| देश | भारत |
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| प्रान्त | हिमाचल प्रदेश |
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| ज़िला | कुल्लू ज़िला |
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| • कुल | 8,096 |
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| • प्रचलित | पहाड़ी , हिन्दी |
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| समय मण्डल | भारतीय मानक समय ( UTC+5:30 ) |
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| पिनकोड | 175 131 |
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| दूरभाष कूट | +911902 |
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| वाहन पंजीकरण | एच पी - 58 |
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| वेबसाइट | https://ongpl.com |
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मनाली (Manali) भारत के हिमाचल प्रदेश राज्य के कुल्लू ज़िले में स्थित एक नगर है। यह 1,950 मीटर (6,398 फीट) की ऊँचाई पर ब्यास नदी के किनारे कुल्लू घाटी के उत्तरी छोर पर बसा हुआ है। मनाली राज्य की राजधानी, शिमला, से 270 किमी उत्तर में, चंडीगढ़ से 3में यारकन्द और ख़ोतान जाने के प्राचीन व्यापारिक मार्ग का आरम्भ-बिन्दु है। मनाली एक लोकप्रिय पर्वतीय स्थल (हिल स्टेशन) है और पर्यटकों के लिए लाहौल और स्पीति ज़िले तथा लेह का प्रवेशद्वार भी है।[1][2]
मनाली शहर का नाम मनु के नाम पर पड़ा है। मनाली शब्द का शाब्दिक अर्थ "मनु का निवास-स्थान" होता है। पौराणिक कथा के मुताबिक जल-प्रलय से दुनिया की तबाही के बाद मनुष्य जीवन को दुबारा निर्मित करने के लिए साधु मनु अपने जहाज से यही पर उतरे थे। मनाली को "देवताओं की घाटी" के रूप में जाना जाता है। पुराने मनाली गांव में ऋषि मनु को समर्पित एक अति प्राचीन मंदिर हैं।
दिल्ली से मनाली Archived 2022-10-26 at the वेबैक मशीन की दूरी 590 किलोमीटर है जो कि राष्ट्रीय राजमार्ग 152 से होकर गुजरता है। इसमें आपको सड़क द्वारा 12 घंटे और 40 मिनट का समय लग जाता है यह समय तब है अगर आपको कहीं रास्ते में जाम का सामना न करना पड़े तो आप लगभग इस टाइम के भीतर दिल्ली से मनाली पहुंच जाते हैं।
मनाली और उसके आस-पास के क्षेत्र भारतीय संस्कृति और विरासत के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं क्योंकि इसे सप्तर्षि या सात ऋषियों का घर बताया गया है।[3] ब्रिटिश राज ने सेब के पेड़ और ट्राउट (एक प्रकार की मछली) की शुरुआत की जो मनाली के पेड़-पौधों एवं जीवों में बिल्कुल नहीं पाई जाती थीं। ऐसा कहा जाता है कि जब सेब के पेड़ों का रोपण हुआ तो इतने ज्यादा सेब फलने लगते थे कि उनकी टहनियां वजन को न सह पाने के कारण गिर जाती थी। आज भी यहां के अधिकांश निवासियों के लिए बेर और नाशपाती के साथ-साथ सेब भी इनके आय के सबसे बड़े माध्यम हैं। 1980 के शेष दशक में कश्मीर में बढ़ते आतंकवाद के बाद मनाली के पर्यटन को जबरदस्त बढ़ावा मिला. जो गांव कभी सुनसान रहा करता था वो अब कई होटलों और रेस्तरों वाले एक भीड़-भाड़ वाले शहर में परिवर्तित हो गया।
मनाली 32°10′N 77°06′E / 32.16°N 77.10°E / 32.16; 77.10 पर अवस्थित है। यह शहर 1,800 मी॰ (5,900 फीट) से ऊपरी "प्राचीन मनाली" भाग, 2,000 मी॰ (6,600 फीट) की ऊंचाई तक फैला हुआ है।[4]
2011 के अनुसार [update] भारतीय जनगणना के अनुसार मनाली की जनसंख्या 6265 थी। आबादी का 64% पुरुष और 36% महिलाएं थीं। मनाली की औसत साक्षरता दर 74% था, जो राष्ट्रीय औसत 59.5% से ज्यादा था: पुरुष साक्षरता 80% और महिला साक्षरता 63% थीं। मनाली में जनसंख्या का 9% भाग 6 वर्ष की आयु से कम था।[5]
मनाली का मौसम जाड़े में प्रबल रूप से ठंडा और गर्मी के दिनों में हल्का ठंडा रहता है। तापक्रम की सीमा वर्ष भर 4 °से. (39 °फ़ै) से 20 °से. (68 °फ़ै) रहती हैं। गर्मी के दिनों में औसत तापमान 04 °से. (39 °फ़ै) और 15 °से. (59 °फ़ै), तथा जाड़े के दिनों में −15 °से. (5 °फ़ै) से 05 °से. (41 °फ़ै) के बीच रहता है।
मासिक वर्षा (बर्फ़बारी/बारिश) नवंबर में 24 mमी॰ (0.079 फीट) से लेकर जुलाई के 415 mमी॰ (1.362 फीट) के बीच बदलती रहती है। औसतन थोड़ी 45 mमी॰ (0.148 फीट) पात (बर्फ़बारी/बारिश) जाड़े और बसंत के मौसम के दौरान प्राप्त होती है, जो मानसून के प्रवेश करते ही गर्मियों में कुछ 115 mमी॰ (0.377 फीट) बढ़ जाती है। औसतन कुल वार्षिक पात (बर्फ़बारी/बारिश) 1,520 mमी॰ (4.99 फीट) है। इस क्षेत्र में हिमपात जो आमतौर पर दिसंबर के महीने में होती थी, पिछले पन्द्रह वर्षों से विलंबित होकर जनवरी या शुरूआती फरवरी में होने लगी है।
| मनाली (1971–2000) के लिये मौसम आंकड़े
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| माह
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जन
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फ़र
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मार्च
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अप्रैल
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मई
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जून
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जुल
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अग
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सितं
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अक्तू
|
नवं
|
दिसं
|
वर्ष
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| अंकित अधिक °C (°F)
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19.5 (67.1)
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23.5 (74.3)
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27.0 (80.6)
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30.0 (86)
|
35.0 (95)
|
33.2 (91.8)
|
32.6 (90.7)
|
30.6 (87.1)
|
29.2 (84.6)
|
30.0 (86)
|
25.6 (78.1)
|
21.5 (70.7)
|
35.0 (95)
|
| औसत अधिक °C (°F)
|
10.6 (51.1)
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11.6 (52.9)
|
15.9 (60.6)
|
21.9 (71.4)
|
24.9 (76.8)
|
27.2 (81)
|
25.9 (78.6)
|
25.4 (77.7)
|
25.0 (77)
|
22.5 (72.5)
|
18.4 (65.1)
|
13.7 (56.7)
|
20.4 (68.7)
|
| औसत निम्न °C (°F)
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−1.6 (29.1)
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−0.7 (30.7)
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2.3 (36.1)
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5.8 (42.4)
|
8.5 (47.3)
|
12.4 (54.3)
|
15.4 (59.7)
|
14.9 (58.8)
|
11.2 (52.2)
|
5.5 (41.9)
|
1.5 (34.7)
|
−0.1 (31.8)
|
6.5 (43.7)
|
| अंकित न्यून °C (°F)
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−11.6 (11.1)
|
−11.0 (12.2)
|
−6.0 (21.2)
|
−1.0 (30.2)
|
1.0 (33.8)
|
4.4 (39.9)
|
7.4 (45.3)
|
7.0 (44.6)
|
3.0 (37.4)
|
−1.5 (29.3)
|
−5.0 (23)
|
−10.0 (14)
|
−11.6 (11.1)
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| औसत वर्षा mm (इंच)
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108.4 (4.268)
|
133.5 (5.256)
|
202.3 (7.965)
|
108.0 (4.252)
|
78.9 (3.106)
|
88.0 (3.465)
|
215.1 (8.469)
|
221.7 (8.728)
|
100.4 (3.953)
|
52.3 (2.059)
|
43.0 (1.693)
|
59.5 (2.343)
|
1,411.1 (55.555)
|
| औसत वर्षा दिवस
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6.6
|
8.2
|
9.3
|
6.2
|
5.7
|
7.3
|
14.7
|
15.0
|
8.5
|
3.4
|
2.8
|
3.5
|
91.1
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| स्रोत: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (2010 तक अधिकतम एवं न्यूनतम तापमान)[6][7]
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पारंपरिक घर, मनाली, 2004
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वन विहार से दिखने वाले व्यास नदी और पहाडियां
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मनाली में रोहतांग दर्रे का एक दृश्य
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मनाली में पर्वत श्रृंखलाएं
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प्रार्थना झंडे के साथ शहर के बीच में पुल
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रोहतांग दर्रा, मनाली
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मनाली में स्कीइंग
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वन विहार से व्यास नदी व पर्वतों का दृश्य
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घाटी में देवदारु वृक्ष
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हरी भरी घाटी
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सघन वन के बीच मार्ग
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व्यास नदी, मनाली
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हिमाचल प्रदेश की मनाली घाटी में ब्यास नदी और पैदल पुल
मनाली एक लोकप्रिय हिमालय सम्बन्धी पर्यटक स्थल है और यह हिमाचल प्रदेश आने वाले कुल यात्रियों का लगभग एक चौथाई हिस्सा दर्शाता है। [30] मनाली का ठंडा वातावरण भारत की चिलचिलाती गर्मी के मौसम में भी राहत प्रदान करता है। यहां साहसी खेलों जैसे स्कीइंग, हाइकिंग (लंबी पैदल यात्रा), पर्वतारोहण, पैराग्लाइडिंग, राफ्टिंग, ट्रैकिंग, कायाकिंग और माउन्टेन बाइकिंग का भी पर्यटक आनन्द लेते हैं। यॉक स्कीइंग इस क्षेत्र का एक अनोखा खेल है।[8] अपने "एक्सट्रीम याक स्पोर्ट्स" के कारण मनाली को "एशिया में सर्वश्रेष्ठ" के रूप में टाईम्स मैगजीन में चित्रित किया गया।[8] मनाली इसके अलावा गर्म बसंत, धार्मिक तीर्थ स्थानें और तिब्बती बौद्ध मंदिरें भी प्रदान करता है। पिछले वर्षों में मनाली नवदम्पतियों का एक पसंदीदा स्थान बन गया है। आंकड़े दर्शाते हैं कि मौसम (मई, जून, दिसंबर, जनवरी) में रोजाना लगभग 550 जोड़े हनीमून के लिए मनाली पहुंचते हैं और शेष समय में रोजाना लगभग 350 जोड़े प्रतिदिन मनाली पहुंचते हैं। यह स्थान अपने बौद्ध मठों के लिए जाना जाता हैं। पूरे कुल्लू घाटी में तिब्बती शरणार्थियों की सबसे ज्यादा उपस्थिति के साथ-साथ यह अपने 1969 में निर्मित गदन थेकोकलिंग गोम्पा के लिए भी प्रसिद्ध है। मठों का रख-रखाव स्थानीय चंदों और मंदिर कार्यशाला में हस्त निर्मित कालीनों को बेचकर किया जाता है। सबसे छोटा और अत्याधुनिक हिमालयन न्यिन्गामापा गोम्पा बाज़ार के निकट सूर्यमुखी के लहलहाते बगीचे में स्थित है।
- नाग्गर किला, जो मनाली के दक्षिण में स्थित है, पाल साम्राज्य का स्मारक है। चट्टानों, पत्थरों और लकड़ियों के विस्तृत कढ़ाईयों से बना यह हिमाचल के समृद्ध और सुरुचिपूर्ण कलाकृतियों का सम्मिश्रण है। इस किले को बाद में एक होटल में परिवर्तित कर दिया गया।
- हिडिम्बा देवी मंदिर, 1553 में स्थापित, पांडव राजकुमार भीम की पत्नी हिडिम्बा, जो स्थानिय देवी है, उनको समर्पित हैं। यह मंदिर अपने चार मंजिला शिवालय एवं विलक्षण काठ की कढ़ाई के लिए जाना जाता है।
- रहला झरनें, रोह्तंग मार्ग की चढाई के आरम्भ में मनाली से कुछ 27 kमी॰ (89,000 फीट) पड़ते हैं, ये 2,501 मी॰ (8,205 फीट) की ऊंचाई पर स्थित खूबसूरत रहला झरनें हैं।
- सोलंग घाटी जिसे लोकप्रिय रूप से बर्फ बिंदु (स्नो पॉइंट) के रूप में जाना जाता है, मनाली के 13 किमी उत्तर पश्चिम में है।
- मानिकरण कुल्लू से करीब 45 किमी दूर मनाली जाने वाले रास्ते में स्थित है और पार्वती नदी के नजदीक अपने गर्म सोतों के लिए जाना जाता है।
- सड़क मार्ग
मनाली, राष्ट्रीय राजमार्ग 3 द्वारा दिल्ली से बहुत अच्छी तरह जुड़ी हुई है, जो लेह तक जाती है और जो दुनिया की सबसे ऊंची वाहनीय सड़क होने का दावा करती है। नई दिल्ली से मनाली तक हरियाणा के पानीपत और अम्बाला, चंडीगढ़ (केंद्र शासित क्षेत्र), पंजाब के रोपर और हिमाचल के बिलासपुर, सुंदरनगर व मंडी शहर आते हैं।
- रेल मार्ग
रेल से मनाली पहुंचना इतना आसान नहीं है। सबसे नज़दीकी बड़ी लाइनों के मुख्य रेलवे स्टेशन उना (250 kमी॰ (820,000 फीट)) चंडीगढ़ (315 kमी॰ (1,033,000 फीट)), पठानकोट (325 kमी॰ (1,066,000 फीट)) और कालका (310 kमी॰ (1,020,000 फीट)) में हैं। नज़दीकी छोटी लाइन का मुख्य रेलवे स्टेशन जोगिंदर नगर (135 किलोमीटर (443,000 फीट)) में हैं। [9]
- वायु मार्ग
सबसे नज़दीकी वायु सेवाएं, कुल्लू-मनाली विमानक्षेत्र, भुंतर में उपलब्ध हैं, जो मनाली से करीब 50 kमी॰ (160,000 फीट) दूर है। वर्तमान में, किंगफिशर रेड दिल्ली से प्रतिदिन निरंतर सेवाएं संचालित करती है, एयर इंडिया सप्ताह में दो बार निरंतर सेवा प्रदान करती है और MDLR एयरलाइन्स हफ्ते में छ: बार दिल्ली के लिए सेवाएं प्रदान करती हैं।
- वर्मा, वी. 1996. गद्दिस ऑफ़ धौलाधार : ए ट्रांशुमेंट ट्राइब ऑफ़ द हिमालयास. इंडस पब्लिशिंग कं., नई दिल्ली.
- हंडा, O.C. 1987. बुद्धिस्ट मोनास्टेरीज़ इन हिमाचल प्रदेश . इंडस पब्लिशिंग कं., नई दिल्ली. ISBN 81-85182-03-5.
निर्देशांक: 32°16′N 77°10′E / 32.27°N 77.17°E / 32.27; 77.17
मनाली भारत के हिमाचल प्रदेश प्रान्त का एक शहर है। मनाली कुल्लु घाटी के उत्तर में स्थित हिमाचल प्रदेश का लोकप्रिय पहाड़ी स्थल है। समुद्र तल से 2050 मीटर की ऊँचाई पर स्थित मनाली व्यास नदी के किनारे बसा है। गर्मियों से निजात पाने के लिए इस हिल स्टेशन पर हजारों की तादाद में सैलानी आते हैं। सर्दियों में यहां का तापमान शून्य डिग्री से नीचे पहुंच जाता है। आप यहां के खूबसूरत प्राकृतिक दृश्यों के अलावा मनाली में हाइकिंग, पैराग्लाइडिंग, राफ्टिंग, ट्रैकिंग, कायकिंग जैसे खेलों का भी आनंद उठा सकते है। यहां के जंगली फूलों और सेब के बगीचों से छनकर आती सुंगंधित हवाएं दिलो दिमाग को ताजगी से भर देती हैं।
पौराणिक ग्रंथों में मनाली को मनु का घर कहा गया है। कहा जाता है कि जब सारा संसार प्रलय में डूब गया था तो एकमात्र मनु की जीवित बचे थे। मनाली में आकर ही उन्होनें मनुष्य की पुर्नरचना की। इसलिए मनाली को हिन्दुओं का पवित्र तीर्थस्थल भी माना जाता है।me darshan Yuvraj deshamukh
समुद्र तल से 1533 मीटर की ऊँचाई पर स्थित यह मंदिर धूंगरी मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। मंदिर यहां की स्थानीय देवी हिडिम्बा को समर्पित है। हिडिम्बा महाभारत में वर्णित भीम की पत्नी थी। मई के महीने में यहां एक उत्सव मनाया जाता है। महाराज बहादुर सिंह ने यह मंदिर 1553 ई. में बनवाया था। लकड़ी से निर्मित यह मंदिर पैगोड़ा शैली में बना है।
मनाली से 3 किलोमीटर दूर वशिष्ठ स्थित है। प्राचीन पत्थरों से बने मंदिरों का यह जोड़ा एक दूसरे के विपरीत दिशा में है। एक मंदिर भगवान राम को और दूसरा संत वशिष्ठ को समर्पित है।
समुद्र तल से 1700 मीटर की ऊँचाई पर स्थित मणिकरण गर्म पानी का झरना है। कहा जाता है शिव की पत्नी पार्वती के कर्णफूल यहां खो गए थे। उसके बाद से इस झरने का जल गर्म हो गया। हजारों लोग यहां के जल में पवित्र डुबकी लगाने दूर-दूर से आते हैं। यहां का पानी इतना गर्म है कि इसमें चावल, दाल और सब्जियों को उबाला जा सकता है।
मनाली के बौद्ध मठ बहुत लोकप्रिय हैं। कुल्लू घाटी के सर्वाधिक बौद्ध शरणार्थी यहां बसे हुए हैं। यहां का गोधन थेकचोकलिंग मठ काफी प्रसिद्ध है। 1969 में इस मठ को तिब्बती शरणार्थियों ने बनवाया था।
मनाली से 50 किलोमीटर दूर समुद्र तल से 4111 मीटर की ऊँचाई पर स्थित यह दर्रा साहसिक पर्यटकों को बहुत रास आता है। दर्रे के पश्चिम में दसोहर नामक एक खूबसूरत झील है। गर्मियों के दिनों में भी यह स्थान काफी ठंडा रहता है। जून से नवंबर के बीच लाहौल घाटी से यहां पहुंचा जा सकता है। यहां से कुछ दूरी पर सोनपानी ग्लेशियर है।
यह कुंड पवित्र व्यास नदी का जल स्रोत है। व्यास नदी में झरने के समान यहां से पानी बहता है। यहां का पानी एकदम साफ और इतना ठंडा होता है कि उंगलियों को सुन्न कर देता है। इसके चारों ओर पत्थर ही पत्थर हैं और वनस्पतियां बहुत कम हैं।
मनाली से 3 किलोमीटर उत्तर पश्चिम में ओल्ड मनाली है जो बगीचों और प्राचीन गेस्टहाउसों के लिए काफी प्रसिद्ध है। मनालीगढ़ नामक क्षतिग्रस्त किला भी यहां देखा जा सकता है।
मनाली से 13 किमी की दूरी पर स्थित सोलंग नुल्लाह 300 मीटर की स्की लिफ्ट के लिए लोकप्रिय है। इस खूबसूरत स्थान से ग्लेशियर और बर्फ से ढकी पहाड़ों की चोटियों के मनोहर नजारे देखे जा सकते हैं। नजदीक ही मनाली की प्रारंभिक राजधानी जगतसुख भी देखने योग्य जगह है।
ओल्ड मनाली में स्थित मनु मंदिर महर्षि मनु को समर्पित है। यहां आकर उन्होंने ध्यान लगाया था। मंदिर तक पहुंचने का मार्ग दुरूह और रपटीला है।
कहा जाता है महाभारत के अर्जुन ने यहां तपस्या की थी। इसी स्थान पर इन्द्रदेव ने उन्हें पशुपति अस्त्र प्रदान किया था
- वायुमार्ग
मनाली से 50 किलोमीटर की दूरी पर भुंतर नजदीकी एयरपोर्ट है। मनाली पहुंचने के लिए यहां से बस या टैक्सी की सेवाएं ली जा सकती हैं।
- रेलमार्ग
जोगिन्दर नगर नैरो गैज रेलवे स्टेशन मनाली का नजदीकी रेलवे स्टेशन है जो मनाली से 135 किलोमीटर की दूरी पर है। मनाली से 310 किलोमीटर दूर चंडीगढ़ नजदीकी ब्रॉड गेज रेलवे स्टेशन है।
- सड़क मार्ग
मनाली हिमाचल और आसपास के शहरों से सड़क मार्ग से जुड़ा हुआ है। राज्य परिवहन निगम की बसें अनेक शहरों से मनाली जाती हैं।
संदर्भ / स्रोत
- " Himachal Pradesh, Development Report , State Development Report Series, Planning Commission of India, Academic Foundation, 2005, ISBN 9788171884452 ↗
- " Himachal Pradesh District Factbook ," RK Thukral, Datanet India Pvt Ltd, 2017, ISBN 9789380590448 ↗
- भास्कर न्यूज़ नेटवर्क. "रोशनी का चयन साहसिक अभियान मनाली के लिए" . दैनिक भास्कर . ↗
- "फौलिंग रेन जेनोमिक्स, इंक. (इनकोरपोरेशन) - मनाली" . मूल से से 1 जनवरी 2009 को पुरालेखित। . अभिगमन तिथि: 8 अक्तूबर 2009 . ↗
- "भारत की जनगणना २००१: २००१ की जनगणना के आँकड़े, महानगर, नगर और ग्राम सहित (अनंतिम)" . भारतीय जनगणना आयोग . अभिगमन तिथि: 2007-09-03 . ↗
- "Manali Climatological Table Period: 1971–2000" . भारतीय मौसम विज्ञान विभाग . अभिगमन तिथि: अप्रैल 15, 2015 . ↗
- "Ever recorded Maximum and minimum temperatures up to 2010" (PDF) . भारतीय मौसम विज्ञान विभाग . अभिगमन तिथि: अप्रैल 15, 2015 . ↗
- अ आ "टाइमएशिया पत्रिका (TIMEasia Magazine): एशिया के सर्वश्रेष्ठ - ऐक्सट्रीम यॉक स्पोट्स" . मूल से से 25 सितंबर 2009 को पुरालेखित। . अभिगमन तिथि: 8 अक्तूबर 2009 . ↗
- मनाली : लवर्स पैराडाइस Archived 2018-08-22 at the वेबैक मशीन / शब्द.इन / अभिगमन तिथि: २२ अगस्त, २०१८ ↗