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मैरी कॉम

मैंगते चंग्नेइजैंग मैरी कॉम (एम सी मैरी कॉम) (जन्मः १ मार्च १९८३) जिन्हें मैरी कॉम के नाम से भी जाना जाता है, एक भारतीय महिला मुक्केबाज हैं। वे मणिपुर, भारत की मूल निवासी हैं। मैरी कॉम 6 बार ‍विश्व मुक्केबाजी प्रतियोगिता की विजेता रह चुकी हैं। [1] [2] २०१२ ग्रीष्मकालीन ओलंपिक में उन्होंने कांस्य पदक जीता। [3] २०१० के ऐशियाई खेलों में काँस्य तथा २०१४ के एशियाई खेलों में उन्होंने स्वर्ण पदक हासिल किया। [4] दो वर्ष के अध्ययन प्रोत्साहन अवकाश के बाद उन्होंने वापसी करके लगातार चौथी बार विश्व गैर-व्यावसायिक बॉक्सिंग में स्वर्ण जीता। उनकी इस उपलब्धि से…

मैंगते चंग्नेइजैंग मैरी कॉम (एम सी मैरी कॉम) (जन्मः १ मार्च १९८३) जिन्हें मैरी कॉम के नाम से भी जाना जाता है, एक भारतीय महिला मुक्केबाज हैं। वे मणिपुर, भारत की मूल निवासी हैं। मैरी कॉम 6 बार ‍विश्व मुक्केबाजी प्रतियोगिता की विजेता रह चुकी हैं।[1][2] २०१२ ग्रीष्मकालीन ओलंपिक में उन्होंने कांस्य पदक जीता।[3] २०१० के ऐशियाई खेलों में काँस्य तथा २०१४ के एशियाई खेलों में उन्होंने स्वर्ण पदक हासिल किया।[4]

दो वर्ष के अध्ययन प्रोत्साहन अवकाश के बाद उन्होंने वापसी करके लगातार चौथी बार विश्व गैर-व्यावसायिक बॉक्सिंग में स्वर्ण जीता। उनकी इस उपलब्धि से प्रभावित होकर एआइबीए ने उन्हें मॅग्नीफ़िसेन्ट मैरी (प्रतापी मैरी) का संबोधन दिया।[2][5]

उनके जीवन पर एक फिल्म भी बनी जिसका प्रदर्शन २०१४ में हुआ। इस फिल्म में उनकी भूमिका प्रियंका चोपड़ा ने निभाई।

प्रारंभिक जीवन और परिवार

मैरी कॉम का जन्म १ मार्च १९८३ को मणिपुर के चुराचांदपुर जिले में एक गरीब किसान के परिवार में हुआ था। उन्होंने अपनी प्राथमिक शिक्षा लोकटक क्रिश्चियन मॉडल स्कूल और सेंट हेवियर स्कूल से पूरी की। आगे की पढाई के लिये वह आदिमजाति हाई स्कूल, इम्फाल गयीं लेकिन परीक्षा में फेल होने के बाद उन्होंने स्कूल छोड़ दिया और फिर राष्ट्रीय मुक्त विद्यालय से परीक्षा दी। मैरी कॉम की रुचि बचपन से ही एथ्लेटिक्स में थी।

उनके मन में बॉक्सिंग का आकर्षण १९९९ में उस समय उत्पन्न हुआ जब उन्होंने खुमान लम्पक स्पो‌र्ट्स कॉम्प्लेक्स में कुछ लड़कियों को बॉक्सिंग रिंग में लड़कों के साथ बॉक्सिंग के दांव-पेंच आजमाते देखा। मैरी कॉम बताती है कि [6]

"मैं वह नजारा देख कर स्तब्ध थी। मुझे लगा कि जब वे लड़कियां बॉक्सिंग कर सकती है तो मैं क्यों नहीं?"

साथी मणिपुरी बॉक्सर डिंग्को सिंह की सफलता ने भी उन्हें बॉक्सिंग की ओर आकर्षित किया।[7][8]

मैरीकॉम की शादी ओन्लर कॉम से हुई है। उनके जुङवाँ बच्चे हैं।

उपलब्धियाँ व पुरस्कार

मैरी कॉम ने सन् २००१ में प्रथम बार नेशनल वुमन्स बॉक्सिंग चैंपियनशिप जीती।[9] अब तक वह १० राष्ट्रीय खिताब जीत चुकी है। बॉक्सिंग में देश का नाम रोशन करने के लिए भारत सरकार ने वर्ष २००३ में उन्हे अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया एवं वर्ष२००६ में उन्हे पद्मश्री से सम्मानित किया गया। जुलाई २९, २००९ को वे भारत के सर्वोच्च खेल सम्मान राजीव गाँधी खेल रत्न पुरस्कार के लिए (मुक्केबाज विजेंदर कुमार तथा पहलवान सुशील कुमार के साथ) चुनीं गयीं।[10] .

मध्यप्रदेश के ग्वालियर में स्त्रीत्व को नई परिभाषा देकर अपने शौर्य बल से नए प्रतिमान गढ़ने वाली विश्व प्रसिद्ध मुक्केबाज श्रीमती एमसी मैरी कॉम १७ जून २०१८ को वीरांगना सम्मान से विभूषित किया गया। उन्होंने २०१९ के प्रेसिडेंसीयल कप इोंडोनेशिया में ५१ किग्रा भार वर्ग में यह स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की अप्रैल फ्रैंक को ५-० से हराकर यह स्वर्ण पदक जीता। नई दिल्ली में आयोजित १० वीं एआईबीए महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप २४ नवंबर, २०१८ को उन्होंने ६ विश्व चैंपियनशिप जीतने वाली पहली महिला बनकर इतिहास बनाया,[11]

उपलब्धियां

अंतर्राष्ट्रीय शीर्षक[12]
साल प्रतियोगिता में स्थान वर्ग-भार प्रतियोगिता स्थान
२००१ ४८ AIBA Women's World Championships स्क्रैंटन, पेनसिल्वेनिया, संयुक्त राज्य अमेरिका
२००२ ४५ AIBA Women's World Championships Antalya, Turkey
२००२ ४५ Witch Cup Pécs, Hungary
२००३ ४६ Asian Women's Championships Hisar, India
२००४ ४१ Women's World Cup Tønsberg, Norway
२००५ ४६ Asian Women's Championships Kaohsiung, Taiwan
२००५ ४६ AIBA Women's World Championships Podolsk, Russia
२००६ ४६ AIBA Women's World Championships New Delhi, India
२००६ ४६ Venus Women's Box Cup Vejle, Denmark
२००८ ४६ AIBA Women's World Championships Ningbo, China
२००८ ४६ Asian Women's Championships Guwahati, India
२००९ ४६ Asian Indoor Games Hanoi, Vietnam
२०१० ४८ AIBA Women's World Championships Bridgetown, Barbados
२०१० ४६ Asian Women's Championships Astana, Kazakhstan
२०१० ५१ Asian Games Guangzhou, China
२०११ ४८ Asian Women's Cup Haikou, China
२०१२ ४१ Asian Women's Championships Ulan Bator, Mongolia
२०१२ ५१ Summer Olympics London, United Kingdom
२०१४ ५१ Asian Games Incheon, South Korea
२०१७ ४८ Asian Women's Championships Ho Chi Minh City, Vietnam
२०१८ ४५–४८ Commonwealth Games Gold Coast, Queensland, Australia
२०१८ ४५–४८ AIBA Women's World Championships New Delhi, India

बाहरी कड़ियाँ

संदर्भ / स्रोत

  1. "छह बार विश्व चैंपियनशिप जीतने वाली पहली महिला बनीं मेरी कॉम" . बीबीसी हिन्दी. २४ नवम्बर २०१८. 24 नवंबर 2018 को मूल से पुरालेखित . अभिगमन तिथि: 24 नवंबर 2018 . ↗
  2. अ आ http://www.hindu.com/holnus/007200901261333.htm Mary makes women's boxing's Olympic case stronger: AIBA President Archived 2012-06-28 at the वेबैक मशीन ↗
  3. "मैरी कॉम ने पक्का किया भारत का चौथा पदक" . 7 अगस्त 2012 को मूल से पुरालेखित . अभिगमन तिथि: 6 अगस्त 2012 . ↗
  4. "संग्रहीत प्रति" . 13 दिसंबर 2014 को मूल से पुरालेखित . अभिगमन तिथि: 25 नवंबर 2014 . ↗
  5. "Discover how the AIBA Legend and Indian superstar MC Mary Kom is inspiring the next generations in pursuit of a better society" (अंग्रेज़ी भाषा में). आइबा. 18 नवम्बर 2018. मूल से से 24 नवंबर 2018 को पुरालेखित। . अभिगमन तिथि: 24 नवंबर 2018 . ↗
  6. स्रोत — in.jagran.yahoo.com ↗
  7. "Mangte Chungneijang Merykom Biography" . मूल से से 3 मार्च 2016 को पुरालेखित। . अभिगमन तिथि: 31 जुलाई 2009 . ↗
  8. Back in the Ring ↗
  9. Aggarwal, Akshi. "Golden Girl Of Indian Boxing" . www.indiansportsnews.com (ब्रिटिश अंग्रेज़ी भाषा में). मूल से से 2 अगस्त 2019 को पुरालेखित। . अभिगमन तिथि: 2020-03-04 . ↗
  10. "संग्रहीत प्रति" . 7 नवंबर 2012 को मूल से पुरालेखित . अभिगमन तिथि: 8 अगस्त 2010 . ↗
  11. "Women's World Boxing Championship 2018: Sonia Chahal takes silver; Mary Kom wins record sixth gold" . 24 November 2018. 24 नवंबर 2018 को मूल से पुरालेखित . अभिगमन तिथि: 24 November 2018 . ↗
  12. "Documents Archive" . AIBA (अमेरिकी अंग्रेज़ी भाषा में). मूल से से 23 जनवरी 2020 को पुरालेखित। . अभिगमन तिथि: 2020-03-03 . ↗