पुणे

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पुणे
दूरभाष कोड020
PIN411001 – 411062
समय मण्डलIST ( UTC+5:30 )
• आधिकारिकमराठी
वासीनामपुणेकर
• PMR घनत्व1,003/किमी 2 (2,597/मील 2 )
• PMR72,76,000
• PMC घनत्व13,000/किमी 2 (33,000/मील 2 )
• PMC62,00,000
• पद9वाँ
ऊँचाई570.62 मी॰ (1,872.1 फीट)
• नगर आयुक्तराजेंद्र भोसले
• सभापुणे महानगरपालिका
• प्रणालीनगर निगम
स्थापना768 ई.
ज़िलापुणे
राज्यमहाराष्ट्र
देशभारत
वाहन पंजीकरणMH 12, MH 14, MH 42, MH 53 (पुणे दक्षिण), MH 54 (पुणे उत्तर)
वेबसाइटpmc .gov .in /en

पुणे (अंग्रेज़ी: Pune) भारत के महाराष्ट्र राज्य का एक महत्त्वपूर्ण शहर है। पुणे भारत का छठवां सबसे बड़ा शहर व महाराष्ट्र का दूसरा सबसे बड़ा शहर है।.[5] यह शहर महाराष्ट्र के पश्चिम भाग, मुला व मुठा इन दो नदियों के किनारे बसा है और पुणे जिला का प्रशासकीय मुख्यालय है। सार्वजनिक सुखसुविधा व विकास के हिसाब से पुणे महाराष्ट्र मे मुंबई के बाद अग्रसर है। [6][7])अनेक नामांकित शिक्षणसंस्थायें होने के कारण इस शहर को 'पूरब का ऑक्सफोर्ड' भी कहा जाता है। पुणे में अनेक प्रौद्योगिकी और ऑटोमोबाईल उपक्रम हैं, इसलिए पुणे भारत का ”डेट्राइट” जैसा लगता है। काफी प्राचीन ज्ञात इतिहास से पुणे शहर महाराष्ट्र की 'सांस्कृतिक राजधानी' माना जाता है। मराठी भाषा इस शहर की मुख्य भाषा है।

पुणे शहर मे लगभग सभी विषयों के उच्च शिक्षण की सुविधा उपलब्ध है। पुणे विद्यापीठ, राष्ट्रीय रासायनिक प्रयोगशाला, आयुका, आगरकर संशोधन संस्था, सी-डैक जैसी आन्तरराष्ट्रीय स्तर के शिक्षण संस्थान यहाँ है। पुणे फिल्म इन्स्टिट्युट भी काफी प्रसिद्ध है।

पुणे महाराष्ट्र व भारत का एक महत्त्वपूर्ण औद्योगिक केन्द्र है। टाटा मोटर्स, बजाज ऑटो, भारत फोर्ज जैसे उत्पादनक्षेत्र के अनेक बड़े उद्योग यहाँ है। 1990 के दशक मे इन्फोसिस, टाटा कंसल्टंसी सर्विसे, विप्रो, सिमैंटेक, आईबीएम जैसे प्रसिद्ध सॉफ्टवेअर कंपनियों ने पुणे मे अपने केन्द्र खोले और यह शहर भारत का एक प्रमुख सूचना प्रौद्योगिकी उद्योगकेन्द्र के रूप मे विकसित हुआ।

2024 में पुणे की अनुमानित जनसंख्या 10,480,787 है |[8]

नाम[संपादित करें]

पुणे यह नाम 'पुण्यनगरी' नाम से आया समझा जाता है। यह शहर ई.स. 8 के शतक मे 'पुन्नक' (या 'पुण्यक') नाम से जाना जाता था, ऐसा सन्दर्भ मिलता है। ई.स. 11 के शतक मे 'कसबे पुणे' या 'पुनवडी' नाम से जाना जाने लगा। मराठा साम्राज्य के काल खण्ड मे शहर का नाम 'पुणे' मे रूप मे उपयोग मे लाया जाने लगा। ब्रिटिश ने उसे 'पूना' कह कर सम्बोधित करने की शुरूवात की। अब यह पुणे, इस आधिकारिक नाम से जाना जाता है।

इतिहास[संपादित करें]

आठवी शताब्दी मे पुणे को "पुन्नक " नाम से जाना जाता था। शहर का सबसे पुराना वर्णन ई.स. 758 का है, जब उस काल के राष्ट्रकूट राज मे इसका उल्लेख मिलता है। मध्ययुग काल का एक प्रमाण जंगली महाराज मार्ग पर पाई जाने वाली पातालेश्वर गुफा है, जो आठ्वी सदी की मानी जाती है। 17वीं शताब्दी मे यह शहर निजामशाही, आदिलशाही, मुगल ऐसे विभिन्न राजवंशो का अंग रहा। सतरहवी शताब्दी में शहाजीराजे भोसले को निजामशाहा अहमदनगरने पुणे की जमीनदारी दी थी। इस जमींदारी मे उनकी पत्नी जिजाबाई ने ई.स. 1627 में शिवनेरी (जुन्नर किला)किले पर छत्रपति शिवाजीराजे भोसले को जन्म दिया। शिवाजी महाराज ने अपने साथियों के साथ पुणे परिसर में मराठा साम्राज्य की स्थापना की। इस काल मे पुणे में शिवाजी महाराज का वर्चस्व था। आगे पेशवा के काल मे ई.स. 1749 सातारा को छत्रपति की गद्दी और राजधानी बना कर पुणे को मराठा साम्राज्य की 'प्रशासकीय राजधानी' बना दी गई। पेशवा के काल मे पुणे की काफी तरक्की हुई। ई.स. 1818 तक पुणे मे मराठों का राज्य था।

मराठा साम्राज्य[संपादित करें]

पुणे छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन व मराठा साम्राज्य के इतिहास का एक महत्वपूर्ण अंग है। ई.स. 1635-36 के दरमयान जब जिजाबाई व शिवाजी महाराज पुणे आवास के लिए आए, तबसे पुणे के इतिहास में एक नए पर्व का जन्म हुआ। शिवाजी महाराज व जिजामाता पुणे में लाल महल मे रहते थे। पुणे के ग्रामदेवता- कसबा गणपती की स्थापना जिजाबाई ने की थी।

17वीं शतब्दी के प्रारम्भ में, छत्रपती शाहू के प्रधानमन्त्री, थोरले बाजीराव पेशवे को पुणे को अपना स्थाई आवास बनाना था। छत्रपति शाह महाराज ने इसकी अनुमति दी व पेशवा ने मुठा नदी के किनारे शनिवार वाड़ा बनाया।

खरडा इस ऐतिहासिक किले पर मराठों एवं निज़ाम के बीच ई.स. 1795 के बीच युध्द हुआ। ई.स. 1817 को पुणे के पास खडकी ब्रिटिश व मराठों में युध्द हुआ। मराठो को इस युद्ध में पराजय का सामना करना पड़ा व ब्रिटिश ने पुणे को अपने कबजे में कर लिया। ब्रिटिश ने पुणे के महत्व को समझते हुए शहर के पूर्व मे खडकी कँटोन्मेंट (लष्कर छावनी) की स्थापना की। ई.स. 1858 में पुणे महानगरपालिका की स्थापना हुई। 19वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में पुणे मे अनेक नामांकित शिक्षण संस्थाओ की स्थापना हुई।

स्वातन्त्रा संग्राम[संपादित करें]

भारतीय स्वातन्त्रा संग्राम में पुणे के नेताओं और समाज सुधारकों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। महात्मा ज्योतिबा फुले और सावरकर जैसे नेताओं के कारण पुणे राष्ट्र के नक्शे पर अपने महत्व को दर्शाता रहा। महादेव गोविन्द रानडे, लोकमान्य टिळक, रा.ग. भाण्डारकर, विठ्ठल रामजी शिन्दे, गोपाल कृष्ण गोखले, लोखण्डे जैसे समाजसुधारक व राष्ट्रीय ख्याती के नेता पुणे से थे।

भूगोल[संपादित करें]

पुणे का स्थान 18°31'22.45" उत्तर अक्षांश, 73° 52' 32.69 पूर्व रेखांश है।

पुणे का मध्यबिन्दु (Zero milestone) पुणे जी.पी.ओ पोस्ट ऑफिस के बाहर है। जी.पी.ओ. पुणे सह्याद्रि पर्वत के पूर्व और समुद्रतल से 560 मी (1,837 फूट) की ऊचाँई पर है। भीमा नदीकी उपनदियाँ मुला व मुठा के संगम पर यह शहर बसा है। पवना व इन्द्रायणी ये नदियाँ पुणे शहर के उत्तर-पश्चिम दिशा मे बहती है। शहर का सर्वोच्च बिन्दु वेताल टेकडी (समुद्रतल से 800 मी) है और शहर के पास का सिंहगड किले की ऊचाँई 1300 मी. है।

पुणे शहर कोयना भूकम्प क्षेत्र मे आता है जो पुणे शहर से 100 कि॰मी॰ दक्षिण दिशा मे है। पुणे में मध्यम व छोटे भूकम्प आए है। कात्रज, में 17 मई, 2004 को 3.2 रि. स्केल का भूकंप आया था।

पेठ[संपादित करें]

पुणे शहर के पूर्व में नदी किनारे पेठ के अनुसार बढता गया, जो नए उपनगर है और जुडते हुए शहर का विस्तार करते चले गए है। पेठ के नाम सप्ताह के दिनो के नाम और ऐतिहासिक व्यक्तियों के नाम पर रखे गए। पुणे के पेठ के नाम इस प्रकार हैं:

पुणे ये १७ पेठ का शहर है। कसबा पेठ, रविवार पेठ, सोमवार पेठ, मंगलवार पेठ, बुधवार पेठ, गुरुवार पेठ, शुक्रवार पेठ, शनिवार पेठ, गंज पेठ (महात्मा फुले पेठ), सदाशिव पेठ, नवी (सदाशिव) पेठ, नारायण पेठ, भवानी पेठ, नाना पेठ, रास्ता पेठ, गणेश पेठ, घोरपडे पेठ।

वातावरण[संपादित करें]

पुणे शहर मे गर्मी, (मौनसून) वर्षा व शीत ऋतु होती है। मार्च से मई (तापमान 25°- 29° से.) सबसे गर्म महीने हैं। मई महीने में बारिश शुरु होती है। जून महीने मे अरब सागर से मानसून की हवाएँ शुरू होती है। पुणे में वार्षिक 722 मि.मी. बारिश होती है। जुलाई महिने में सबसे ज्यादा बारिश होती है। बारिश मे तापमान 20°- 28° से. होता है।

मानसून के बाद अक्तूबर महीने मे दिन मे तापमान बढ़ता है मगर रात को ठंढ़ होती है। सर्दी नवंबर से फरवरी महीनों मे रहती है। इस समय पुणे भेट करने के लिए सर्वोत्तम समय है। इस समय दिन का तापमान 29°से तो रात्रि का तापमान 10°से नीचे होता है। दिसंबर व जनवरी महीनों में तापमान 5-6°से तक नीचे जाता है। पुणे का अधिकतम तापमान 43.3°से, 20 अप्रैल, 1987/7 मई, 1889 को और (1781-1940 के बीच के वर्षो मे) न्यूनतम तापमान 1.7°से 17 जनवरी 1935 को दर्ज किया गया। जनवरी 1991 मे पुणे का तापमान 2.8°से था।

जैवविविधता[संपादित करें]

पुणे शहर के डाक कार्यालय से 25 कि॰मी॰ दूर त्रिज्या के परिसर मे साधारणतः 1,000 पुष्प-वनस्पति की प्रजातियाँ, १०४ फुलपाखर की प्रजातियाँ, 350 पक्षियो की प्रजातियाँ और 64 स्तनधारी प्राणियों की प्रजातियाँ पाई गई है।

अर्थव्यवस्था[संपादित करें]

पुणे एक महत्वपुर्ण औद्योगिक केंद्र है। महाराष्ट्र राज्य मे मुंबई महानगर के बाद पुणे ही सर्वाधिक औद्योगिक शहर है। विश्व मे सर्वाधिक दुपहिए बनाने वाली कंपनी बजाज ऑटो पुणे मे है। भारत मे सर्वाधिक प्रवासी वाहन और औद्योगिक वाहन बनाने वाली कंपनी टाटा मोटर्स, कायनेटिक, डाइमलर-क्रायस्लर (मर्सिडिस-बेंज), फोर्स मोटर्स (बजाज टेंपो) जैसे उद्योग पुणे मे स्थित है।

पुणे के अभियांत्रिकी उद्योग - भारत फोर्ज (विश्व की दुसरी सबसे बडी फोर्जिंग कंपनी), कमिन्स इंजिन्स, अल्फा लव्हाल, सँडविक एशिया, थायसन ग्रुप (बकाऊ वूल्फ),केएसबी पंप, फिनोलेक्स, ग्रीव्हज् इंडिया, फोर्ब्स मार्शल, थर्मेक्स इत्यादी।

विद्युत व गृहपयोगी वस्तू निर्माता व्हर्लपूल और एल.जी. के उत्पादन कारखाने, फ्रिटो-लेज, कोका-कोला के अन्न प्रक्रिया उद्योग पुणे मे स्थित है। अनेक मध्यम व छोटे उद्योग पुणे मे है। अन्तरराष्ट्रीय हवाईमार्ग से पुणे को जोडने के बाद से जिले मे अनेक उद्योग निर्यात करने लगे है।

पुणे मे सूचना प्रौद्योगिकी के प्रतिष्ठान भी काफी है। 2022 तक, पुणे में आईटी क्षेत्र लगभग 4-5 लाख लोगों को रोजगार देता है।[9] हिंजवडी स्थित राजीव गांधी आय.टी पार्क, मगरपट्टा सायबरसिटी, तलवडे एम.आय.डी.सी. सॉफ्टवेर पार्क, मॅरिसॉफ्ट आय.टी. पार्क (कल्याणीनगर), आय.सी.सी. इत्यादी आय.टी पार्क्स मे आय.टी उद्योग भरपूर चालू है।

महत्वपूर्ण भारतीय सॉफ्टवेर कंपनियाँ - इन्फोसिस, टाटा, फ्ल्युएंट, क्सांसा, टी.सी.एस., टेक महिंद्रा, विप्रो, पटनी, सत्यम, सायबेज, के.पी.आय.टी. कमिन्स, दिशा, पर्सिस्टंट सिस्टम्स, जियोमेट्रिक सॉफ्टवेयर, नीलसॉफ्ट व कॅनबे पुणे मे है।

महत्वपूर्ण बहुराष्ट्रीय सॉफ्टवेर कंपनियाँ -बी.एम.सी. सॉफ्टवेयर, एनव्हिडिया ग्राफिक्स, एच.एस.बी.सी. ग्लोबल टेक्नोलॉजिस, आय.बी.एम., रेड हॆट, सिमेन्स, ई.डी.एस., युजीएस, आयफ्लेक्स, कॉग्नीझंट, सिमांटेक, सनगार्ड, वर्संट, झेन्सार टेक्नालॉजीस, टी-सिस्टम और एसएएस, आयपीड्रम। कई कंपनियों ने युवा पेशेवरों के उच्च घनत्व, सौहार्दपूर्ण मौसम और मुंबई में इसकी निकटता के कारण पुणे में अपने कार्यालय स्थापित किए हैं:

  • इंफोसिस
  • टीसीएस
  • टेक महिंद्रा
  • विप्रो
  • Amdocs
  • एक्सेंचर
  • एटोस सिंटेल
  • कैपजेमिनी
  • iNautix / BNY मेलन
  • ज़ेनसर टेक
  • Synechron
  • आईबीएम
  • सिमेंटेक
  • एल एंड टी इन्फोटेक
  • साइबेज सॉफ्टवेयर
  • पीटीसी
  • आईटी कंपनी प्यून
  • टीसीएस

इन्फोसिस भारत की सबसे बड़ी आईटी फर्मों में से एक है और कई लोगों द्वारा इसे पहली कंपनी माना जाता है जिसने देश में प्रौद्योगिकी / आईटी क्रांति को गति दी। इन्फोसिस के पास 10.93 बिलियन डॉलर का राजस्व है और भारत और दुनिया भर में 200,000 से अधिक कर्मचारियों को नियुक्त करता है। इन्फोसिस के 89% कर्मचारी भारत से बाहर हैं, जिनमें से 79% सॉफ्टवेयर पेशेवर हैं। पुणे में इन्फोसिस का मुख्य कार्यालय राजीव गांधी इन्फोटेक पार्क में स्थित है और यह पुणे के हिंजेवाड़ी में सबसे बड़ी आईटी कंपनियों में से एक है।

प्रशासन[संपादित करें]

नागरिक प्रशासन[संपादित करें]

पुणे शहर की व्यवस्था पुणे महानगरपालिका करती है। महानगरपालिका का कार्य नागरिक प्रशासन व मूलभूत सेवा-सुविधा प्रदान करना है। प्रशासकीय प्रमुख के कार्यकारी अधिकार महाराष्ट्र सरकार द्वारा नांमांकित आय. ए. एस्‌. अधिकारी दर्जा के महापालिका आयुक्त के पास होता है। महानगरपालिका मतदान द्वारा चुनी गए नगरसेवक बनाते है। नगरसेवकों का नेतृत्व महापौर के पास होता है। महापौर केवल एक नाममात्र का पद है, इस पद का अधिकार कम ही रहता है। पुणे में 48 महापालिका प्रभाग के विभाग है, प्रत्येक विभाग के कामकाज सहायक आयुक्त देखते है। राज्य के सभी छोटे-बडे राजकीय पक्ष अपने उम्मीदवारो को निर्वाचित पद के लिए नामांकित करते है।

जिला प्रशासन[संपादित करें]

पुणे शहर पुणे जिले का मुख्यालय भी है। जिले का प्रमुख जिलाधिकारी होता है व उसका काम सातबारा, जमीन जायदाद के नामकरण का रखरखाव, राज्य सरकार के लिए सारावसूली, करवसुली व चुनावो की व्यवस्था करना होता है।

महानगर पुलिस तंत्र[संपादित करें]

पुणे पुलिस का प्रमुख पोलिस आयुक्त होता है; जो राज्य के गृह मंत्रालय द्वारा नियुक्त किया गया एक आय. पी. एस्‌. अधिकारी होता है। पुणे पुलिस व्यवस्था महाराष्ट्र राज्य के गृहमंत्रालय के अंतर्गत आती है।

यातायात व्यवस्था[संपादित करें]

पुणे शहर भारत के अन्य महत्वपूर्ण शहरो से सड़्क, रेल्वे व हवाईमार्ग से जुडा हुआ है। पुणे का विमानतल से पहले केवल देश के अन्य शहरो के लिए उडाने थी, मगर सिंगापूर व दुबई के लिए उडाने आने के बाद इसे अन्तरराष्ट्रीय दर्जा प्राप्त हुआ है।

नया ग्रीनफिल्ड पुणे अन्तरराष्ट्रीय विमानतल प्रकल्प महाराष्ट्र सरकार द्वारा शुरू करने पर यह चाकण व राजगुरुनगर गाँवो के बीच चांदूस व शिरोली के पास (पुणे से ४० कि॰मी॰) होने की संभावना है। इस परियोजना की जिम्मेदारी महाराष्ट्र औद्योगिक विकास महामंडल को सौपी गई है।

शहर मे पुणे व शिवाजीनगर यह दो महत्वपूर्ण रेल्वे स्थानक है। पुणे व लोणावला के बीच उपनगरी रेल है जिससे पिंपरी, खडकी व चिंचवड यह उपनगर शहर से जुड़्ते है। पुणे की उपनगरी रेल लोणावला तक और मुंबई की कर्जत तक चलती है। रेल्वे प्रशासन लोणावला व कर्जत/खोपोली शहर को जोडने की योजना बना रहा है। जिससे पुणे-मुंबई के दरम्यान आने वाले सभी स्थानो को एक्साथ जोडा जाएगा। कर्जत-पनवेल रेलवे बनने के बाद पुणे-मुंबई शहरो के बीच का अंतर 29 कि॰मी॰ से कम हो जाएगा।

पुणे व मुंबई के बीच मुंबई-पुणे द्रुतगती महामार्ग बनाया गया है। जिससे दोनो शहरो के दरमयान केवल तीन घंटे का अंतर रह गया है। शासकीय व निजी बससेवा पुणे को मुंबई, हैदराबाद, नागपुर व बंगलूरू शहरो से जोड़्ती है। महाराष्ट्र राज्य परिवहन मंडल (एस.टी) की बससेवा पुणे को महाराष्ट्र के ग्रामीण भागो से जोडती है।

पुणे शहर 2010 तक महत्वपूर्ण आई.टी केंद्र बनने के मार्ग पर है। पुणे की चक्रमाती बढत के साथ यहाँ वाहनो की संख्या मे भी काफी बढत हुई है। 2005 मे पुणे मे 146 वर्ग कि.मी क्षेत्रफल मे 2,00,000 कार (मोटारगाडिया) व 10,00,000 दुपहिए वाहन थे, ऐसा एक अभ्यास से पता किया गया। पुणे के उपनगर कल्याणीनगर, विमाननगर, मगरपट्टा, पिंपरी, चिंववड, बाणेर, वाकड, औंध, हिंजेवाडी, बिबवेवाडी, वानवडी, निगडी-प्राधीकरण काफी तेजी से बढ रहे है पर अंदरूनी रास्ते उतने तेजी से नही बढ रहे है।

सार्वजनिक यातायात व्यवस्था के लिए पुणे व पिंपरी-चिंचवड महापालिका द्वारा नियंत्रित पी.एम.टी. व पी.सी.एम.टी. उपकरण है। रिक्शा शहर मे यातायात का प्रमुख साधन है।

जनजीवन[संपादित करें]

पुणे शहर भारत का सबसे तेज विकसित होने वाला शहर है। पुणे कि जनसंख्या बडी तेजी से बढ रही है। सन १९९१ कि जनगणना के अनुसार पुणे कि जनसंख्या ११ लाख थी। सन २००१ के अनुसार २५ लाख हुई। अब २०११ के अनुसार जनसंख्या ५० लाख के उपर जाने कि संभावना है। पुणे शहर मे सॉफ्टवेयर व वाहननिर्मिती के व्यवसायो के निरंतर विकास से नोकरी की तलाश मे भारत के अन्य प्रांत के लोगो यहाँ बसते आए है। २००३ से यहाँ निर्माण-क्षेत्र के काफी तेजी आई है।

पुणे भारत का सातवां सबसे बडा शहर है। भारत में पुणे से बडे शहर मुंबई, कोलकत्ता, दिल्ली, चेनई, बेंगलोर, हैदराबाद और अहमदाबाद है। पुणे के बाद सूरत, जयपुर, लखनऊ और कानपुर यह शहर आते है।

पुणे मे रहने वालो को पुणेकर कहकर भी संबोधित किया जाता है। शहर की मुख्य भाषा मराठी है और अंग्रेजी व हिंदी भाषा बोलते हुए अकसर लोग मिलते है।

पुणे के भगिनी शहर[संपादित करें]

यह शहर पुणे के भगिनी शहर है -

  • त्रोम्सो, नॉर्वे
  • ब्रेमेन, जर्मनी
  • सान होज़े, संयुक्त राज्य अमेरिका
  • फेरबँक्स, अलास्का, संयुक्त राज्य अमेरिका usa

पर्यटन[संपादित करें]

यहां कई पर्यटक आकर्षण हैं। जिनमें से कुछ हैं:-

  1. शनिवार वाड़ा
  2. आगाखान महल
  3. पार्वती हिल मंदिर
  4. कटराज सर्प उद्यान
  5. कोणार्क
  6. ओशो आश्रम

संस्कृति[संपादित करें]

पुणे को महाराष्ट्र की सांस्कृतिक राजधानी कहकर भी सम्बोधित किया जाता है। पुणे की मराठी को मराठी भाषा का मानक-रुप (standard) माना जाता है। पुणे मे वर्ष भर सांस्कृतिक कार्यक्रम के रेलचेल होते रहते है। पुणे मे संगीत, कला, साहित्य की भरमार है।

गणेशोत्सव[संपादित करें]

1894 मे लोकमान्य तिलक ने सार्वजनिक गणेशोत्सव शुरु किया। भाद्रपद (अगस्त नही तो सितंबर) महीने मे आने वाले इन दस दिनो की अवधि मे पुणे शहर चैतन्यमय होता है। देश-परदेश से लोग इस उत्सव मे भाग लेने पुणे आते है। जगह-जगह छोटे-बडे गणेश मंडल के मंडपो को सजाया जाता है। इस उत्सव के दरमयान महाराष्ट्र पर्यटन विकास महामण्डल पुणे उत्सव नामक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित कराता है, जिसमे संगीत, नृत्य, मैफिली, नाटक और खेल समाविष्ट होते है। दस दिवस चलने वाला यह उत्सव गणेश विसर्जन के साथ समाप्त होता है। अनन्त चतुरदशी के सुबह शुरु होने वाला विसर्जन अगले दिन तक चलता रहता है। प्रमुख पाँच मण्डल है -

  1. कसबा गणपती (यह पुणे के ग्राम देवता है)
  2. ताम्बडी जोगेश्वरी
  3. गुरूजी तालीम
  4. तुलशीबाग
  5. केसरी वाडा (यह मण्डल तिलक पंचांग के अनुसार गणेशोत्सव को सजाता है)

ये पांच गणपतियों के साथ साथ दगडूशेठ हलवाई गणपती को भी पुणे का प्रमुख गणपति माना जाता है।

पुणे मे गणेशोत्सव मण्डल प्राणप्रतिष्ठा की गई मूर्ति विसर्जीत कर के उत्सव मूर्ति वापस ले जाते है। विसर्जन के दरमयान ढोल, लेझीम जैसे अनेक पथके होते है। अनेक विद्यालय अपने पथके सिखाते है।

सवाई गन्धर्व संगीत महोत्सव[संपादित करें]

दिसम्बर महिने मे अभिजात संगीत मैफली का कार्यक्रम पुणे मे होता है जिसे सवाई गन्धर्व संगीत महोत्सव कह कर सम्बोधित किया जाता है। तीन रातो तक चलने वाला इस उत्सव मे सुप्रसिध्द हिन्दुस्तानी व कर्नाटक संगीतज्ञ भाग लेते है। शास्त्रीय संगीत प्रेमियो के लिए उत्सव एक पर्व के समान होता है।

रंगभूमि[संपादित करें]

मराठी रंगभूमि मराठी संस्कृति का अविभाज्य भाग है। मराठी नाटक प्रायोगिक व व्यावसायिक दोनो होते है। पुणे मे मराठी नाटक काफी लोकप्रिय है। टिलक स्मारक मन्दिर, बालगंधर्व रंगमन्दिर, भरत नाट्य मन्दिर, यशवन्तराव चव्हाण नाट्यगृह, सुदर्शन रंगमंच व पिम्परी चिंचवड नाट्यगृह पुणे व आसपास के महत्वपूर्ण नाट्यगृह है।

फिल्म[संपादित करें]

पुणे मे अनेक मल्टिप्लेक्स है जिसमे मराठी, हिंदी व हॉलीवूड फिल्मे दिखाई जाती है। पुणे रेलवे स्थानक के पास आयनॉक्स, विद्यापीठ रास्ते पर ई-स्क्वेअर, सातारा रस्ता व कोथरूड के पास सीटीप्राईड, कल्याणीनगर के पास गोल्ड ऍडलॅब्स और आकुर्डी के पास फेम गणेश विजन है। मराठी फिल्मे मुख्यतः प्रभात और सीटीप्राईड चित्रपटगृह मे प्रदर्शित होती है।

धर्म-अध्यात्म[संपादित करें]

चतु:श्रृंगी मन्दिर शहर के उत्तर-पश्चिम डोंगर-उतार पर है। मन्दिर 90 फुट ऊँचा 125 फुट लम्बा है व इसका व्यवस्थापन चतु:श्रृंगी देवस्थान करता है। नवरात्री के दरमयान मन्दिर मे विशेष भीड़ होती है। शहर मे पर्वती देवस्थान भी काफी प्रसिध्द है। पुणे के पास आलन्दी व देहू देवस्थान काफी प्रसिध्द है। आलन्दी में सन्त ज्ञानेश्वर की समाधि और देहू पर सन्त तुकाराम का वास्तव्य है। हर वर्ष वारकरी सम्प्रदाय के लोग इन सन्तो की पालखी लेकर पण्ढरपुर जाते है। आषाढी एकादशी के मुहूर्त पर पण्ढरपुर पहुँचते है। पुणे में भारतीय ज्यु लोगो की बडी बसती है। ओहेल डेविड इस्त्राएल के बाहर एशिया का सबसे बडा सिनेगॉग (ज्यु का प्रार्थनास्थल) है। पुणे मेहेरबाबा का जन्मस्थान और रजनीश के रहने का स्थान था। रजनीश के आश्रम मे देश-परदेश के पर्यटक आते है। आश्रम मे ओशो झेन बाग व बडा ध्यानगृह है। पुणे मे पाषाण नामक गाव है। जहा सोमेशवर का प्राचीन मन्दिर है जिसका निर्माण जिजामाता ने किया था।

पुणे के पर्यटन स्थल[संपादित करें]

पुणे को महाराष्ट्र की सांस्‍कृतिक राजधानी कहा जाता है। इसे क्‍वीन ऑफ द दक्कन के नाम से भी जाना जाता है। पुणे में बहुत सारे उच्‍च कोटि के शिक्षण संस्‍थान, शोध केन्‍द्र के साथ-साथ खेल, योगा, आयुर्वेद और समाज सेवा आदि से जुड़े अनेक संस्थान है। इसके अतिरिक्त वर्तमान समय में पुणे सूचना तकनीकी के क्षेत्र में भी सक्रिय रूप से विकसित हो रहा है। ऐतिहासिक तौर पर सत्रहवीं शताब्दी में इस शहर के प्रमुख केंद्र बिंदु मराठा शासक छत्रपति शिवाजी महाराज थे। उनका जन्‍म पुणे के शिवनेरी किला में हुआ था। उन्‍होंने अपना बचपन भी यही बिताया था। इस महल का निर्माण छत्रपती शिवाजी महाराज के पिता शाहजी राजे ने करवाया था। शाहजी राजे के मित्र कोंडदेव ने पुणे में गणेश मंदिर का निर्माण करवाया था जिसे कसबा गणपति के नाम से जाना जाता है। यहां गणपति ग्राम देवता के रूप में जाने जाते हैं, जिन्हें धार्मिक त्योहारों, उपनयन समारोह या किसी अन्य समारोह में सबसे पहला आमंत्रण दिया जाता है। सन् 1818 में हुए कोरेगांव युद्ध के बाद पुणे ईस्ट इंडिया कम्‍पनी के हाथों में चला गया। ब्रिटिश इसे ग्रीष्‍मकालीन राजधानी बनाना चाहते थे लेकिन इसे उन्नीसवीं शताब्दी का आर्मी टाउन बनाया गया और यह पुना कहलाने लगा। स्‍वतंत्रता संग्राम के समय सबसे पहले पुना से ही लोकमान्‍य तिलक ने देशवासियों से विदेशी समानों का बहिष्‍कार तथा स्‍वदेशी समानों को अपनाने का आग्रह किया था।

यहां कई आकर्षण हैं:-

पुणे से 11km दुरीपर छत्रपती शिवाजी महाराज के पायदल प्रमुख सरनौबत नरवीर पिलाजी गोळे इनक समाधीस्थळ हैं, पिरंगुट गाव मे, ओर वहा पें श्री जगदीश्वर का मंदिर भी देखणे जैसा हैं

शनिवार वाड़ा[संपादित करें]

वैभवयुक्त शनिवारवाड़ा महल पेशवा का निवास स्थान था। इस महल की नींव बाजीराव1 ने 1730 ई. में रखी थी। इस महल का निर्माण कार्य 1732 ई. में पूरा हुआ। इस महल की दीवारों पर रामायण और महाभारत के दृश्य चित्रित है। कमल के सोलह फूलों की आकार में बना फव्‍वारा उस समय के बेहतरीन तकनीकी कौशल का नमूना है। वर्तमान समय में इस महल की देखभाल पुणे की नगरपालिका कर रही है। इस महल में प्रत्‍येक दिन लाइट एंड साउन्‍ड शो का आयोजन किया जाता है। शो का समय (प्रत्येक दिन)- 7.15 से 8.10 शाम में (म

व से इन्हें एकत्रित किया था। केलकर ने अपने पुत्र की याद में इस संग्रहालय की स्‍थापना की थी। जिसकी मृत्यु सात वर्ष की आयु में ही हो गई थी। इसके अतिरिक्त इस इमारत की पहली मंजिल पर घरेलू बरतन (18वीं और 19वीं शताब्दी) का अनोखा संग्रह है। अन्य मंजिल पर श्री गणेश, शिव और पार्वती की मूर्तियां रखी हुई हैं।

समय- 9 बजे प्रात: से 6 बजे शाम तक (प्रत्येक दिन खुला) प्रवेश शुल्क- 15 रू. टेलीफोन- 24474466 लोकेशन- बाजीराव रोड़, प्रसिद्ध अभिनव कला मंदिर के समीप। दक्कन से इस जगह की दूरी दो से तीन किलोमीटर है।

आगाखान महल[संपादित करें]

इस महल का निर्माण 1892 में इमाम सुल्तान मोहम्मद शाह आगाखान 111 ने किया था। 1969 में आगाखान 1 ने यह महल भारत सरकार को सौंप दिया। राष्ट्रीय स्वतंत्रता आंदोलन में भी पुणे ने अपनी सक्रिय भूमिका निभाई है। 1942 में हुए भारत छोड़ो आंदोलन के समय में गांधीजी, उनकी पत्नी कस्तूरबा और गांधीजी के सचिव महादेवभाई देसाई इस महल में ही रहे थे। मौला नदी के समीप स्थित, इस महल में गांधीजी और उनके जीवन पर आधारित यादों का स्मारक भी है। समय- 9 बजे सुबह से 6 शाम तक (लंच ब्रेक- 12.30 दोपहर से 1.30 तक)। प्रवेश शुल्क- व्‍यस्‍कों के लिए पांच रू. और बच्चों के लिए दो रू .।

पार्वती हिल मंदिर[संपादित करें]

पार्वती हिल पुणे में स्थित प्रमुख मंदिरों में से एक है। समुद्र तल से इस मंदिर की ऊंचाई 2100 फीट है। इस मंदिर में रोजाना भक्तों की भीड़ लगी रहती है। यह मंदिर सुबह पांच बजे खुलता है और रात आठ बजे बंद होता है। इस जगह के बारे में ऐसा कहा जाता है कि इस जगह पर पेशवा शासक बालाजी बाजीराव ने ब्रिटिश को किकरी युद्ध में हराया था। इसके अलावा यहां एक देवदेवेश्वर मंदिर और कई अन्य मंदिर लार्ड कार्तिकालय, विष्णु और विठ्ठल भी है। प्रत्येक मंदिर का मराठा साम्राज्य में एक प्रमुख स्थान है। पार्वती हिल मंदिर शहर के मध्य स्थित है। दक्कन से इस स्थान की दूरी चार कि॰मी॰ और स्वारगेट से एक कि॰मी॰ है।

कात्रज सर्प उद्यान[संपादित करें]

यह उद्यान कात्रज मार्ग पर स्थित है। इस सर्प उद्यान में अनेक संख्या में सांप और अन्य रेंगनेवाले जंतु जैसे मगरमच्छ आदि देखने को मिल जाएगें। इस पार्क में पुस्तकालय भी है, जहां सापों की जानकारी चित्रों के साथ प्रदर्शित की गई है। लोकेशन- कात्रज सर्प उद्यान, पुणे सतारा हाईवे के समीप स्थित भारतीय विद्यापीठ विश्वविद्यालय के नजदीक है। समय- सुबह 10.30 से शाम 6 बजे तक (बुधवार बंद)। प्रवेश शुल्क- TEN रू. (एक व्यक्ति)।

कोणार्क[संपादित करें]

पुणे के समीप स्थित, अम्बोरसिया से आगे और पशान से लगभग पांच किलोमीटर की दूरी पर यह खूबसूरत पक्षी अभयारण्य है। यहां स्थित पक्षियों को निजी रूप से डॉ॰ सुहास जोग ने इक्टठ्ठा किया है। यहां स्थित पक्षियों को डॉ॰ जोग ने विश्व के विभिन्न हिस्सों से एकत्रित किया है। यहां फोटो खींचने की अनुमति नहीं हैं। आपको यहां आस्टेलिया का बेअर-आइड कोकेटू (एक प्रकार का तोता), चाइना का पीला सुनहरा तीतर और कीनिया का रिंग ओइट तीतर आदि देखने को मिल जाएंगें।

खाना[संपादित करें]

पुणे में बहुत से अच्छे रेस्तरां है। यहां आपको हर तरह के व्यंजन खाने को मिल जाएंगें। सबसे अधिक रेस्तरां सैनिक छावनी के पास बोट कल्ब रोड़, कोरगांव पार्क और मुख्य सड़क पर स्थित है।

खरीददारी[संपादित करें]

पुणे में खरीददारी के लिए जाते समय इस बात का ध्यान रखें कि यहां दुकानें दिन में एक बजे से लेकर शाम चार बजे तक बंद रहती है। लक्ष्मी रोड़ से महाराष्ट्रन नौवारी सूती साड़ी के साथ-साथ परम्परागत भारतीय साड़ी और आभूषण खरीदे जा सकते हैं। एम.जी.रोड से किताबें, बहुमूल्य कपड़े, डिजाइनर घड़िया, प्राचीन सामान, क्रिस्टल और चाइना, जूते और बैग खरीद सकते हैं। वहीं ढोले पाटील मार्ग, कोरीगन पार्क और फरगियूशन कॉलेज मार्ग में बेहतरीन मॉल और बूटिक है यहां से भी खरीददारी की जा सकती है।

आवागमन[संपादित करें]

हवाई मार्ग-

पुणे के विमानक्षेत्र का नाम लोहेगांव एयरपोर्ट है जहाँ से इंडियन एयरलाइंस और जेट एयरवेज की विमान पुणे-दिल्ली, पुणे-चेन्नई, पुणे-बैंगलोर के बीच उड़ान भरती है। एयरपोर्ट से पुणे शहर की दूरी 12 किलोमीटर है।

रेल मार्ग-

पुणे की ओर जाने के लिए सबसे बेहतर विकल्प इंद्रायानी एक्सप्रेस है। इसके अतिरिक्त दक्कन क्वीन, दक्कन एक्सप्रेस और शताब्दी रोजाना पुणे और मुम्बई के बीच चलती है।

बस मार्ग-

यहां मुम्‍बई से बस द्वारा भी जाया जा सकता है। दादर से हर पद्रंह मिनट पर पुणे के लिए सामान्‍य तथा वातानूकुलित बसें खुलती है।

संदर्भ / स्रोत

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