लालदुहोमा मिज़ोरम के भारतीय राजनीतिज्ञ और पूर्व भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी हैं। वे ज़ोरम पीपुल्स मूवमेंट से जुड़े हैं। 2023 के विधानसभा चुनाव में उनके नेतृत्व वाले दल को बहुमत मिलने के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री पद संभाला। इससे पहले वे लोकसभा सदस्य और राज्य विधानसभा के सदस्य रह चुके हैं। [26] प्रारंभिक जीवन और शिक्षा लालदुहोमा का जन्म 22 फ़रवरी 1949 को हुआ। वे तुआलपुई गाँव के वैसांगा और कैछिंगी के परिवार में सबसे छोटे बच्चे थे। उन्होंने ख्वाज़ावल में शुरुआती पढ़ाई और चम्फाई के जी. एम. हाई स्कूल से मैट्रिक की शिक्षा पूरी की। [2] 1972 में वे मिज़ोरम के पहले…
लालदुहोमा मिज़ोरम के भारतीय राजनीतिज्ञ और पूर्व भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी हैं। वे ज़ोरम पीपुल्स मूवमेंट से जुड़े हैं। 2023 के विधानसभा चुनाव में उनके नेतृत्व वाले दल को बहुमत मिलने के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री पद संभाला। इससे पहले वे लोकसभा सदस्य और राज्य विधानसभा के सदस्य रह चुके हैं।[26]
प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
लालदुहोमा का जन्म 22 फ़रवरी 1949 को हुआ। वे तुआलपुई गाँव के वैसांगा और कैछिंगी के परिवार में सबसे छोटे बच्चे थे। उन्होंने ख्वाज़ावल में शुरुआती पढ़ाई और चम्फाई के जी. एम. हाई स्कूल से मैट्रिक की शिक्षा पूरी की।[2]
1972 में वे मिज़ोरम के पहले मुख्यमंत्री छ. छुंगा के कार्यालय में निजी सहायक बने। नौकरी के साथ पढ़ाई जारी रखते हुए उन्होंने गौहाटी विश्वविद्यालय से स्नातक किया। प्रशासन में उनका शुरुआती अनुभव राज्य सरकार के कामकाज से जुड़ा था।[7]
पुलिस सेवा
1977 में वे भारतीय पुलिस सेवा में आए और गोवा में तैनात हुए। बाद में वे तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े। पुलिस सेवा छोड़ने के बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया।[11]
कांग्रेस और लोकसभा
1984 में वे कांग्रेस से जुड़े और उसी वर्ष मिज़ोरम से लोकसभा के लिए चुने गए। उस समय उनकी राजनीतिक भूमिका राज्य में शांति प्रक्रिया से भी संबंधित थी। बाद में उन्होंने कांग्रेस की सदस्यता छोड़ दी।[10]
24 नवंबर 1988 को दल-बदल संबंधी प्रावधानों के तहत उनकी लोकसभा सदस्यता समाप्त कर दी गई। यह भारतीय संसद में दल-बदल कानून के आधार पर अयोग्यता का शुरुआती और महत्वपूर्ण मामला था।[16]
क्षेत्रीय राजनीति
वे मिज़ो नेशनल यूनियन और मिज़ो नेशनल फ्रंट सहित कई क्षेत्रीय राजनीतिक प्रयासों से जुड़े। 1997 में उन्होंने ज़ोरम नेशनलिस्ट पार्टी स्थापित की। 2003 में राटू और 2008 में आइज़ोल वेस्ट-1 से विधानसभा सदस्य चुने गए।[7]
ज़ोरम पीपुल्स मूवमेंट
2018 के चुनाव में वे ज़ोरम पीपुल्स मूवमेंट के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार थे। उस समय संगठन की निर्वाचन आयोग में पंजीकरण प्रक्रिया पूरी नहीं हुई थी, इसलिए उन्होंने निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़ा। वे आइज़ोल वेस्ट-1 और सेरछिप, दोनों सीटों से जीते और सेरछिप का प्रतिनिधित्व चुना।[22]
2020 में निर्दलीय निर्वाचित होने के बाद राजनीतिक दल से जुड़ने के आधार पर उन्हें विधानसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित किया गया। उन्होंने 2021 के उपचुनाव में सेरछिप सीट फिर जीती।[25]
मुख्यमंत्री पद
2023 के विधानसभा चुनाव में ज़ोरम पीपुल्स मूवमेंट ने सत्तारूढ़ मिज़ो नेशनल फ्रंट को पराजित किया। मुख्यमंत्री बनने के बाद लालदुहोमा ने राज्य की वित्तीय स्थिति सुधारने को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल बताया। उनकी राजनीतिक यात्रा पुलिस सेवा, राष्ट्रीय दल और क्षेत्रीय राजनीति के अलग-अलग चरणों से होकर गुज़री है।[26]