माणिक साहा भारतीय राजनीतिज्ञ और पेशे से दंत चिकित्सक हैं। उन्होंने 15 मई 2022 को त्रिपुरा के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इससे पहले वे भारतीय जनता पार्टी की त्रिपुरा इकाई के अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य रहे थे। [1] प्रारंभिक जीवन और शिक्षा उनका जन्म 8 जनवरी 1953 को माखन लाल साहा और प्रिया बाला साहा के परिवार में हुआ। उन्होंने पटना डेंटल कॉलेज और किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय से दंत चिकित्सा की पढ़ाई की। उनकी उच्च शिक्षा मुख एवं जबड़े की शल्य चिकित्सा के क्षेत्र से संबंधित थी। [15] मुख्यधारा की राजनीति में सक्रिय होने से पहले वे हापनिया स्थित त्रिपुरा…
माणिक साहा भारतीय राजनीतिज्ञ और पेशे से दंत चिकित्सक हैं। उन्होंने 15 मई 2022 को त्रिपुरा के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इससे पहले वे भारतीय जनता पार्टी की त्रिपुरा इकाई के अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य रहे थे।[1]
प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
उनका जन्म 8 जनवरी 1953 को माखन लाल साहा और प्रिया बाला साहा के परिवार में हुआ। उन्होंने पटना डेंटल कॉलेज और किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय से दंत चिकित्सा की पढ़ाई की। उनकी उच्च शिक्षा मुख एवं जबड़े की शल्य चिकित्सा के क्षेत्र से संबंधित थी।[15]
मुख्यधारा की राजनीति में सक्रिय होने से पहले वे हापनिया स्थित त्रिपुरा मेडिकल कॉलेज में पढ़ाते थे। चिकित्सा और अध्यापन उनके राजनीतिक जीवन से पहले के प्रमुख पेशेवर कार्य थे।[2]
राजनीतिक यात्रा
साहा पहले भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से जुड़े थे। 2016 में वे भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए। आगे चलकर उन्होंने राज्य में पार्टी संगठन का नेतृत्व किया और 2020 से 2022 के बीच त्रिपुरा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रहे।[3]
2022 में वे त्रिपुरा से राज्यसभा के लिए चुने गए। मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद उन्होंने राज्य की विधानसभा का सदस्य बनने के लिए चुनाव लड़ा। जून 2022 में वे टाउन बोरदोवाली विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित हुए।[9]
मुख्यमंत्री पद
14 मई 2022 को बिप्लब कुमार देब ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा दिया। इसके बाद हुई विधायक दल की बैठक में साहा को नेतृत्व की ज़िम्मेदारी दी गई। अगले दिन उन्होंने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। यह बदलाव राज्य के अगले विधानसभा चुनाव से पहले हुआ था।[10]
प्रदेश संगठन में काम करने और राज्यसभा की सदस्यता के बाद मुख्यमंत्री बनना उनकी राजनीतिक यात्रा का अगला चरण था। टाउन बोरदोवाली से निर्वाचित होने पर वे विधानसभा के सदस्य के रूप में भी राज्य की राजनीति में सक्रिय रहे।[1]
व्यक्तिगत और अन्य सार्वजनिक कार्य
साहा की पत्नी का नाम स्वप्ना साहा है और उनकी दो बेटियाँ हैं। चिकित्सा तथा राजनीति के अलावा उनका जुड़ाव खेल प्रशासन से भी रहा है। प्रकाशित परिचयों में त्रिपुरा क्रिकेट संघ के नेतृत्व में उनकी भूमिका का उल्लेख मिलता है।[17]