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मस्जिद-ए-जहाँनुमा , जिसे आमतौर से जामा मस्जिद के नाम से जाना जाता है, पुरानी दिल्ली में स्थित भारत के सबसे बड़ी मस्जिदों में से एक है। [1] इसे 1644 और 1656 के बीच मुग़ल सम्राट शाह जहाँ द्वारा निर्मित किया गया था तथा इसके पहले इमाम अब्दुल ग़फूर शाह बुख़ारी थे। मुग़ल राजधानी शाहजहानाबाद में स्थित, यह मुग़ल सम्राटों की शाही मस्जिद होती थी। जामा मस्जिद भारत पर मुग़ल सत्ता को दर्शाता था। यह ब्रिटिश काल के दौरान भी एक महत्तवपूर्ण स्थल था। मस्जिद आज तक सक्रिय है और यह दिल्ली के सबसे विख्यात स्थलों में से एक है। इसे राष्ट्रीय महत्तव के स्मारकों की सूची में शामिल किया गया है। [2]
हरिमंदिर साहिब (पंजाबी: ਹਰਿਮੰਦਰ ਸਾਹਿਬ, अंग्रेज़ी: Golden Temple) सिख धर्मावलंबियों का सबसे पावन धार्मिक स्थल या सबसे प्रमुख गुरुद्वारा है जिसे दरबार साहिब या स्वर्ण मन्दिर भी कहा जाता है। यह भारत के राज्य पंजाब के अमृतसर शहर में स्थित है और यहाँ का सबसे बड़ा आकर्षण है। पूरा अमृतसर शहर स्वर्ण मंदिर के चारों तरफ बसा हुआ है। स्वर्ण मंदिर में हजारों श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं। अमृतसर का नाम वास्तव में उस सरोवर के नाम पर रखा गया है जिसका निर्माण गुरु राम दास ने स्वयं अपने हाथों से किया था। यह गुरुद्वारा इसी सरोवर के बीचोबीच स्थित है। इस गुरुद्वारे का बाहरी हिस्सा सोने का बना हुआ है, इसलिए इसे '…
कामाख्या मंदिर असम की राजधानी दिसपुर के पास गुवाहाटी से ८ किलोमीटर दूर कामाख्या में है। कामाख्या से भी १० किलोमीटर दूर नीलाचल पव॑त पर स्थित है। यह मंदिर शक्ति की देवी सती का मंदिर है। [3] यह मंदिर एक पहाड़ी पर बना है [4] व इसका महत् तांत्रिक महत्व है। प्राचीन काल से सतयुगीन तीर्थ कामाख्या वर्तमान में तंत्र सिद्धि का सर्वोच्च स्थल है। पूर्वोत्तर के मुख्य द्वार कहे जाने वाले असम राज्य की राजधानी दिसपुर से 6 किलोमीटर की दूरी पर स्थित नीलांचल अथवा नीलशैल पर्वतमालाओं पर स्थित मां भगवती कामाख्या का सिद्ध शक्तिपीठ सती के इक्यावन शक्तिपीठों में सर्वोच्च स्थान रखता है। यहीं भगवती की महामुद्रा (योनि-…
मीनाक्षी सुन्दरेश्वरर मन्दिर या मीनाक्षी अम्मां मन्दिर या केवल मीनाक्षी मन्दिर (तमिल: மீனாக்ஷி அம்மன் கோவில் ) भारत के तमिल नाडु राज्य के मदुरई नगर, में स्थित एक ऐतिहासिक मन्दिर है। यह हिन्दू देवता शिव (“‘सुन्दरेश्वरर”’ या सुन्दर ईश्वर के रूप में) एवं उनकी भार्या देवी पार्वती ( मीनाक्षी या मछली के आकार की आंख वाली देवी के रूप में) दोनो को समर्पित है। यह ध्यान योग्य बात है कि मछली पांड्य राजाओं का राजचिह्न था। यह मन्दिर तमिल भाषा के गृहस्थान 2500 वर्ष पुराने मदुरई नगर [1] , की जीवनरेखा है।
रामेश्वरम हिंदुओं का एक पवित्र तीर्थ है। यह तमिलनाडु के रामनाथपुरम जिले में स्थित है। यह तीर्थ हिन्दुओं के चार धामों में से एक है। इसके अलावा यहां स्थापित शिवलिंग बारह द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक माना जाता है। [क] भारत के उत्तर मे काशी की जो मान्यता है, वही दक्षिण में रामेश्वरम् की है। रामेश्वरम चेन्नई से लगभग सवा चार सौ मील दक्षिण-पूर्व में है। यह हिंद महासागर और बंगाल की खाड़ी से चारों ओर से घिरा हुआ एक सुंदर शंख आकार द्वीप है। बहुत पहले यह द्वीप भारत की मुख्य भूमि के साथ जुड़ा हुआ था, परन्तु बाद में सागर की लहरों ने इस मिलाने वाली कड़ी को काट डाला, जिससे वह चारों ओर पानी से घिरकर टाप…
सोमनाथ मन्दिर भूमण्डल में दक्षिण एशिया स्थित भारतवर्ष के पश्चिमी छोर पर गुजरात नामक प्रदेश स्थित, अत्यन्त प्राचीन व ऐतिहासिक शिव मन्दिर का नाम है। यह भारतीय इतिहास तथा हिन्दुओं के चुनिन्दा और महत्वपूर्ण मन्दिरों में से एक है। इसे आज भी भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों में सर्वप्रथम ज्योतिर्लिंग के रूप में माना व जाना जाता है। गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र के वेरावल बन्दरगाह में स्थित इस मन्दिर के बारे में कहा जाता है कि इसका निर्माण स्वयं चन्द्रदेव ने किया था, जिसका उल्लेख ऋग्वेद में स्पष्ट है। लोककथाओं के अनुसार यहीं श्रीकृष्ण ने देहत्याग किया था। इस कारण इस क्षेत्र का और भी महत्त्व बढ़ गया।
कोणार्क सूर्य मंदिर भारत के ओडिशा राज्य के पुरी जिले में समुद्र तट पर, पुरी शहर से लगभग 35 किलोमीटर (22 मील) उत्तर-पूर्व में स्थित कोणार्क कस्बे में एक 13वीं शताब्दी (लगभग 1250 ई.) का ऐतिहासिक सूर्य मंदिर है। [1] इस मंदिर के निर्माण का श्रेय पूर्वी गंगवंश के शासक प्रथम नरसिंह देव को दिया जाता है। सन् 1984 में यूनेस्को ने इसके स्थापत्य और ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए इसे विश्व धरोहर स्थल के रूप में मान्यता दी थी।
पुरी का श्री जगन्नाथ मन्दिर एक हिन्दू मन्दिर है, जो भगवान जगन्नाथ (श्रीकृष्ण) को समर्पित है। यह भारत के ओडिशा राज्य के तटवर्ती शहर पुरी में स्थित है। जगन्नाथ शब्द का अर्थ जगत के स्वामी होता है। इनकी नगरी ही जगन्नाथपुरी या पुरी कहलाती है। [1] [2] इस मन्दिर को हिन्दुओं के चार धाम में से एक गिना जाता है। यह वैष्णव सम्प्रदाय का मन्दिर है, जो भगवान विष्णु के अवतार श्री कृष्ण को समर्पित है। [3] इस मन्दिर का वार्षिक रथ यात्रा उत्सव प्रसिद्ध है। इसमें मन्दिर के तीनों मुख्य देवता, भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भ्राता बलभद्र और भगिनी सुभद्रा तीनों, तीन अलग-अलग भव्य और सुसज्जित रथों में विराजमान होकर नगर क…
बदरीनाथ अथवा बदरीनारायण मन्दिर भारतीय राज्य उत्तराखण्ड के चमोली जनपद में अलकनन्दा नदी के तट पर स्थित एक हिन्दू मन्दिर है। 'बदरीनाथ' व्याकरण और पुराने ग्रंथों के अनुसार अधिक शुद्ध और सही शब्द है, हालांकि बोलचाल में 'बद्रीनाथ' का प्रयोग भी बहुत अधिक किया जाता है। मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट पर इसके नाम के लिए “बदरीनाथ” और “बद्रीनाथ” दोनों वर्तनी मिलती हैं। [1] यह हिंदू देवता विष्णु को समर्पित मंदिर है और यह स्थान इस धर्म में वर्णित सर्वाधिक पवित्र स्थानों, चार धामों, में से एक यह एक प्राचीन मंदिर है जिसका निर्माण ७वीं-९वीं सदी में होने के प्रमाण मिलते हैं। मन्दिर के नाम पर ही इसके इर्द-गिर्द बस…
केदारनाथ मन्दिर भारत के उत्तराखण्ड राज्य के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित हिन्दुओं का प्रसिद्ध मंदिर है। उत्तराखण्ड में हिमालय पर्वत की गोद में केदारनाथ मन्दिर बारह ज्योतिर्लिंग में सम्मिलित होने के साथ चार धाम [क] और पंच केदार [ख] में से भी एक है। यहाँ की प्रतिकूल जलवायु के कारण यह मन्दिर अप्रैल से नवंबर माह के मध्य ही दर्शन के लिए खुलता है। पत्थरों से बने कत्यूरी शैली से बने इस मन्दिर के बारे में कहा जाता है कि इसका निर्माण पाण्डवों के पौत्र महाराजा जन्मेजय ने कराया था। यहाँ स्थित स्वयम्भू शिवलिंग अति प्राचीन है। आदि शंकराचार्य ने इस मन्दिर का जीर्णोद्धार करवाया। [1]
वैष्णो देवी , जिन्हें वैष्णवी , त्रिकुटा और शेरावाली के नाम से भी जाना जाता है, एक हिंदू देवी हैं जिन्हें शक्ति का स्वरूप माना जाता है। वैष्णो देवी मंदिर में, वे तीन पिंडियों के रूप में स्वयं प्रकट हैं, जिन्हें देवी महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती का रूप माना जाता है। उनकी पूजा एक तपस्वी, शाकाहारी और कुमारी देवी के रूप में की जाती है, जो विष्णु से संबंधित हैं। उन्हें महादेवी माना जाता है, जो एक दिव्य "माता" के रूप में अपने भक्तों की रक्षा करती हैं और उन्हें आशीर्वाद प्रदान करती हैं। [3]
तिरुपति वेंकटेश्वर मन्दिर एक हिंदू मंदिर है जो भारत के आंध्र प्रदेश के तिरुपति जिले के पहाड़ी शहर तिरुमला में स्थित है । यह मंदिर भगवान विष्णु के एक रूप भगवान वेंकटेश्वर को समर्पित है, जिनके बारे में माना जाता है कि वे मानव जाति को कलियुग की परीक्षाओं और परेशानियों से बचाने के लिए पृथ्वी पर प्रकट हुए थे। इसलिए इस स्थान का नाम कलियुग वैकुंठ भी पड़ा है और यहां के देवता को कलियुग प्रत्यक्ष दैवम कहा जाता है। इस मंदिर को तिरुमला मंदिर, तिरुपती मंदिर और तिरूपति बालाजी मंदिर जैसे अन्य नामों से भी जाना जाता है। वेंकटेश्वर को कई अन्य नामों से जाना जाता है बालाजी, गोविंदा और श्रीनिवास। मंदिर तिरुमला …
राम मंदिर भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के अयोध्या में स्थित एक हिंदू मंदिर है। हिन्दू मान्यताओं के अनुसार यह राम जन्मभूमि पर स्थित है, जो हिन्दू धर्म के प्रमुख देवता राम का जन्मस्थान है। [4]