द्रौपदी मुर्मू (ओड़िया: ଦ୍ରୌପଦୀ ମୁର୍ମୁ; जन्म 20 जून 1958) भारत गणराज्य की १५वीं और वर्तमान राष्ट्रपति के रूप में कार्यरत एक भारतीय राजनीतिज्ञ हैं। वह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सदस्य भी रह चुकी है । [1] मुर्मू, प्रतिभा पाटिल के बाद भारत की राष्ट्रपति के रूप में सेवा करने वाली दूसरी महिला हैं। प्रबुद्ध सोसाइटी द्रौपदी मुर्मू को प्रबुद्ध महिला सम्राट से अलंकृत किया है! राष्ट्रपति पद को संभालने वाली ओडिशा की द्वितीय व्यक्ति हैं और देश की सबसे कम उम्र की राष्ट्रपति हैं। मुर्मू भारत की आजादी के बाद पैदा होने वाली पहली राष्ट्रपति हैं। [2] राष्ट्रपति बनने…
द्रौपदी मुर्मू (ओड़िया: ଦ୍ରୌପଦୀ ମୁର୍ମୁ; जन्म 20 जून 1958) भारत गणराज्य की १५वीं और वर्तमान राष्ट्रपति के रूप में कार्यरत एक भारतीय राजनीतिज्ञ हैं। वह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सदस्य भी रह चुकी है ।[1] मुर्मू, प्रतिभा पाटिल के बाद भारत की राष्ट्रपति के रूप में सेवा करने वाली दूसरी महिला हैं। प्रबुद्ध सोसाइटी द्रौपदी मुर्मू को प्रबुद्ध महिला सम्राट से अलंकृत किया है!
राष्ट्रपति पद को संभालने वाली ओडिशा की द्वितीय व्यक्ति हैं और देश की सबसे कम उम्र की राष्ट्रपति हैं। मुर्मू भारत की आजादी के बाद पैदा होने वाली पहली राष्ट्रपति हैं।[2] राष्ट्रपति बनने से पहले उन्होंने २००० से २००४ के बीच ओड़िशा सरकार के मंत्रिमंडल में विभिन्न विभागों में सेवा दी। २०१५ से २०२१ तक झारखंड के नौवें राज्यपाल के रूप में कार्यभार संभाला।
व्यक्तिगत जीवन
द्रौपदी मुर्मू का जन्म २० जून १९५८ को ओड़िशा के मयूरभंज जिले के बैदापोसी गांव में एक संथाल परिवार में हुआ था।[3] उनके पिता का नाम बिरंचि नारायण टुडु था। उनके दादा और उनके पिता दोनों ही उनके गाँव के प्रधान रहे।
उन्होंने श्याम चरण मुर्मू से विवाह किया। उनके दो बेटे और एक बेटी हुए। दुर्भाग्यवश दोनों बेटों और उनके पति तीनों की अलग-अलग समय पर अकाल मृत्यु हो गयी। उनकी पुत्री विवाहिता हैं और भुवनेश्वर में रहतीं हैं।
द्रौपदी मुर्मू ने एक अध्यापिका के रूप में अपना व्यावसायिक जीवन आरम्भ किया। उसके बाद धीरे-धीरे राजनीति में आ गयीं।
राजनीतिक जीवन
द्रौपदी मुर्मू ने साल 1997 में राइरंगपुर नगर पंचायत के पार्षद चुनाव में जीत दर्ज कर अपने राजनीतिक जीवन का आरंभ किया था।
उन्होंने भाजपा के अनुसूचित जनजाति मोर्चा के उपाध्यक्ष के रूप में कार्य किया है। साथ ही वह भाजपा की आदिवासी मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की सदस्य भी रहीं है।
द्रौपदी मुर्मू ओडिशा के मयूरभंज जिले की रायरंगपुर सीट से 2000 और 2009 में भाजपा के टिकट पर दो बार जीती और विधायक बनीं। ओडिशा में नवीन पटनायक के बीजू जनता दल और भाजपा गठबंधन की सरकार में द्रौपदी मुर्मू को 2000 और 2004 के बीच वाणिज्य, परिवहन और बाद में मत्स्य और पशु संसाधन विभाग में मंत्री बनाया गया था
द्रौपदी मुर्मू मई 2015 में झारखंड की 9वीं राज्यपाल बनाई गई थीं[4]। उन्होंने सैयद अहमद की जगह ली थी। झारखंड उच्च न्यायालय के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश वीरेंद्र सिंह ने द्रौपदी मुर्मू को राज्यपाल पद की शपथ दिलाई थी।
झारखंड की पहली महिला राज्यपाल बनने का खिताब भी द्रौपदी मुर्मू के नाम रहा। साथ ही वह किसी भी भारतीय राज्य की राज्यपाल बनने वाली पहली आदिवासी भी हैं।[5]
द्रौपदी मुर्मू ने 24 जून 2022 में अपना नामांकन किया, उनके नामांकन में पीएम मोदी प्रस्तावक और राजनाथ सिंह अनुमोदक बने।[6]
राष्ट्रपति पद (2022–वर्तमान)
25 जुलाई 2022 को द्रौपदी मुर्मू ने भारत की 15वीं राष्ट्रपति के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। उन्हें भारत के 48वें मुख्य न्यायाधीश एन. वी. रमना ने राष्ट्रपति भवन में शपथ दिलाई। इस अवसर पर पूर्व राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।[7]
वह भारत के नामित जनजातीय समुदायों से राष्ट्रपति पद पर निर्वाचित होने वाली पहली व्यक्ति हैं।[8][9] वह स्वतंत्रता के बाद जन्म लेने वाली भारत की पहली राष्ट्रपति तथा निर्वाचित होने के समय सबसे कम आयु की राष्ट्रपति थीं।[10] वह प्रतिभा पाटिल के बाद भारत की दूसरी महिला राष्ट्रपति हैं।[11]
14 अगस्त 2022 को मुर्मू ने राष्ट्रपति के रूप में पहली बार राष्ट्र को संबोधित किया। यह संबोधन 75वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर प्रसारित हुआ।[12]
सितंबर 2022 में उन्होंने प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान का शुभारंभ किया, जिसका उद्देश्य देश से क्षय रोग को समाप्त करने में जनभागीदारी को बढ़ावा देना था।[13] उसी वर्ष वह मैसूर दशहरा का उद्घाटन करने वाली भारत की पहली राष्ट्रपति बनीं।[14]
राष्ट्रपति पद के शुरुआती महीनों में उन्होंने असम, मिजोरम, नागालैंड और सिक्किम सहित पूर्वोत्तर राज्यों का दौरा किया तथा विभिन्न विकास परियोजनाओं से संबंधित कार्यक्रमों में भाग लिया।[15]
नवंबर 2022 में उन्होंने राष्ट्रपति बनने के बाद पहली बार अपने गृह राज्य ओडिशा का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने अपने पुराने शिक्षण संस्थान का दौरा किया और पुरी जगन्नाथ मंदिर में दर्शन के लिए लगभग दो किलोमीटर पैदल यात्रा की।[16]
अप्रैल 2023 में उन्होंने सुखोई एसयू-30एमकेआई लड़ाकू विमान में तेजपुर वायु सेना स्टेशन से ऐतिहासिक उड़ान भरी। इसके साथ वह लड़ाकू विमान में उड़ान भरने वाली भारत की तीसरी राष्ट्रपति बनीं। उड़ान के दौरान उन्होंने लगभग 30 मिनट तक ब्रह्मपुत्र तथा तेजपुर घाटी और हिमालयी क्षेत्र का हवाई अवलोकन किया।[17][18]
मई 2023 में नए संसद भवन के उद्घाटन को लेकर राजनीतिक विवाद हुआ। विपक्षी दलों ने मांग की कि संवैधानिक प्रमुख होने के नाते इसका उद्घाटन राष्ट्रपति द्वारा किया जाना चाहिए और उन्होंने उद्घाटन समारोह का बहिष्कार किया। बाद में राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि प्रधानमंत्री संसद के विश्वास का प्रतीक हैं और उन्होंने संसद भवन के उद्घाटन पर प्रसन्नता व्यक्त की।[19][20]
13 सितंबर 2023 को राष्ट्रपति मुर्मू ने गुजरात विधान सभा में राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन (NeVA) का उद्घाटन किया। यह "एक राष्ट्र, एक एप्लीकेशन" पहल के अंतर्गत विधानसभाओं को कागजरहित और डिजिटल बनाने की दिशा में एक परियोजना है।[21][22]
नवंबर 2023 में उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय द्वारा आयोजित संविधान दिवस समारोह में भाग लिया। अपने संबोधन में उन्होंने संवैधानिक मूल्यों, मौलिक कर्तव्यों और लोकतांत्रिक संस्थाओं के महत्व पर बल दिया तथा न्यायपालिका में विविध प्रतिनिधित्व के लिए अखिल भारतीय न्यायिक सेवा की आवश्यकता का उल्लेख किया।[23][24]
21 जनवरी 2024 को राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा से पहले राष्ट्रपति मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर समारोह को भारत की शाश्वत आत्मा की अभिव्यक्ति बताया।[25]
1 मई 2024 को राष्ट्रपति ने पहली बार आधिकारिक रूप से अयोध्या का दौरा किया। उन्होंने सरयू घाट पर आरती की तथा हनुमान गढ़ी मंदिर और श्री राम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन किए।[26]
29 फरवरी 2024 को उन्होंने राष्ट्रीय पर्यावरण सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित किया और पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास तथा जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए वैश्विक सहयोग पर बल दिया।[27]
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2024 के अवसर पर उन्होंने महिलाओं के लिए समान अवसरों की आवश्यकता पर बल दिया तथा तकनीक, उद्यमिता और अन्य क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने का आह्वान किया।[28][29]
2025 में राष्ट्रपति मुर्मू ने संविधान के 75 वर्ष पूरे होने तथा गणतंत्र की 75वीं वर्षगांठ से संबंधित राष्ट्रीय कार्यक्रमों में प्रमुख भूमिका निभाई। 25 जनवरी 2025 को उन्होंने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र को संबोधित किया और संविधान के मूल्यों, लोकतांत्रिक परंपराओं तथा देश की विकास यात्रा पर विचार व्यक्त किए।[30]
31 जनवरी 2025 को उन्होंने संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने संविधान के 75 वर्ष पूरे होने, महाकुंभ 2025 तथा भारत की विकास यात्रा का उल्लेख किया।[31]
जनवरी 2025 में उन्होंने मेघालय और ओडिशा का दौरा किया। मेघालय में उन्होंने ICAR के उत्तर-पूर्वी पर्वतीय क्षेत्र के अनुसंधान परिसर के स्वर्ण जयंती समारोह में तथा ओडिशा में 18वें प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन के समापन सत्र में भाग लिया और प्रवासी भारतीय सम्मान पुरस्कार प्रदान किए।[32]
फरवरी 2025 में उन्होंने बिहार, मध्य प्रदेश और गुजरात का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने पटना मेडिकल कॉलेज के शताब्दी समारोह, विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के दीक्षांत समारोहों तथा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी और धोलावीरा सहित विभिन्न स्थलों का दौरा किया।[33]
मार्च 2025 में उन्होंने हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब का दौरा किया तथा विभिन्न विश्वविद्यालयों और एम्स के दीक्षांत समारोहों में भाग लिया।[34]
अप्रैल और मई 2025 में राष्ट्रपति ने पद्म पुरस्कार 2025 प्रदान किए। 28 अप्रैल को आयोजित प्रथम नागरिक अलंकरण समारोह तथा 27 मई को आयोजित दूसरे समारोह में उन्होंने पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री पुरस्कार प्रदान किए।[35][36]
जुलाई 2025 में उन्होंने ओडिशा का दौरा किया और एम्स भुवनेश्वर तथा रेवेनशॉ विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोहों में भाग लिया। उन्होंने कटक में आदिकवि सरला दास की जयंती समारोह में भी भाग लिया तथा कलिंग रत्न पुरस्कार प्रदान किया।[37]
25 जुलाई 2025 को राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने कार्यकाल के तीन वर्ष पूरे किए। इस अवसर पर राष्ट्रपति भवन और राष्ट्रपति संपदाओं में कई नई पहल शुरू की गईं। इनमें राष्ट्रपति संपदा को दिव्यांगजन-अनुकूल बनाना, राष्ट्रपति भवन की वेबसाइटों को 22 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध कराना, आगंतुक सुविधाओं का विस्तार, ई-उपहार के दूसरे संस्करण का शुभारंभ तथा राष्ट्रपति भवन को मार्च 2027 तक नेट ज़ीरो बनाने की पहल शामिल थीं।[38]
सितंबर 2025 में राष्ट्रपति ने कर्नाटक और तमिलनाडु का दौरा किया तथा विभिन्न संस्थानों के स्थापना दिवस और दीक्षांत समारोहों में भाग लिया।[39]
25 सितंबर 2025 को उन्होंने वृंदावन और मथुरा का दौरा किया तथा बांके बिहारी मंदिर, निधिवन, सुदामा कुटी, कुब्जा कृष्ण मंदिर और कृष्ण जन्मभूमि में दर्शन एवं पूजा की।[40]
26 नवंबर 2025 को उन्होंने संविधान दिवस के अवसर पर संविधान सदन में आयोजित समारोह में भाग लिया तथा संवैधानिक मूल्यों और लोकतांत्रिक व्यवस्था के महत्व पर बल दिया।[41] इसी दिन उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय द्वारा आयोजित संविधान दिवस समारोह में भी भाग लिया।[42]
दिसंबर 2025 में उन्होंने गोवा, कर्नाटक और झारखंड का दौरा किया। 28 दिसंबर को उन्होंने करवार बंदरगाह से भारतीय नौसेना की पनडुब्बी में समुद्री यात्रा की। झारखंड में उन्होंने ओल चिकी लिपि के शताब्दी समारोह तथा एनआईटी जमशेदपुर के दीक्षांत समारोह में भाग लिया।[43]
25 जनवरी 2026 को राष्ट्रपति मुर्मू ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने भारतीय संविधान, न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुता के संवैधानिक आदर्शों तथा भारत की लोकतांत्रिक यात्रा का उल्लेख किया।[44]
28 जनवरी 2026 को उन्होंने संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित किया। उन्होंने वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ, गुरु तेग बहादुर के बलिदान की 350वीं वर्षगांठ, बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती तथा सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती जैसे राष्ट्रीय स्मरणोत्सवों का उल्लेख किया और विकसित भारत के लक्ष्य पर बल दिया।उद्धरण त्रुटि: <ref> टैग के लिए समाप्ति </ref> टैग नहीं मिला
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| 11 अगस्त 2022
| जगदीप धनखड़
| भारत के 14वें उपराष्ट्रपति
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| 27 अगस्त 2022
| उदय यू ललित
| भारत के 49वें मुख्य न्यायाधीश
| [46]
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| 9 नवम्बर 2022
| धनञ्जय यशवंत चंद्रचूड़
| भारत के 50वें मुख्य न्यायाधीश
| [47]
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| 29 मई 2023
| प्रवीण कुमार श्रीवास्तव
| केंद्रीय सतर्कता आयुक्त
| [48]
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| 9 जून 2024
| नरेन्द्र मोदी
| भारत के प्रधानमंत्री (तीसरा कार्यकाल)
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| 11 नवम्बर 2024
| संजीव खन्ना
| भारत के 51वें मुख्य न्यायाधीश
| [50]
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| 21 नवम्बर 2024
| संजय के. मूर्ति
| भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक
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| 14 मई 2025
| भूषण रामकृष्ण गवई
| भारत के 52वें मुख्य न्यायाधीश
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| 12 सितम्बर 2025
| सी.पी. राधाकृष्णन
| भारत के 15वें उपराष्ट्रपति
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| 24 नवम्बर 2025
| सूर्यकांत
| भारत के 53वें मुख्य न्यायाधीश
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा बिहार स्थित नालंदा महाविहार (यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल) का दौरा
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उत्तराखंड के देहरादून में राष्ट्रपति तपोवन और राष्ट्रपति निकेतन के उद्घाटन समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
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न्यूज़ीलैंड में आयोजित राजकीय भोज के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
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फिल्म ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह में अभिनेत्री आलिया भट्ट
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लाल किले पर विजयदशमी समारोह में रावण दहन करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू चश्मा पहने हुए ब्राज़ील के राष्ट्रपति का औपचारिक स्वागत करते हुए
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शपथ ग्रहण के बाद राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली में गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण करतीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू INS डेका पहुँचकर नौसेना दिवस 2022 समारोह में भाग लेने के लिए आगमन करती हुई
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली में अमृत उद्यान के उद्घाटन का शुभारंभ
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राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का औपचारिक स्वागत करतीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
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केंद्रीय बजट 2025 प्रस्तुत करने से पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पारंपरिक दही-चीनी प्रदान करतीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
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अयोध्या के श्री हनुमानगढ़ी मंदिर में दर्शन एवं पूजा-अर्चना करतीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
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अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रीराम यंत्र स्थापना के अवसर पर दर्शन और आरती करतीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
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अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन एवं आरती करतीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
भारतीय सशस्त्र बलों की सर्वोच्च सेनापति
भारत की सशस्त्र सेनाओं की सर्वोच्च सेनापति के रूप में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अपने कार्यकाल में तीनों सेनाओं के साथ सक्रिय सहभागिता दिखाई है। उनके कार्यकाल में सैन्य अभियानों का प्रत्यक्ष अवलोकन, अग्रिम क्षेत्रों का दौरा तथा स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया गया है।
सैन्य उड़ान और परिचालन समीक्षा
राष्ट्रपति मुर्मु ने सशस्त्र बलों के परिचालन वातावरण को प्रत्यक्ष रूप से समझने हेतु कई महत्वपूर्ण उड़ानें और निरीक्षण किए:
वायुसेना (Sukhoi-30 MKI उड़ान): 8 अप्रैल 2023 को उन्होंने Sukhoi Su-30MKI लड़ाकू विमान में उड़ान भरकर एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। यह उड़ान तेजपुर वायुसेना स्टेशन से लगभग 30 मिनट तक चली और इसमें ब्रह्मपुत्र घाटी तथा ट्रांस-हिमालयी क्षेत्र का अवलोकन किया गया।[55]
नौसेना (पनडुब्बी यात्रा): दिसंबर 2025 में उन्होंने करवार नौसैनिक अड्डे पर INS Vaghsheer पनडुब्बी में यात्रा की तथा नौसेना के परिचालन का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त किया।[56]
नौसैनिक कूटनीति और बेड़ा समीक्षा
फरवरी 2026 में विशाखापत्तनम में आयोजित अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक गतिविधियों के दौरान राष्ट्रपति ने भारत की समुद्री कूटनीति का नेतृत्व किया:
अंतरराष्ट्रीय बेड़ा समीक्षा (IFR) 2026: 18 फरवरी 2026 को उन्होंने राष्ट्रपति नौका आईएनएस सुमेधा पर सवार होकर 70 से अधिक युद्धपोतों तथा कई देशों की नौसेनाओं का निरीक्षण किया। इस आयोजन का विषय "United Through Oceans" था, जिसका उद्देश्य वैश्विक समुद्री सुरक्षा सहयोग को मजबूत करना था।[57]
अभ्यास मिलान 2026: इसी अवसर पर उन्होंने बहुराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास मिलन 2026 का उद्घाटन किया, जिसमें 70 से अधिक देशों की नौसेनाओं ने भाग लिया।[58]
रणनीतिक दौरे और सैनिक कल्याण
सियाचिन ग्लेशियर दौरा: 26 सितंबर 2024 को उन्होंने सियाचिन बसे कैंप का दौरा किया और अत्यंत कठिन परिस्थितियों में तैनात सैनिकों के साथ संवाद किया। यह दौरा सशस्त्र बलों के मनोबल को बढ़ाने के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना गया।[59]
सीमा अवसंरचना: 2025–2026 के दौरान उन्होंने अरुणाचल प्रदेश और लद्दाख जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों का दौरा किया तथा सैनिकों के कल्याण एवं सीमा अवसंरचना के विकास पर बल दिया।
ऑपरेशन सिंदूर
राष्ट्रपति मुर्मु के कार्यकाल में मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर चलाया गया, जो पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में किया गया एक सैन्य अभियान था। इस अभियान में पाकिस्तान और पाकिस्तान-नियंत्रित कश्मीर में स्थित कई आतंकी ठिकानों को नष्ट किया गया।[60]
राष्ट्रपति ने इस अभियान को भारत की रक्षा नीति में एक "निर्णायक मोड़" बताया और कहा कि इसने देश की प्रतिरोध क्षमता और सैन्य समन्वय को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया।[61]
उन्होंने यह भी कहा कि इस अभियान ने खुफिया, साइबर और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध क्षमताओं के एकीकृत उपयोग को प्रदर्शित किया।[62]
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देहरादून (उत्तराखंड) में राष्ट्रपति निकेतन के उद्घाटन समारोह में भाग लेतीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू।
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भारत के प्रथम एवं एकमात्र भारतीय गवर्नर-जनरल सी. राजगोपालाचारी की प्रतिमा का अनावरण करतीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू।
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विशाखापत्तनम में आयोजित अंतरराष्ट्रीय फ्लीट रिव्यू का अवलोकन करतीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू।
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तिमोर-लेस्ते के राष्ट्रपति जोस रामोस-होर्ता द्वारा भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को “ग्रैंड-कॉलर ऑफ द ऑर्डर ऑफ तिमोर-लेस्ते”, देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान, प्रदान किया गया।
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संसद भवन के सेंट्रल हॉल में संविधान दिवस 2024 समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ एवं प्रधानमंत्री की उपस्थिति।
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देहरादून में राष्ट्रपति निकेतन के उद्घाटन अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू।
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चक्रवर्ती राजगोपालाचारी की प्रतिमा का अनावरण करतीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू।
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विशाखापत्तनम में अंतरराष्ट्रीय फ्लीट रिव्यू का अवलोकन करतीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू।
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पुरी (ओडिशा) में वार्षिक रथ यात्रा में भाग लेतीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू।
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भारत मंडपम में G20 गाला डिनर के अवसर पर विदेशी राष्ट्राध्यक्षों का स्वागत करतीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू।
गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर संबोधन
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74वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर 25 जनवरी 2023 को राष्ट्र को संबोधित करतीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु
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75वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर 25 जनवरी 2024 को राष्ट्र को संबोधित करतीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु
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76वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर 25 जनवरी 2025 को राष्ट्र को संबोधित करतीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु
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77वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर 25 जनवरी 2026 को राष्ट्र को संबोधित करतीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु
स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर संबोधन
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76वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर 14 अगस्त 2022 को राष्ट्र को संबोधित करतीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु
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77वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर 14 अगस्त 2023 को वीडियो संदेश के माध्यम से राष्ट्र को संबोधित करतीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु
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78वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर 14 अगस्त 2024 को वीडियो संदेश के माध्यम से राष्ट्र को संबोधित करतीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु
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79वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर 14 अगस्त 2025 को वीडियो संदेश के माध्यम से राष्ट्र को संबोधित करतीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु
राज्य विधानसभाओं को संबोधन
| राज्य
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विधानमंडल
|
तिथि
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सन्दर्भ
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चित्र
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| मिजोरम
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मिजोरम विधानसभा
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4 नवम्बर 2022
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[63]
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| अरुणाचल प्रदेश
|
अरुणाचल प्रदेश विधानसभा
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21 फरवरी 2023
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[64]
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| राजस्थान
|
राजस्थान विधानसभा
|
14 जुलाई 2023
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[65]
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| महाराष्ट्र
|
महाराष्ट्र विधान परिषद
|
3 सितम्बर 2024
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[66]
|
| छत्तीसगढ़
|
छत्तीसगढ़ विधानसभा
|
24 मार्च 2025
|
[67]
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| उत्तराखंड
|
उत्तराखंड विधानसभा
|
3 नवम्बर 2025
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[68][69]
|
| ओडिशा
|
ओड़िशा विधानसभा
|
27 नवम्बर 2025
|
[70][71]
|
राज्यीय मेज़बानी (State visits hosted)
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा आयोजित आधिकारिक राजकीय यात्राएँ
| #
|
वर्ष
|
तिथि
|
आगंतुक देश
|
आगंतुक गणमान्य व्यक्ति
|
टिप्पणियाँ
|
चित्र
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| 1
|
2022
|
1–4 अगस्त
|
मालदीव
|
राष्ट्रपति इब्राहीम मोहम्मद सोलिह
|
द्विपक्षीय विकास सहयोग और अवसंरचना पर केंद्रित वार्ता हुई।[72][73]
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| 2
|
2022
|
5–8 सितंबर
|
बांग्लादेश
|
प्रधानमंत्री शेख हसीना
|
जल संसाधन, रेलवे, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, प्रसारण और अवसंरचना सहयोग से संबंधित कई समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान तथा द्विपक्षीय वार्ता हुई।[74][75][76]
|
| 3
|
2023
|
24–26 जनवरी
|
मिस्र
|
राष्ट्रपति अब्देल फत्ताह अल-सीसी
|
भारत के 74वें गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि रहे। यह मिस्र के राष्ट्रपति की पहली ऐसी भागीदारी थी।[77][78]
|
| 4
|
2023
|
2–3 मार्च
|
इटली
|
प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी
|
भारत–इटली संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक उन्नत किया गया।[79][80]
|
| 5
|
2023
|
8–11 मार्च
|
ऑस्ट्रेलिया
|
प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़
|
भारत–ऑस्ट्रेलिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत किया गया।[81]
|
| 6
|
2023
|
20 मार्च
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जापान
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प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा
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विशेष रणनीतिक साझेदारी को और सुदृढ़ किया गया।[82]
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| 7
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2023
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4 अप्रैल
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भूटान
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राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक
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भारत–भूटान के घनिष्ठ संबंधों की पुनः पुष्टि हुई।[83]
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| 8
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2023
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29–31 मई
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कंबोडिया
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राजा नोरोडोम सिहामोनी
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सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत किया गया।[84][85]
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| 9
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2023
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31 मई – 3 जून
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नेपाल
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प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल
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ऊर्जा और संपर्क (कनेक्टिविटी) पर केंद्रित वार्ता हुई।[86]
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| 10
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2023
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जुलाई 2023
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श्रीलंका
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राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे
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द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा हुई।[87]
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| 11
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2023
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9–11 सितंबर
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सऊदी अरब
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क्राउन प्रिंस एवं प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान
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द्विपक्षीय वार्ता में भाग लिया तथा नई दिल्ली में आयोजित जी-20 शिखर सम्मेलन में शामिल हुए।[88]
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| 12
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2023
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8–10 अक्टूबर
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तंजानिया
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राष्ट्रपति सामिया सुलुहु हसन
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व्यापार, शिक्षा और रक्षा सहयोग पर केंद्रित चर्चाएँ हुईं।[89][90]
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| 13
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2023
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4–6 दिसंबर
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केन्या
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राष्ट्रपति विलियम रूटो
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कृषि, डिजिटल अर्थव्यवस्था और नवीकरणीय ऊर्जा पर विचार-विमर्श हुआ।[91][92]
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| 14
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2023
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16 दिसंबर
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ओमान
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सुल्तान हैथम बिन तारिक
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एक दशक से अधिक समय के बाद ओमान के सुल्तान की पहली भारत यात्रा; समुद्री और ऊर्जा सहयोग पर चर्चा हुई।[93][94][95]
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| 15
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2024
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25–26 जनवरी
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फ्रांस
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राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों
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भारत के 75वें गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि; रक्षा और अंतरिक्ष सहयोग पर विशेष ध्यान।[96][97]
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| 16
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2024
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21–22 फरवरी
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ग्रीस
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प्रधानमंत्री क्यारीकोस मित्सोताकिस
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भारत–ग्रीस रणनीतिक साझेदारी को मजबूत किया गया; द्विपक्षीय वार्ता एवं रायसीना डायलॉग में भागीदारी।[98]
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| 17
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2024
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21–22 जून
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बांग्लादेश
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प्रधानमंत्री शेख हसीना
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प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्रिमंडल के शपथ ग्रहण समारोह के बाद की यात्रा।[99]
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| 18
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2024
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30 जुलाई – 1 अगस्त
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वियतनाम
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प्रधानमंत्री फाम मिन्ह चिन्ह
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व्यापक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत किया गया; नए कार्य योजना और बहु-क्षेत्रीय सहयोग पर सहमति।[100]
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| 19
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2024
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9–10 सितंबर
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संयुक्त अरब अमीरात
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अबू धाबी के क्राउन प्रिंस खालिद बिन मोहम्मद अल नाहयान
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भारत–यूएई व्यापक रणनीतिक साझेदारी को सुदृढ़ करने पर केंद्रित वार्ता।[101]
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| 20
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2024
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6–10 अक्टूबर
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मालदीव
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राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू एवं प्रथम महिला सजीधा मोहम्मद
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क्षेत्रीय सहयोग, सुरक्षा और जलवायु लचीलापन पर द्विपक्षीय वार्ता।
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| 21
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2024
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15–17 दिसंबर
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श्रीलंका
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राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके
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पदभार ग्रहण के बाद प्रथम विदेशी यात्रा; सांस्कृतिक एवं आर्थिक संबंधों को मजबूती।
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| 22
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2025
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14–18 जनवरी
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सिंगापुर
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राष्ट्रपति थर्मन शनमुगरत्नम एवं प्रथम महिला जेन युमिको इत्तोगी
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फिनटेक, स्मार्ट सिटी और उच्च शिक्षा साझेदारी पर चर्चा।
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| 23
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2025
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23–26 जनवरी
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इंडोनेशिया
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राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो
|
भारत के 76वें गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि; रक्षा और आसियान सहयोग पर वार्ता।
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| 24
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2025
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17–18 फरवरी
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क़तर
|
अमीर तमिम बिन हमद अल थानी
|
व्यापार एवं ऊर्जा सहयोग को मजबूत करने पर केंद्रित राजकीय यात्रा।[102]
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| 25
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2025
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16–20 मार्च
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न्यूजीलैंड
|
प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लकसन
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व्यापार, शिक्षा और सहयोग में भारत–न्यूजीलैंड संबंधों को मजबूत करने पर केंद्रित यात्रा।[103]
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| 26
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2025
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1–5 अप्रैल
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चिली
|
राष्ट्रपति गैब्रियल बोरिक
|
भारत–चिली संबंधों को मजबूत किया गया तथा व्यापार, ऊर्जा और सहयोग पर चर्चा हुई।[104]
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| 27
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2025
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3 मई
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अंगोला
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राष्ट्रपति जोआओ लॉरेंसो
|
ऊर्जा, व्यापार और विकास के क्षेत्रों में भारत–अंगोला संबंधों को सुदृढ़ करने पर केंद्रित यात्रा।[105]
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| 28
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2025
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2 जून
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पराग्वे
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राष्ट्रपति सैंटियागो पेना
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व्यापार और विकास सहयोग पर केंद्रित द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत किया गया।[106]
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| 29
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2025
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4–8 अगस्त
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फिलीपींस
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राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर
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रक्षा, व्यापार और समुद्री सुरक्षा में सहयोग सहित भारत–फिलीपींस संबंधों को मजबूत किया गया।[107]
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| 30
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2025
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2–4 सितंबर
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सिंगापुर
|
प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग
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डिजिटल अर्थव्यवस्था, व्यापार और संपर्क पर भारत–सिंगापुर रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर चर्चा।[108]
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| 31
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2025
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9–16 सितंबर
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मॉरीशस
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प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम
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विकास सहयोग, समुद्री सुरक्षा और आर्थिक साझेदारी पर विस्तृत वार्ता हुई।[109]
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| 32
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2025
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13–16 अक्टूबर
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मंगोलिया
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राष्ट्रपति खुरेलसुख उखनाखू
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भारत–मंगोलिया रणनीतिक साझेदारी को रक्षा, ऊर्जा, व्यापार, खनन और सांस्कृतिक सहयोग सहित विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ाया गया।[110]
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| 33
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2025
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13–16 अक्टूबर
|
मंगोलिया
|
राष्ट्रपति खुरेलसुख उखनाखू
|
रणनीतिक साझेदारी, ऊर्जा सहयोग और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत किया गया।[111][112]
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| 34
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2025
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04–05 दिसंबर
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रूस
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राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन
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भारत–रूस विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और प्रौद्योगिकी सहित विभिन्न क्षेत्रों में और मजबूत किया गया।[113]
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| 35
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2026
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25–27 जनवरी
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यूरोपीय संघ
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यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष अंतोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन
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भारत के 77वें गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि के रूप में राजकीय यात्रा; भारत–EU रणनीतिक साझेदारी को व्यापार, प्रौद्योगिकी, रक्षा और निवेश सहित विभिन्न क्षेत्रों में मजबूत किया गया।[114]
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| 36
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2026
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05–10 फरवरी
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सेशेल्स
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राष्ट्रपति वावेल रामकलावन
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भारत–सेशेल्स संबंधों को समुद्री सुरक्षा, नीली अर्थव्यवस्था, विकास साझेदारी और लोगों के बीच संबंधों के क्षेत्रों में आगे बढ़ाया गया।[115]
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| 37
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2026
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18–22 फरवरी
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ब्राज़ील
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राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा
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भारत–ब्राज़ील रणनीतिक साझेदारी को व्यापार, ऊर्जा, कृषि, रक्षा और वैश्विक दक्षिण के सहयोग सहित विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ाया गया।[116]
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| 38
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2026
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04–07 मार्च
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फिनलैंड
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राष्ट्रपति अलेक्ज़ेंडर स्टब
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भारत–फिनलैंड संबंधों को डिजिटल प्रौद्योगिकी, स्वच्छ ऊर्जा, व्यापार, निवेश और नवाचार के क्षेत्रों में मजबूत किया गया।[117]
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| 39
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2026
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14–18 अप्रैल
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ऑस्ट्रिया
|
संघीय चांसलर क्रिश्चियन स्टॉकर
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भारत–ऑस्ट्रिया संबंधों को व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी, कौशल, बुनियादी ढाँचे और सांस्कृतिक सहयोग के क्षेत्रों में आगे बढ़ाया गया।[118]
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| 40
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2026
|
19–21 अप्रैल
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दक्षिण कोरिया
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राष्ट्रपति ली जे-म्यांग
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भारत–दक्षिण कोरिया विशेष रणनीतिक साझेदारी को व्यापार, निवेश, रक्षा, प्रौद्योगिकी, सेमीकंडक्टर और आपूर्ति शृंखला सहयोग के क्षेत्रों में मजबूत किया गया।[119]
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| 41
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2026
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05–07 मई
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वियतनाम
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राष्ट्रपति तो लैम
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भारत–वियतनाम व्यापक रणनीतिक साझेदारी को रक्षा, व्यापार, प्रौद्योगिकी, डिजिटल सहयोग और सांस्कृतिक संबंधों सहित विभिन्न क्षेत्रों में मजबूत किया गया।[120]
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| 42
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2026
|
20–23 मई
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साइप्रस
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राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलाइडेस
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भारत–साइप्रस संबंधों को व्यापार, निवेश, रक्षा, समुद्री सहयोग और लोगों के बीच संबंधों के क्षेत्रों में मजबूत किया गया।[121]
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| 43
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2026
|
30 मई–03 जून
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म्यांमार
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राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग
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भारत–म्यांमार संबंधों में सीमा-पार सहयोग, व्यापार, संपर्क, सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता से जुड़े मुद्दों पर सहयोग को आगे बढ़ाया गया।[122]
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इन्हें भी देखें
- भाजपा
- भारत की राजनीति
- भारतीय राष्ट्रपति चुनाव, २०२२
बाहरी कड़ियाँ
| सरकारी कार्यालय
|
पूर्वाधिकारी सईद अहमद
|
झारखण्ड की राज्यपाल १८ मई २०१५ - १२ जुलाई २०२१
|
उत्तराधिकारी रमेश बैस
|
पूर्वाधिकारी राम नाथ कोविन्द
|
भारत के राष्ट्रपति 2022–वर्तमान
|
पदस्थ
|