली वे भारत की सबसे कम उम्र की महिला हैं. मनु ने महज 16 साल की उम्र में 2018 के राष्ट्रमंडल खेलों में एयर पिस्टल स्पर्धा में दो स्वर्ण पदक जीते हैं ।
पेरिस ओलंपिक 2024 में प्रदर्शन
26 जुलाई से शुरु हो चुके पेरिस ओलंपिक में 10 मीटर एयर पिस्टल विमेंस इवेंट में भारतीय निशानेबाज मनु भाकर ने भारत को पेरिस ओलंपिक का पहला कांस्य मेडल दिला दिया है। मनु भाकर ओलंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला निशानेबाज बनीं। [1]मनु भाकर द्वारा 30 जुलाई को सरोबजीत सिंह के साथ 10मीटर एयर पिस्टल मिश्रित युगल का कांस्य पदक जीता गया ।इस प्रकार मनु भाकर ने एक ओलंपिक में दो पदक जीतने वाली पहली भारतीय बनकर इतिहास रच दिया । पेरिस 2024 में महिलाओं की 25 मीटर एयर पिस्टल फाइनल में मनु भाकर 28 अंकों के साथ चौथे स्थान पर रहीं। [2]
व्यक्तिगत जीवन
मनु का जन्म हरियाणा के झज्जर ज़िले के गोरिया गाँव के एक ग्रामीण परिवार में हुआ. इनके पिता मरीन इंजीनियर और माँ स्कूल में प्रिंसिपल हैं. ये बचपन में निशानेबाजी के साथ मुक्केबाज़ी, एथलेटिक्स, स्केटिंग और जूडो कराटे भी खेलती थीं. जब मनु की उम्र 18 साल से कम थी तब उनके पिता ने अपनी नौकरी छोड़ दी और अपनी लाइसेंसी पिस्टल के साथ बेटी को प्रशिक्षण के लिए छोड़ने जाने लगे. किसी नाबालिग के लिए सार्वजनिक परिवहन में यात्रा के दौरान पिस्टल साथ ले जाना अवैध है.[3] भाकर को 2012 ओलंपिक के बाद गठित किए गए राष्ट्रीय राइफल एसोसिएशन और भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) से मदद मिली. इनके कार्यक्रमों में व्यक्तिगत कोच रखने की नई व्यवस्था शुरू की गई जिसमें जाने माने शूटर को कोच रखा जाता है. भाकर को भारत के प्रतिष्ठित शूटर जसपाल राणा ने कोचिंग दी. [4]
खेल जीवन और उपलब्धियाँ
साल 2017 में मनु ने केरल में नैशनल चैंपियनशिप में नौ स्वर्ण पदक जीतकर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया.[5] इसी वर्ष एशियाई जूनियर चैंपियनशिप में भाकर ने रजत पदक अपने नाम किया. मैक्सिको के गुआदालाजरा में 2018 अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट शूटिंग वर्ल्ड कप के 10 मीटर एयर पिस्टल फ़ाइनल में, भाकर ने दो बार के चैंपियन अलेजांद्रा ज़वाला को हराया. इस जीत से वे वर्ल्ड कप में स्वर्ण पदक जीतने वाली सबसे कम उम्र की भारतीय बन गईं. उन्होंने 2018 में आईएसएसएफ़ जूनियर विश्व कप में भी डबल स्वर्ण जीता.[6] उसी वर्ष, 16 साल की उम्र में, उन्होंने 2018 राष्ट्रमंडल खेलों में महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता, अपने स्कोर के साथ साथ उन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों में एक नया रिकॉर्ड भी स्थापित कर किया.[7] मई 2019 में, मनु ने म्यूनिख आईएसएसएफ़ विश्व कप में चौथे स्थान पर रहने के साथ 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में 2021 टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया.[8] अगस्त 2020 में मनु भाकर को राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने एक वर्चुअल पुरस्कार समारोह में अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया.[9]