डॉ. बोकनाकेरे सिद्धलिंगप्प यडियूरप्प (कन्नड़: ಬೊಕನಕೆರೆ ಸಿದ್ಧಲಿಂಗಪ್ಪ ಯಡಿಯೂರಪ್ಪ) (जन्म: 27 फ़रवरी 1943 [2] ) एक भारतीय राजनेता और भारतीय राज्य कर्नाटक के 19वें मुख्यमंत्री रहे, जिन्होंने 30 मई 2008 को शपथ ग्रहण किया। यडियूरप्प कर्नाटक राज्य की विधानसभा में शिकारीपुरा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के विधायक हैं। उन्होंने साल भारतीय आम चुनाव, 2014 में शिमोगा से विशाल अंतर से जीता। भाजपा संघटन में उन्हें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष का पद दिया गया, लेकिन राज्य की राजनीति में उनकी सक्रियता को देखते हुए उन्हें राज्य का अध्यक्ष बना दिया गया। कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2008 में,…
डॉ. बोकनाकेरे सिद्धलिंगप्प यडियूरप्प (कन्नड़: ಬೊಕನಕೆರೆ ಸಿದ್ಧಲಿಂಗಪ್ಪ ಯಡಿಯೂರಪ್ಪ) (जन्म: 27 फ़रवरी 1943[2]) एक भारतीय राजनेता और भारतीय राज्य कर्नाटक के 19वें मुख्यमंत्री रहे, जिन्होंने 30 मई 2008 को शपथ ग्रहण किया। यडियूरप्प कर्नाटक राज्य की विधानसभा में शिकारीपुरा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के विधायक हैं। उन्होंने साल भारतीय आम चुनाव, 2014 में शिमोगा से विशाल अंतर से जीता। भाजपा संघटन में उन्हें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष का पद दिया गया, लेकिन राज्य की राजनीति में उनकी सक्रियता को देखते हुए उन्हें राज्य का अध्यक्ष बना दिया गया। कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2008 में, जीत के बाद कर्नाटक के मुख्यमंत्री बने थे। वह साल 2007 में जद (से) के साथ गठबंधन टूटने से पहले भी थोड़े समय के लिए कर्नाटक के मुख्यमंत्री रहे। वह किसी भी दक्षिण भारतीय राज्य में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री हैं।[3] मुख्यमंत्री रहते हुए उन पर ज़मीन आवंटन में गड़बड़ी के आरोप लगे, लेकिन हाल ही में उनको क्लीन-चिट मिल गया है।
26 जुलाई 2019 को श्री यडियूरप्प ने पुनः शपथ ग्रहण किया।
यडियूरप्प ने यौन अपराधों से बच्चों की सुरक्षा (POCSO) अधिनियम, 2012 के प्रावधानों के तहत अपने ख़िलाफ़ आरोप पत्र को रद्द करने की माँग की थी, जिसमें अब आठ महीने लग गए थे। पीड़ित के अग्रज ने मुख्यमंत्री सिद्दरामय्य से शीघ्र न्याय सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने की अपील की है।[4]
निजी जीवन
यडियूरप्प का जन्म 27 फ़रवरी 1943 को भारत के कर्नाटक राज्य के मांड्या ज़िले के बूकनाकेरे गाँव में हुआ था।[5][6]। उनके पिता का नाम सिद्धलिंगप्प और माता का नाम पुट्टतायम्मा था। यडियूरप्प हिंदू धर्म के लिंगायत समुदाय के हैं। कर्नाटक के तुमकुर ज़िले में यडियुर स्थान पर संत सिद्धलिंगेश्वर द्वारा बनाए गए शैव मंदिर के नाम पर उनका नाम रखा गया था।[7] जब यडियूरप्प चार साल के थे, तब ही इनकी माता जी का निधन हो गया।[3] उन्होंने कला से स्नातक किया है। 1965 में वह समाज कल्याण विभाग के प्रथम श्रेणी के किरानी चुए गए। लेकिन वह शिकारीपुर चले गए, जहाँ उन्होंने वीरभद्र शास्त्री के चावल कारखानें में किराने की नौकरी कर ली। 1967 में उन्होंने वीरभद्र शास्त्री की पुत्री मैत्रादेवी से शादी कर ली। बाद के दिनों में उन्होंने शिमोगा में हार्डवेयर की दुकान खोली। यडियूरप्प के दो पुत्र, बी वाई राघवेंद्र और विजयेंद्र एवं दो पुत्री हैं, जिनके नाम, अरूणादेवी, पद्मावती और उमादेवी हैं।[8] 2004 में एक दुर्घटना में उनकी पत्नी चल बसी.[9][10]
वर्तमान राजनैतिक भूमिका
२०१६ में उन्हें भारतीय जनता पार्टी की कर्नाटक राज्य इकाई का अध्यक्ष बनाया गया। भाजपा ने उन्हें मुख्यमंत्री पद का उम्मीद्वार घोषित करके कर्नाटक विधानसभा चुनाव, 2018 लड़ा मगर पार्टी १०४ सीटें जीतकर ८ सीटें बहुमत से कम रह गयी। राज्यपाल वजुभाई वाला ने भाजपा को सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते सरकार बनाने के लिये आमंत्रित किया तथा उन्होंने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।[11]
१९ मई २०१८ को मुख्यमंत्री यडियूरप्प ने विश्वास मत का सामना किये बिना ही इस्तीफ़ा देने की घोषणा कर दी और इस तरह कर्नाटक में दो दिन पुरानी यडियूरप्प सरकार गिर गई।[12][13]
बाहरी कड़ियाँ
पूर्वाधिकारी एम॰ पी॰ प्रकाश
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कर्नाटक के उप-मुख्यमन्त्री ०९ अक्टूबर २००६ – जनवरी २००७
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उत्तराधिकारी राष्ट्रपति शासन (०९ अक्टूबर २००७ - ११ नवम्बर २००७)
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पूर्वाधिकारी एच॰ डी॰ कुमारस्वामी
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कर्नाटक के मुख्यमन्त्री १२ नवम्बर २००७ – १९ नवम्बर २००७
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उत्तराधिकारी राष्ट्रपति शासन (१९ नवम्बर २००७ - ३० मई २००८)
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पूर्वाधिकारी राष्ट्रपति शासन (१९ नवम्बर २००७ - ३० मई २००८)
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कर्नाटक के मुख्यमन्त्री ३० मई २००८ – ३१ जुलाई २०११
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उत्तराधिकारी डी॰ वी॰ सदानन्द गौड़ा
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पूर्वाधिकारी सिद्दारमैया
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कर्नाटक के मुख्यमन्त्री १७ मई २०१८ – १९ मई २०१८
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उत्तराधिकारी एच॰ डी॰ कुमारस्वामी
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