मिज़ोरम

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मिज़ोरम
राजभाषामिज़ो और अंग्रेज़ी
साक्षरता91.33 % (2011 Census)
ISO 3166 कोडIN-MZ
समय मण्डलभारतीय मानक समय ( UTC+05:30 )
• घनत्व52/किमी 2 (130/मील 2 )
• पद27वां
• कुल10,97,206
क्षेत्र पद24वां
• उच्च न्यायालयगुवाहाटी उच्च न्यायालय
• संसदीय क्षेत्रराज्य सभा (1 सीट) लोक सभा (1 सीट)
वेबसाइटmizoram .gov .in
• विधानमण्डलएकसदनीय विधान सभा (40 सीटें)
• राज्यपालकमभमपति हरिबाबू
• सभामिज़ोरम सरकार
जिले11
सबसे बड़ा शहरअइज़ोल
राजधानीअइज़ोल
राज्य20 फ़रवरी 1987 †
केंद्र शासित प्रदेश21 जनवरी 1972
देशभारत
• मुख्यमंत्रीज़ोरामथंगा ( MNF )

मिज़ोरम भारत का एक उत्तर पूर्वी राज्य है। २००१ में यहाँ की जनसंख्या लगभग ८,९०,००० थी। मिजोरम में साक्षरता का दर भारत में सबसे अधिक ९१.०३% है। यहाँ की राजधानी आईजोल है।[3]

इतिहास और नामोत्पत्ति[संपादित करें]

मिजोरम एक पर्वतीय प्रदेश है। 1986 में भारतीय संसद ने भारतीय संविधान के 53वें संशोधन को अपनाया, जिसने 20 फरवरी 1987 को भारत के 23वें राज्य के रूप में मिजोरम राज्य के निर्माण की अनुमति दी।[4] १९७२ में केंद्रशासित प्रदेश बनने से पहले तक यह असम का एक जिला था। १८९१ में ब्रिटिश अधिकार में जाने के बाद कुछ वर्षो तक उत्तर का लुशाई पर्वतीय क्षेत्र असम के और आधा दक्षिणी भाग बंगाल के अधीन रहा। १८९८ में दोनों को मिलाकर एक ज़िला बना दिया गया जिसका नाम पड़ा-लुशाई हिल्स ज़िला और यह असम के मुख्य आयुक्त के प्रशासन में आ गया। १९७२ में पूर्वोत्तर क्षेत्र पुनर्गठन अधिनियम लागू होने पर मिज़ोरम केंद्रशासित प्रदेश बन गया। भारत सरकार और मिज़ो नेशनल फ़्रंट के बीच १९८६ में हुए ऐतिहासिक समझौते के फलस्वरूप २० फ़रवरी १९८७ को इसे पूर्ण राज्य का दर्जा दिया गया। पूर्व और दक्षिण में म्यांमार और पश्चिम में बंग्लादेश के बीच स्थित होने के कारण भारत के पूर्वोत्तर कोने में मिज़ोरम सामरिक दृष्टि से अत्यधिक महत्वपूर्ण राज्य हैं। मिज़ोरम में प्राकृतिक सौंदर्य बिखरा पड़ा है तथा इस क्षेत्र में प्रकृति की विभि्न छटाएं देखने को मिलती हैं। यह क्षेत्र विभिन्न प्रजातियों के प्राणिमयों तथा वनस्पतियों से संपन्न हैं।

मिज़ो’ शब्द की उत्प‍त्ति के बारे में ठीक से ज्ञात नहीं है। मिज़ोरम शब्द का स्थानीय मिज़ो भाषा में अर्थ है, पर्वतनिवासीयों की भूमि। १९वीं शताब्दी में यहां ब्रिटिश मिशनरियों का प्रभाव फैल गया और इस समय तो अधिकांश मिज़ो लोग ईसाई धर्म को ही मानते हैं। मिज़ो भाषा की अपनी कोई लिपि नहीं है। मिशनरियों ने मिज़ो भाषा और औपचारिक शिक्षा के लिए रोमन लिपि को अपनाया। मिज़ोरम में शिक्षा की दर तेजी से बढ़ी हैं। वर्तमान में यह ८८.८ प्रतिशत है, जोकि पूरे देश में केरल के बाद दूसरे स्थान पर है। मिज़ोरम शिक्षा के क्षेत्र में सबसे पहले स्थान पर आने के लिए बड़े प्रयास कर रहा हैं।

भारत में विलय[संपादित करें]

भारत को आज़ादी मिले करीब दस साल बीत चुके थे। देश में शामिल क़रीब 500 से ज्यादा रियासतों का भी भारत में विलय करा लिया गया था। लेकिन इन सब के बीच पूर्वोत्तर के कुछ इलाके अभी भी भारत से अलग हो कर एक आज़ाद देश की मांग कर रहे थे और इनमें ही शामिल था एक जिला लुशाई हिल्स यानी आजका मिजोरम। 1958 - 1960 के बीच का वक़्त था। अंग्रेज़ी सरकार के दौरान असम के लुशाई हिल और बंगाल के दक्षिणी भाग के अधीन रहा अब का मिजोरम बुरे संकट में था। ये संकट कुछ प्राकृतिक थे तो कुछ मानवनिर्मित। प्राकृतिक संकट की शुरुवात उस वक़्त होती हैं जब बांस की झाड़ियों से फूल निकलने लगें, अब आप सोंच रहे होंगे कि मासूम और ख़ूबसूरत से दिखने वाले फूल आखिर कोई मुसीबत कैसे खड़ी कर सकते हैं ?

दरअसल ज्यादा बारिश और पहाड़ी इलाके वाले मिजोरम में मुश्किल से सिर्फ एक ही मौसम की खेती हो पाती है, और इसमें भी फसलों की पैदावार उत्तर भारत की तुलना में बहुत कम होती है। इसलिए यहां रहने वाले लोग अपने पुराने अनाजों को बड़े जतन से संभाल कर रखते हैं ताकि पूरे साल का काम आसानी से चल जाय। लेकिन लगभग 50 साल बाद निकलने वाले बांस के फूलों के आते ही पूरे इलाके में चूहों का राज हो जाता है। बांस के फूल न सिर्फ चूहों का पसंदीदा भोजन होता है बल्कि इसे खाने से उनकी प्रजनन क्षमता भी और तेज़ हो जाती है। इन सब के दौरान देखते देखते ही थोड़े से वक्त में चूहों की एक लम्बी फ़ौज खड़ी हो जाती है। बांस के फूलों के ख़त्म होते ही चूहे धीरे धीरे गांवों और खेतों में लगी फसलों पर भी धावा बोल देते हैं। जिससे दुनिया भर में बांस के जंगलों के लिए मशहूर उत्तर पूर्वी क्षेत्र मिजोरम में मौतम यानी अकाल जैसी समस्या खड़ी हो जाती है। साल 1958 से 1960 के दौरान भी यही हुआ था। पहले बांसों में फूल आये और फिर फूलों के जाते ही आया अकाल। मिजोरम के जिन जिन इलाकों में मौतम आया वहां खाने तक के लाले पड़ गए। भूख से बेहाल लोगों की मौतें भी होने लगी। तत्कालीन राज्य की असम सरकार से लोगों ने आर्थिक मदद की गुहार लगाई। लेकिन सरकार ने उनकी मांगों को बेबुनियाद बताते हुए अस्वीकार कर दिया। धीरे धीरे हालत बद से बदतर होते चले गए। मिजोरम की जनता के पास अब कोई रास्ता नहीं बचा था। या तो वो वो भूख से मर जाते या फिर सरकार की मदद का इंतज़ार करते करते। सरकार से कोई मदद न मिलता देख स्थानीय लोग अब विद्रोह पर उतारू हो गए। मिजोरम के लोगों को मरता देख आख़िरकार एक वक़्त बाद लोगों ने सरकार के ख़िलाफ़ हथियार उठा ही लिए। मिज़ो नेशनल फेमाईने फ्रंट नाम के संगठन ने इस पूरे विद्रोह की अगुवाई की। जोकि बाद में चलकर मिजोरम की राजनैतिक पार्टी मिज़ो नेशनल फ्रंट के रूप में सामने भी आई। जोरम के विद्रोह में शामिल प्राकृतिक कारण को तो आपने जान लिया लिया। आइये अब थोड़ा सा ज़िक्र मानव निर्मित कारण का भी कर लेते हैं।

दरअसल मिजोरम में फैले अकाल के दौरान ही असम में एक और विवाद चल रहा था। ये विवाद असम में शामिल कुछ सांस्कृतिक और भाषाई रूप से अलग पहचान रखने वाले इलाकों का था। और इन इलाकों में उत्तर पूर्वी मिजोरम भी शामिल था। 1960 में पूरे राज्य में असमी भाषा विधेयक को लागू करने की मांग हो रही थी। इस विधेयक का मतलब था की उस समय के असम में शामिल सभी इलाकों में असमी भाषा को राजभाषा बना दिया जायेगा। जिसे गैर असमी समुदाय के लोग बिलकुल भी मानने को तैयार नहीं थे। बांस के फूलों से शुरू हुई लड़ाई को इस विधेयक ने और भी ज़्यादा मज़बूती दे दी। मिज़ो फ्रंट में अब स्थानीय लोगों ने और बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेना शुरू कर दिया। जिससे ये विद्रोह न सिर्फ उग्र हुआ बल्कि धीरे धीरे आतंकवाद का रूप धारण करने लगा। 1960 के दशक में मिज़ो फ्रंट ने चीन और पाकिस्तान जैसे देशों से भी भारत के खिलाफ मदद माँगी। जिसमें पाकिस्तान ने पैसा और गोला बारूद के साथ साथ इसे चलाने का भी इस संगठन के लोगों को प्रशिक्षण दिया। भारत के उत्तर पूर्व मिजोरम में जब ये सब कुछ जब चल रहा था तो उस दौरान भारत अपने दो पडोसी मुल्कों पाकिस्तान और चीन के साथ युद्धों में उलझा हुआ था। जिसके कारण उसका ध्यान इस ओर गया ही नहीं। शुरूआती वक़्त में भारत सरकार की ओर से कोई विशेष कार्रवाई नहीं होने के कारण मिज़ो फ्रंट ने जल्दी ही हिंसक रूप ले लिया। मिज़ो नेशनल फेमाइन फ्रंट का मकसद अब न सिर्फ असम से मिजोरम को अलग कर देने का था बल्कि वो पूरे मिजोरम क्षेत्र को ही भारत से आज़ाद कराना चाहते थे। मिज़ो फ्रंट के अगुवा लालडेंगा ने इसके लिए गुप्त रूप से योजना भी बनाई थी । और इसका नाम रखा था -ऑपरेशन जेरिचो। इस मिशन का मकसद था कि 1 मार्च 1966 तक पूरे मिज़ोरम को अपने कब्जे में लेकर इसे स्वतंत्र राष्ट्र घोषित कर दिया जाए। और हुआ भी बिलकुल यही। 28 फरवरी की आधी रात को लालडेंगा के नेतृत्व वाली मिज़ो फ्रंट आइजॉल पहुंची। पूरे आइजोल शहर का घेराव करते हुए इस गुट के लोगों ने सारे संपर्क मार्गों को बाधित कर दिया। मिजोरम के बाहरी मदद के लिए बचा एकमात्र रास्ता - सिल्चर सड़क को भी मिज़ो फ्रंट ने क्षतिग्रस्त कर दिया गया था। जिसके कारण स्थानीय पुलिस और असम रायफल्स को भी इलाके से दूर हटना पड़ा। आख़िरकार 1 मार्च 1966 को MNF नेता लालडेंगा अपने मंसूबों में कामयाब हुआ और उसने मिजोरम को भारत से अलग राष्ट्र की घोषणा कर दी। आज़ाद देश घोषित कर देने के बाद पूरे शहर में बुरी तरह से हिंसा फ़ैल गयी। गैर मिजोरम लोगों को मारा गया दुकाने जलाई गयी और उनके घरों में आग लगा दिया गया । ये सब कुछ सिर्फ आइजॉल में ही नहीं हुआ मिजोरम के अन्य इलाक़े भी लालडेंगा के इस कदम का शिकार हुए। मिजोरम के आज़ाद देश घोषित हो जाने के बाद भारत सरकार ने तत्काल प्रभाव से कार्रवाई के आदेश दिए। इस कार्रवाई में सेना के हेलीकाप्टर भेजे गए जोकि अपनी पहली कोशिश में नाकाम रहे।

मिज़ो फ्रंट ने भारत सरकार की ओर से भेजे गए हेलीकॉप्टरों को क्षतिग्रस्त कर दिया। जिसके बाद आख़िरकार मज़बूरन भारत सरकार को स्थिति को काबू में लाने के लिए हवाई फायरिंग करनी पड़ी और तब जाकर इस आतंकवाद कुछ हद तक नियंत्रण मिल सका । मिज़ो फ्रंट पर सेना द्वारा काबू पा लेने के बाद 1967 में भारत सरकार ने ग्रुपिंग पॉलिसी लागू की जिसके बाद आतंकवादियों का पूरे तरीके से सफाया किया जा सका। 1968 तक आते आते हालात और बेहतर हो गए जिसके बाद विद्रोहियों ने सरेंडर कर आम लोगों के साथ रहने की इच्छा जताई। 21 जनवरी 1972 को पहले मिजोरम केंद्र शासित राज्य बना और फिर 1976 में मिज़ो नेशनल फ्रंट के साथ हुई संधि के मुताबिक 20 फरवरी 1987 को मिजोरम को भारत के 23 वें राज्य का दर्ज़ा प्राप्त हो गया। मिजोरम में अब तक कुल तीन बार मौतम अकाल आ गया चूका है। पहला मौतम - ब्रिटिश शासन काल 1911-1912 के बीच, दूसरा - 1958-1960 के बीच जिसका अभी हम ज़िक्र कर रहे थे। और तीसरा - 2007 - 2008 के बीच।

राजनीति[संपादित करें]

भारत की संसद में प्रतिनिधित्व हेतु मिज़ोरम राज्य में केवल एक ही लोकसभा सीट है। मिज़ोरम की विधानसभा में 40 सीटें हैं।[5] सी॰ एल॰ रुआला यहाँ के वर्तमान सांसद हैं। वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से संबद्ध हैं।[6][7]यहां की राजनीति में मिज़ो नेशनल फ्रंट प्रमुख राजनीतिक दल है। जिसके मुखिया जोरमथांगा हैं।

जिले[संपादित करें]

मिज़ोरम में ८ जिले हैं-

  • आइजोल जिला
  • कोलासिब जिला
  • चम्फाई जिला
  • ममित जिला
  • लुंगलेई जिला
  • लॉन्गतलाई जिला
  • सइहा जिला
  • सेरछिप जिला

मिजोरम के ८० प्रतिशत लोग कृषि कार्यो में लगे हैं। कृषि की मुख्य प्रणाली झूम या स्थानांतरित कृषि हैं। अनुमानित २१ लाख हेक्टेयर भूमि में से ६.३० लाख हेक्टेयर भूमि बागवानी के लिए उपलब्ध है। वर्तमान में ४१२७.६ हेक्टेयर क्षेत्र पर ही विभिन्न फसलों की बागवानी की जा रही है, जो कि अनुमानित संभावित क्षेत्र का मात्र ६.५५ प्रतिशत है। यह दर्शाता है कि मिज़ोरम में बागवानी फसलों के फलने-फूलने की विस्तृत संभावनाएं हैं। बागवानी की मुख्य फसलें फल हैं। इनमें मैडिरियन संतरा, केला, सादे फल, अंगूर, हटकोडा, अनन्‍नास और पपीता आदि सम्मिलित हैं। इसके अतिरिक्त यहां एंथुरियम, बर्ड ऑफ पेराडाइज, आर्किड, चिरासेथिंमम, गुलाब तथा अन्य कई मौसमी फूलों की खेती होती हैं। मसालों में अदरक, हल्दी, काली मिर्च, मिर्चे (चिडिया की आँख वाली मिर्चे) भी उगाए जाते हैं। यहां के लोग पाम आयल, जड़ी-बूटियों तथा सुगंध वाले पौधों की खेती भी बड़े पैमाने पर करने लगे हैं।

सिंचाई[संपादित करें]

मिज़ोरम में संभावित भूतल सिंचाई क्षेत्र लगभग ७०,००० हेक्टेयर है। इसमें से ४५,००० हेक्टेयर बहाव क्षेत्र में है और २५,००० हेक्टेयर ७० पक्की लघु सिंचाई परियोजनाओं और छः लिफ्ट सिंचाई परियोजनाओं के पूरा होने से प्राप्त किया जा सकता है, जिसमे वर्ष में दो या तीन फसलें ली जा सकती हैं।

उद्योग[संपादित करें]

संपूर्ण मिज़ोरम अधिसूचित पिछड़ा क्षेत्र है और इसे ‘उद्योगविहीन क्षेत्र’ के अर्न्तगत वर्गीकृत किया गया है। १९८९ में मिज़ोरम सरकार की औद्योगिक नीति की घोषणा के बाद पिछले दशक में यहां थोड़े से आधुनिक लघु उद्योगों की स्थापाना हुई है। मिज़ोरम उद्योगों को और तेज़ी से बढ़ाने के लिए वर्ष २००० में नई औद्योगिक नीति की घोषणा की गई। इनमें इलेक्ट्रॉनिक तथा सूचना प्रौद्योगिकी, बांस तथा इमारती लकड़ी पर आधारित उत्पाद, खाद्य तथा फलों का प्रसंस्करण, वस्त्र, हथकरघा तथा हस्तशिल्प सम्मिलित हैं।

औद्योगिक नीति में राज्य से बाहर के निवेश को आकर्षित करने के लिए ऐसे सभी बड़े, मध्यम तथा लघु पैमाने के उद्योगों, जिनमें कि स्थानीय लोग भागीदारी हों, की स्थापना के लिए साझे उपक्रम लगाने की अनुमति दी गई है। विद्यमान औद्योगिक संपदाओं के उन्नयन के अतिरि्‍त संरचनात्मक विकास कार्य जैसे कि लुंआगमुआल, आइज़ोल में औद्योगिक प्रोत्साहन संस्थान (आईआईडीसी), निर्यात प्रोत्साहन औद्योगिक पार्क, लेंगरी, एकीकृत संचनात्‍मक केद्र (आईआईडीसी), पुकपुई, लुंगत्‍तेई तथा खाद्य पार्क, छिंगछिप आदि पूर्ण होने वाले है।

चाय की वैज्ञानिक ढंग से खेती आरंभ की गई है। निर्यातोन्मुखी औद्योगिक इकाइयों (ईओयूज) की स्थापना को बढ़ावा देने के लिए एप्परेल प्रशिक्षण तथा डिजाइन केंद्र तथा रत्नों की कटाई तथा पॉलिश करने की इकाइयां लगाने की योजना है। कुटीर उद्योगों में हथकरधा तथा स्‍तशिल्प को उच्च प्राथमिकता दी जाती है तथा ये दोनो क्षेत्र मिज़ोरम तथा इसके पड़ोसी राज्यों मेघालय तथा नागालैंड में उपभोक्ताओं की मांग को पूरा करने के लिए फल-फूल रहे हैं।

राज्य की शांतिपूर्ण स्थिति, म्यांमार तथा बंग्लादेश की सीमाओं के व्यापार के लिए खुलने तथा भारत के सरकार की ‘पूर्व की ओर देखो नीति’ के कारण मिज़ोरम अब और अधिक समय तक देश के दूरस्थ होने का राज्य मात्र नहीं बना रहेगा। इन सब बातों से निकट भविष्य में मिज़ोरम में औद्योगिक की गति में भारी तेजी आएगी।

बिजली[संपादित करें]

तुईरियाल पनबिजली परियोजना (६० मेगावाट) का निर्माण कार्य प्रगति पर है। कोलोडाइन पनबिजली परियोजना (५०० मेगावाट) का सर्वेक्षण तथा अन‍वेषण कार्य सी.डब्ल्यू.सी. द्वारा दिंसबर २००५ तक पूरा कर लिया गया है। इस उपक्रम से ५०० मेगावाट बिजली के उत्पादन के अतिरिक्त क्षेत्र में जल परिवहन की सुविधाएं प्राप्त होंगी। मिजोरम सरकार ने इस परियोजना को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। तीन मेगावाट क्षमता की तुईपांगुली तथा काऊतलाबंग राज्य पनबिजली परियोजनाओं को हाल में ही चालू किया गया है जिसने राज्य की पनबिजली उत्पादन क्षमता को १५ मेगावाट कर दिया है। मेशम-II (३ मेगावाट), सेरलुई ‘बी’ (१२ मेगावाट) तथा लामसियाल चालू होने की आशा है।

परिवहन[संपादित करें]

राज्य में सड़कों (सड़क सीमा संगठन तथा राज्य लोक निर्माण विभाग) की कुल लंबाई ५,९८२.२५ किलोमीट है। राज्य में बैराबी में रेलमार्ग स्थापित किया गया है। राज्य की राजधानी आइज़ोल विमान सेवा से जुड़ी है। बेहतर परिवहन सुविधा के लिए सरकार ने विश्व बैंक के अनुदान की सहायता से कुल ३.५ अरब (३५० करोड़) रूपये की लागत से मिज़ोरम राज्य सड़क परियोजना आरंभ की है। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अर्न्तगत मिज़ोरम में ३८४ गांव नव पग

त्योहार[संपादित करें]

मिज़ो लोग मूलत: किसान हैं। अत: उनकी सारी गतिविधियां तथा त्योहार भी वनों की कटाई करके की जाने वाली झूम खेती से ही जुड़े है। त्योहार के लिए मिज़ो शब्द ‘कुट’ है। मिज़ो लोगों के वि‍भिन्न त्योहारों में से आजकल केवल तीन मुख्य त्योहार ‘चेराव’, ‘मिम कुट’ और ‘थालफवांगकुट’ मनाए जाते हैं।

इसके अतिरिक्त यहाँ की अधिसंख्य जनसंख्या ईसाइ है, इसलिए क्रिसमस का त्योहार भी यहाँ मनाया जाता है। यहाँ बौद्ध और हिन्दू समुदायों के लोग भी रहतें है जो अपने-२ त्योहारों को मनाते हैं

पर्यटन स्थल[संपादित करें]

समुद्र तल से लगभग ४,००० फुट की उंचाई पर स्थित पर्वतीय नगर आइज़ोल, मिज़ोरम का एक धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र है। म्यांमार की सीमा के निकट चम्फाई एक सुंदर पर्यटन स्थल है। तामदिल झील एक प्राकृतिक झील है जहां मनोहारी वन हैं। यह आइज़ोल से ८० किलोमीटर और पर्यटक स्थल सैतुअल से १० किलोमीटर की दूरी पर है। वानतांग जलप्रपात मिज़ोरम में सबसे ऊंचा और अति सुंदर जलप्रपात है। यह थेनजोल कस्बे से पांच किलोमीटर दूर है। पर्यटन विभाग ने राज्य में सभी बड़े कस्बों में पर्यटक आवास गृह तथा अन्य कस्बों में राजमार्ग रेस्त्रां तथा यात्री सरायों का निर्माण किया है। जोबौक के निकट जिला पार्क में अल्पाइन पिकनिक हट तथा बेरो त्लांग में मनोरंजन केंद्र भी बनाए गए हैं।

महत्वपूर्ण तथ्य[संपादित करें]

  • क्षेत्रफल: २१,००० वर्ग कि॰मी॰
  • जनसंख्या: ८९०,००० (२००१)
    • जिसमें:
      • मिजो/लुशाई: ६३.१%
      • म्हार: ?
      • पोई: ८%
      • चकमा: ७.७%
      • राल्ते: ७%
      • पोवाई: ५.१%
      • कुकी: ४.६%
      • अन्य: ५.१%
    • धर्म:
      • ईसाई: ८५%
      • बौद्ध: ८%
      • हिन्दू: ७%
  • राजधानी: आईजोल (जनसंख्या १,८२,०००)

मिज़ोरम लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र[संपादित करें]

मिज़ोरम लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र भारत के मिज़ोरम राज्य का एक लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र है। यह सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है।[1]

परिसीमन[संपादित करें]

इस लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत मिज़ोरम राज्य के समस्त विधानसभा क्षेत्र आते हैं।[1]

साँसद[संपादित करें]

सी॰ एल॰ रुआला यहाँ के वर्तमान साँसद हैं। वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से संबद्ध हैं।[2] [3]

संसद के सदस्य[संपादित करें]

चुनाव सदस्य दल
1972 सांगलियाना मिजो यूनियन
1977 आर रोथुअमा स्वतंत्र
1980
1984 लालदुहावमा भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
1989 सी. सिल्वेरा
1991
1996
1998 एच. लालुंगमुअना स्वतंत्र
1999 वनलालज़ावमा स्वतंत्र
2004 मिजो नेशनल फ्रंट
2009 सी एल रुआला भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
2014
2019 सी.लालरोसंगा मिजो नेशनल फ्रंट

मिज़ोरम के विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र[संपादित करें]

मिज़ोरम में 40 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र हैं, ये सभी मिज़ोरम के एकमात्र लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में आते हैं।[1] जिनकी सूची इस प्रकार है-

सीट संख्या विधानसभा क्षेत्र परिसीमन
1 आईज़ॉल पूर्व-I 13-पूर्वी आईज़ॉल-। त्लांगनुआम आर.डी.ब्लॉक में सैरूम, नैहबाविह, सिहफिर, सिहफिर वेंगथर, नौसल, मुथी, बुंग, आई बी, तुईरिआल जैल, तुईरिआल गांव, आईज़ॉल (एन टी)-वार्ड सं0-4- जुआंगतुई, आईज़ॉल (एन टी)-वार्ड सं0-5- थुआमपुई और आईज़ॉल (एन टी)-वार्ड सं0-6- जेमाबावक
2 आईज़ॉल पूर्व-II 14-पूर्वी आईज़ॉल-।।

(अ.ज.जा.) त्लांगनुआम आर.डी.ब्लॉकमें आईज़ॉल (एन टी)-वार्ड सं0-18- तुईथिआंग, आईज़ॉल (एन टी)-वार्ड सं0-19- सरावन वेंग, आईज़ॉल (एन टी)-वार्ड सं0-20- छिंगा वेंग, आईज़ॉल (एन टी)-वार्ड सं0-21- डावरपुई, आईज़ॉल (एन टी)-वार्ड सं0-27- आरमेड वेंग, आईज़ॉल (एन टी)-वार्ड सं0-28- आरमेड वेंग एस और आईज़ॉल (एन टी)-वार्ड सं0-29- चिते

3 आईज़ॉल उत्तर-I 10-उत्तरी आईज़ॉल-।

(अ.ज.जा.) त्लांगनुआम आर.डी.ब्लाक में आईज़ॉल (एन टी)-वार्ड सं0 -1- डुरत्लांग वेंगथार/सेलेसिह, आईज़ॉल (एन टी)-वार्ड सं0 -2- डुरत्लांग, आईज़ॉल (एन टी)-वार्ड सं0 -3- डुरत्लांग लेतान, आईज़ॉल (एन टी)-वार्ड सं0 -7- बावंगकावन और आईज़ॉल (एन टी)-वार्ड सं0-16- चालत्लांग

4 आईज़ॉल उत्तर-II 11-उत्तरी आईज़ॉल-।।

(अ.ज.जा.) त्लांगनुआम आर.डी.ब्लाक में आईज़ॉल (एन टी)-वार्ड सं0 -8- उत्तरी रामहलुन, आईज़ॉल (एन टी)-वार्ड सं0 -9- आईज़ॉल वेंगलाई, आईज़ॉल (एन टी)-वार्ड सं0-10- रामथार, आईज़ॉल (एन टी)-वार्ड सं0-11- रामथार उत्तर, आईज़ॉल (एन टी)-वार्ड सं0-12- रामहलुन दक्षिण, आईज़ॉल (एन टी)-वार्ड सं0-13- रामहलुन स्पोर्टस काम्प्लैक्स, आईज़ॉल (एन टी)-वार्ड सं0-14- रामहलुन वेंगथार, आईज़ॉल (एन टी)-वार्ड सं0-15- रामहलुन वेंगलाई और आईज़ॉल (एन टी)-वार्ड सं0-26- लैपुईत्लांग

5 आईज़ॉल उत्तर-III 12-उत्तरी आईज़ॉल-।।।

(अ.ज.जा.) त्लांगनुआम आर.डी.ब्लॉकमें आईज़ॉल (एन टी)-वार्ड सं0- 17- इडेनथार, आईज़ॉल (एन टी)-वार्ड सं0- 22- इलैक्ट्रिक वेंग, आईज़ॉल (एन टी)-वार्ड सं0- 23- जरकावत, आईज़ॉल (एन टी)-वार्ड सं0- 24- पश्चिम चानमारी, आईज़ॉल (एन टी)-वार्ड सं0- 25- चानमारी और आईज़ॉल (एन टी)-वार्ड सं0- 60- हुनथार

6 आईज़ॉल पश्चिम-I 15-पश्चिम आईज़ॉल-।

(अ.ज.जा.) त्लांगनुआम आर.डी.ब्लॉकमें सैरंग (एन टी) के वार्ड सं0 -1- सैरंग, वार्ड सं0 -2- दक्षिण सिहमुई, वार्ड सं0 -3- दक्षिण दिनथर और वार्ड सं0 -4- दक्षिण (पी.टी.सी) और आईज़ॉल (एन टी)-वार्ड सं0-61-चावनपूई, आईज़ॉल (एन टी)-वार्ड सं0-62-जोतलांग, आईज़ॉल (एन टी)-वार्ड सं0-63-चावलहमुन, आईज़ॉल (एन टी)-वार्ड सं0-64-लुआंगमुआल, आईज़ॉल (एन टी)-वार्ड सं0-65-जोनुआम, आईज़ॉल (एन टी)-वार्ड सं0-66-लुआंगमुआल गवर्नमैंट काम्पलैक्स, आईज़ॉल (एन टी)-वार्ड सं0-67-तानहरिल, आईज़ॉल (एन टी)-वार्ड सं0-68-साकावरतुइछुन और आईज़ॉल (एन टी)-वार्ड सं0-69-रंगवामुआल

7 आईज़ॉल पश्चिम-II 16-पश्चिम आईज़ॉल-।।

(अ.ज.जा.) त्लांगनुआम आर.डी.ब्लॉकमें आईज़ॉल (एन टी)-वार्ड सं0-54-तुईकुआल दक्षिण, आईज़ॉल (एन टी)-वार्ड सं0-55-तुईकुआल उत्तर, आईज़ॉल (एन टी)-वार्ड सं0-56-डिनथार, आईज़ॉल (एन टी)-वार्ड सं0-57-डावरपुई वेंगथार, आईज़ॉल (एन टी)-वार्ड सं0-58-वैवाकावन और आईज़ॉल (एन टी)-वार्ड सं0-59-कानन

8 आईज़ॉल पश्चिम-III 17-पश्चिम आईज़ॉल-।।।

(अ.ज.जा.) त्लांगनुआम आर.डी.ब्लॉकमें आईज़ॉल (एन टी)-वार्ड सं0-47-मिशन वेंगथलांग, आईज़ॉल (एन टी)-वार्ड सं0-48-खातला दक्षिण, आईज़ॉल (एन टी)-वार्ड सं0-49-खातला, आईज़ॉल (एन टी)-वार्ड सं0-50-बुंगकावन नर्सरी, आईज़ॉल (एन टी)-वार्ड सं0-51-बुंगकावन, आईज़ॉल (एन टी)-वार्ड सं0-52-मौबावक और आईज़ॉल (एन टी)-वार्ड सं0-53-लावीपु

9 आईज़ॉल दक्षिण-I 18-दक्षिण आईज़ॉल-।

(अ.ज.जा.) त्लांगनुआम आर.डी.ब्लॉकमें आईज़ॉल (एन टी)-वार्ड सं0-30-बेथलेहम वेंगथलांग, आईज़ॉल (एन टी)-वार्ड सं0-31-बेथलेहम, आईज़ॉल (एन टी)-वार्ड सं0-32-कालेज वेंग, आईज़ॉल (एन टी)-वार्ड सं0-33-वेंघलुई, आईज़ॉल (एन टी)-वार्ड सं0-34-रिपब्लिक और आईज़ॉल (एन टी)-वार्ड सं0-35-अपर रिपब्लिक

10 आईज़ॉल दक्षिण-II 19-दक्षिण आईज़ॉल-।।

(अ.ज.जा.) त्लांगनुआम आर.डी.ब्लॉकमें आईज़ॉल (एन टी)-वार्ड सं0-36-आई.टी.आई., आईज़ॉल (एन टी)-वार्ड सं0-40-त्लांगनुआम, आईज़ॉल (एन टी)-वार्ड सं0-41-कुलिकावन, आईज़ॉल (एन टी)-वार्ड सं0-42-थाकथिंग, आईज़ॉल (एन टी)-वार्ड सं0-43-डामवेंग, आईज़ॉल (एन टी)-वार्ड सं0-44-वेंघनुआई, आईज़ॉल (एन टी)-वार्ड सं0-45-सलेम और आईज़ॉल (एन टी)-वार्ड सं0-46-मिशन वेंग

11 आईज़ॉल दक्षिण-III 20-दक्षिण आईज़ॉल-।।।

(अ.ज.जा.) एबावक आर.डी.ब्लॉकमें -हुअलंगोहमुन, थिंगडावल (मेलरियात), केलसिह, फाल्कावन, मुअल्लुंगथु, ताछिप, एबावक, सातीक, फुलपुइ, खावहमिंगलोकावन, उत्तरी लेगेसाइ, दक्षिण मौबुआंग, थिआक, सुमसुइह, हमुइफांग, लुंगसेई, सामलुखाइ, चामरिंग, लामछिप, चाविलुंग, सिआलसुकऔर सैलम गांव
त्लांगनुआम आर.डी.ब्लॉकमें लुंगलेंग-I, एन. लुंगलेंग और सामतलांग गांव और आईज़ॉल (एन टी)-वार्ड सं0-37-एस.हलिमेन, आईज़ॉल (एन टी)-वार्ड सं0-38-मेलथुम और आईज़ॉल (एन टी)-वार्ड सं0-39-सैखामाकावन

12 चलफ़िल्ह 8-चालफिल्ह (अ.ज.जा.) डारलान आर.डी.ब्लाक में खावरूहलियान, तुइरिनिकाई, हमुन्नघाक, खानपुई और लैलाक गांव,

फुल्लेन आर.डी.ब्लाक में उत्तरी खावलेक, वानबावंग, लामहेरह, सुआंगपुईलान, जावंगिन, फुल्लेन, थांगलाइलुंग, लुआंगपावन, फुआईबुआंग, खावलिआन, उत्तर पूर्वी त्लांगनुआम और डैडो गांव और
थिंगसुलथलिआह आर.डी.ब्लाक में बुहबन, उत्तरी लुंगफेर, मुआलमाम, सेसांग, डिलखान, तुआलबुंग और सिहफा गांव

13 चम्फई उत्तर 23-चम्फाई उत्तर

(अ.ज.जा.) खावजावल आर.डी.ब्लॉकमें चम्फाई (एन टी)- वार्ड सं0 -1 -वेंगसंग, चम्फाई (एन टी)-वार्ड सं0 - 2 -काहरावत, चम्फाई (एन टी) -वार्ड सं0- 3 -वेंगथलांग, चम्फाई (एन टी) वार्ड सं0- 9 - हमुनहमेलथा और चम्फाई (एन टी) वार्ड सं0-10 - जोटे और पामचुंग, तुआलचेंग, लुंगफनलिआन, खुआंगफाह, हनाहलान, राबुंग, एडुजावल, मुर्लेन, उत्तर पूर्व डिलत्लांग, वापर, नगुर, उत्तरी खावबुंग, तुआलपुई, नगाईजावल, नेइहडान और मुआलजेन गांव और नगोपा आर.डी.ब्लॉक में - सेलम और वैखावत्लांग गांव

14 चम्फई दक्षिण 24-चम्फाई दक्षिण

(अ.ज.जा.) खावजावल आर.डी.ब्लॉकमें चम्फाई (एन टी)- वार्ड सं0-4 कानन वेंग, चम्फाई (एन टी)- वार्ड सं0-5 वेंगलाई, चम्फाई (एन टी)- वार्ड सं0-6 नया चम्फाई, चम्फाई (एन टी)- वार्ड सं0-7 बेथेल वेंग, चम्फाई (एन टी)- वार्ड सं0-8 इलेक्द्रिक वेंग, चम्फाई (एन टी)-वार्ड सं0-11-त्लांगसम, चम्फाई (एन टी)- वार्ड सं0-12 रूआनतलांग, चम्फाई (एन टी)- वार्ड सं0-13 जोटलंग, चम्फाई (एन टी)- वार्ड सं0-14 छुंगटे, चम्फाई (एन टी)- वार्ड सं0-15 वेंगथार और मुआलकावी, मेलबुक (खावनुअम), जोखावथार, तुइपुइ, केलकांग और दिलकावन गांव

15 डम्पा (अ.ज.जा.) पश्चिम फाइलेंग आर.डी.ब्लॉक में- पश्चिम फाइलेंग, कावनमावी, उत्तर छिप्पुई, लाल्लेन, सैथाह, पार्वतुई, फुलडुंगसेई, कैसालाम, ज़ोपुई, पश्चिम फुलपुई, सिलसुरी, पुकजिंग, पुकजिंग वेंगथार, हनाहवा, ह्रुईडुक, मारपारा उत्तर गांव
रैईक आर.डी.ब्लॉक में- तुआहजावल, रूलपुइहलिम, चुन्गतलांग, रैईक, एलांग, पश्चिम लुंगडार, खावरीहनिम, लुंगफुन, उत्तरी कंघमुन, बावल्टे, बावंगथाह, दारलुंग और दक्षिण साबुआल गांव।
16 तुईपुई पूर्व 25-तुईपुई पूर्व (अ.ज.जा.)

खावबुंग आर.डी.ब्लॉक में- दक्षिण खावबुंग, जावलसेई, खुआंगथिंग, बुंगजुंग, जावंगतेतुई, खुआंगलेंग, बुलफेकजावल, सेसिह, वनजाउ, लेइथुम, डुंगत्लांग (पुराना), डुंगत्लांग (नया), लेइसेन्जो, लिआनपुई, साजेप, फरकावन, खानकावन, थेकते, थेकपुइ, वापहै, चावंगतुइ ’ई’, वांगछिआ, सामथांग (पुराना), सामथांग (नया), हरूआइकावन (पुराना), हरूआइकावन (नया) और बुआंग गांव

17 हछेक ज़वालनुआम आर.डी. ब्लॉक में- कानहमुन, मोरायचेर्रा (लुईमावी),लुसाईचेर्रा (थिंगहलुन), हरीफा, बुंगथुआम, जावलपुई, जामुआंग, रेंगदिल, कावरथाह, टुम्पांग्लूई, तुईडाम, सोतापा वेंग, मुआलथुआम, कावर्टेथववेंग, थैडावर IV, थैडावर I, सेरहमुन, एन.डब्ल्यू. बुंघमुन, सीथिआंग, लुंगमावी, कानांथार, डारलाक, सैखावथिर, चूहवेल, ज़वालनुआम (एन.टी.) और सेराली के (Sarali K) गांव।
पश्चिम फाइलेंग आर.डी. ब्लॉक में- बेलखाई और ज़ोमुआन गांव
18 ह्रांगतुर्ज़ो 28-हरांगतुर्जो (अ.ज.जा.) पूर्व लुंगदार आर.डी. ब्लॉक में- उत्तरी वानलाईफाई (एन टी) और

लेइलेट (एन वी), माईचाम, बाव्कत्लांग, लुंगकाव्लह, पूर्व लुंगदार, एन. मुआल्चेंग, साईलुलाक, लेंग, खाव्लाईलुंग, पिलेर, चेक्कावन, सिआल्सिर और लुंगछुआन गांव
सेरछिप आर डी ब्लॉक में- हमुनझावल, हरिअंगटलांग, केईतुम और पूर्व बुंगतलांग गांव और चम्फाई जिले के ई. लुंगदार आर डी ब्लॉक में- बियाटे गांव

19 कोलासिब (अ.ज.जा.) उत्तर थिंगडावल आर.डी.ब्लाक में - बैराबी(एन टी), हमाईबिआलावेंग, मेईदम, पांगबालकावन, एस छिमलुआंग गांव और
कोलासिब (एन टी) में कोलासिब वेंगथार, डैक्कावन (दक्षिण), डैक्कावन, लुंगफेर वेंग, वेंगलाई, हमारवेंग, तुमपुई और दिनथार
20 ल्वांगताई पूर्व 38-लावंगत्लाई पूर्व

(अ.ज.जा.) संगउ आर.डी.ब्लॉक में- वारटेकई, वरटेक, लुंगटियन, चेयूराल, रावलबुक, फुंगकाह, लुंगफेर, सयाचंगकावन, बुआलपुई एन जी ’डब्ल्यू’, बुआलपुई एन जी ’ई’, लुंगजारहतुम, वावमबुक, अरछुआंग, थाल्टलांग, तियालडावंगी लुंग, सेन्टेटफियांग, सांगउल ’डब्ल्यू’, सांगउल ’ई’ और पांगखुवा गांव और लावंगत्लाई आर.डी. ब्लॉकमें लावंगत्लाई परिषद् (काउंसिल) वेंग]], लावंगत्लाई वेंगपुई (एल-।), लावंगत्लाई बाजार वेंग (एल-।।), सालेम (एल-।।।) और चानमारी (एल-।)

21 ल्वांगताई पश्चिम 37-लावंगत्लाई पश्चिम

(अ.ज.जा.) लावंगत्लाई आर.डी. ब्लॉक में- चावंगटे ’पी’, तुइखुरलुई, हमुनलाई, मुआलबु ’एल’, सुमसिलुई, साकेलुई।, साकेलुई।।, जोगनासुरी, कारलुई, पंडावंगलुइ, चावंगतेलुइ, दिलत्लांग ’एस’, नगेगंपुईकाई, मामपुई, सैकाह, पइथार, चावनतलांगपुइ, सिहत्लांगपुइ, कावलचाव ’डब्ल्यू’, वनहने ’आर’, रूलकुयाल, लियाफा, सैजावह ’इ’, एस. बुंगत्लांग, सैखावथलिर, हमुन्नुआम, दमलुई, नघालिमलुई, वैसेकाई, सैबावह, फांगफरलुई, एम. कावनपुई, सेकुल्हकाई, कारथिनडेंग, नगंेगपुईत्लांग, डारनामत्लांग, चिखुरलुई, बालीसोरा, वाथुआमपुइ, हरुइतेजावल, तुइथुमहनार, लुंघाउका, चामदुर ’पी’।, चामदुर ’पी’।।, चामदुरत्लांग।, चामदुरत्लांग।।, मौतलांग, नगुनलिंगखुआ, तुइसेनत्लांग, डुमजोतलांग, डुमजाउ।, लैत्लांग, तुइचावंगत्लांग, हमावंगबउ, हमावंगबुछुआह, काकीछुआह, जोचाछुआह, सबुआत्लांग, लावंगत्लाइ कालेज वेंग, थिंगकाह, लवंगतलई ए ओ सी वेंग और चावनहउ गांव

22 लेंग्तेंग 21-लेंगटेंग (अ.ज.जा.) नगोपा आर.डी.ब्लॉक में- नगोपा-I, नगोपा-II, लामजावल, मिमबुंग, हरियंघमुन, टेइखांग, हलिआप्पुई, हलिआप्पुई ’एस’, चांगजावल, पावलरांग, साईचाल, कावलबेम, एन.ई.खावदुंगसेई, खावकावन और चियाहपुई गांव और

खावजावल आर.डी.ब्लॉक में- डुलते, वानचेंगपुई, पुइलो, छावरतुई, वन्कल और कावलकुल्ह गांव

23 लुंगलेई पूर्व 31-लुंगलेई पूर्व (अ.ज.जा) लुंगलेई आर.डी.ब्लॉकमें

लुंगलेई (एन टी)-वार्ड सं0-5 इलेक्द्रिक वेंग, लुंगलेई (एन टी)-वार्ड सं0-12 चानमारी, [[ लुंगलेई (एन टी)-वार्ड सं0-13 फार्म वेंग, [[ लुंगलेई (एन टी)-वार्ड सं0-15-रामथर, [[ लुंगलेई (एन टी)-वार्ड सं0-21-लुंगपुइजावल और लुंगलेई (एन टी)-वार्ड सं0-22-जोबावक और हलुम्टे, न्यू डावन, रालवावंग, मौदारह, लैटे और रोटलांग ’ई’ गांव

24 लुंगलेई उत्तर 30-लुंगलेई उत्तर

(अ.ज.जा.) लुंगलेई आर.डी.ब्लॉक में- लुंगलेई (एन टी) के वार्ड सं0- 8- जोहनुइ, वार्ड सं0- 9- सेरकावन, वार्ड सं0-10-जोतलांग, वार्ड सं0-11 -पुकपुई और मौसेन, हाउलावंग, मुआलथुआम ’एन’, सेखुम, रामलाइतुइ, कांघ्। मुन ’एस’, जोटे ’एस’, छिप्फिर, बुआलपुई ’वी’,लुंगमावी, जोतुइतलांग, हमुनत्लांग, फाइलेंग ’एस’ और चैंगपुइ गांव और
हनाहथिआल आर.डी.ब्लॉक में- पांगजावल, थिलटलांग और रापुई गांव

25 लुंगलेई दक्षिण 33- लुंगलई दक्षिण

(अ.ज.जा.) लुंगलेई आर.डी.ब्लॉकमें लुंगलेई (एन टी)-वार्ड सं0-14 सालेम, लुंगलेई (एन टी)-वार्ड सं0-16 लुंगलान, लुंगलेई (एन टी)-वार्ड सं0-17-लुआंगमुआल, लुंगलेई (एन टी)-वार्ड सं0-18 सेथलुन, लुंगलेई (एन टी)-वार्ड सं0-19 थैरिआट, लुंगलेई (एन टी)-वार्ड सं0-20 हारंगचालकावन और साइरेप, थाईज़ॉल, बुआलते, थुआलथु, मुआलथुआम ’एस’, एस. मुआलचेंग, एन. तावीपुइ, एस. तावीपुइ, थिंगफाल, माम्ते, थलेंगन्ग, थांगपुई, थांगते, चिथार, वैसाम, रूनतुंग और बुकनुअम गांव और
लुंगसेन आर.डी.ब्लॉक में- खावमावी, सामंग, जेहतेत, मौतलंग, लालनुतुइ, दक्षिण लुंगरंग, रूआलालुंग, वैरावकाइ, हमुनथार, चावंगते ’एल’, गुलसिल और सेलेन गांव

26 लुंगलेई पश्चिम 32-लुंगलेई पश्चिम

(अ.ज.जा.) लुंगलेई आर.डी.ब्लॉकमें लुंगलेई (एन टी)-वार्ड सं0-1-हाउरुआंग, लुंगलेई (एन टी)-वार्ड सं0-2 राहसि वेंग, लुंगलेई (एन टी)-वार्ड सं0-3 वेंगहलुन, लुंगलेई (एन टी)-वार्ड सं0-4 वेंगलाई, लुंगलेई (एन टी)-वार्ड सं0-6 बाजार, लुंगलेई (एन टी)-वार्ड सं0- 7 कालेज वेंग और वान्हने, थुआमपुई और पचांग गांव और

डब्ल्यू. बुंघ्मुन आर.डी.ब्लॉक में- पश्चिम बुंगटलांग, एस. लुंगदाइ, सेरटे, सेरटलांगपुइ, कवल्हावक और बुआरपुई गांव

27 ममित (अ.ज.जा.) जवालनुआम आर.डी.ब्लॉक में- उत्तरी सबुआल, दामपुई, नालजावल, बावंग्वा, मामित, उत्तरी त्लांगखंग, पाथिआंतलांग, सुआरहलियाप, फाइज़ाउ तथा चीलुई गांव।
रैईक आर.डी.ब्लॉक में सैतला, पश्चिम सैरजावल, हमुनपुई, दिलज़ाल, रावपुइछिप, लेंगटे, नाघालचाम, दापछुआह (टूटफाई) गाँव और [[लेंगपुई (एन टी)- लेंगपुई।
पश्चिम फाइलेंग आर.डी. ब्लॉक में खानतलांग, तुईपूईबारी, राजीवनगर, अन्डेरमानिक, दामपारेंगपुई, खावहनाई, तुईरूम, सलेम बोर्डिंग गांव और तेईरेई फॉरेस्ट
28 पलक 40-पालक (अ.ज.जा.)

तुइपांग आर.डी.ब्लॉक में- तुइसिह, थिरी, सैटा, आइनक, लोवर थैवा, माउलबाक ’एल’, माउलबाक ’सी एच’, जीरो प्वाइंट, कावलचाव ’ई’, सेरकावर, न्यू सेरकावर, न्यू लाटावाह, तुईपांग ’एल’, तुईपांग ’वी’, डेरी वेंग तुईपांग, सियटलई, जांगलिंग, छेईहलु, छाकहांग, सियसी, मावहरे, चापुई, खोपाई, अहमयपी, कैसिह, मैला, लहरी (न्यू लाटावाह), लांगबन, लुंगदार (लोडाव), फुरा, वहई, टोंगकोलोंग, मिपु, लाकी, सुपहा, लोंगमासु, बैमारी, लोपे (जाइहने), लुंगपुक और खैईखी गांव

29 सैहा 39-सैहा (अ.ज.जा.)

तुईपांग आर.डी. ब्लॉक में- फालहरंग, रावमीबावक (अमोतला), तुइसुमपुई, रियासिकाह, तुईपुई फेरी, नियाव्हतलांग, लुन्गबुन, छुआरलुंग, फुसा, सैहातलंगकावन, न्यू सैहा, कालेज वेंग, न्यू काॅलोनी, काउन्सिल वेंग, ओल्ड सैहा, मइसावेंग, मइसाटला और थिंगसेन वेंग गांव

30 सेरछिप 26-सेरिछिप (अ.ज.जा.) सेरछिप आर.डी.ब्लॉकमें

सेरछिप (एन टी)-वार्ड सं0-1 सेरछिप वेंगलाइ, सेरछिप (एन टी) -वार्ड सं0-2 सेरछिप ’ई’, सेरछिप (एन टी) - वार्ड सं0-3 सेरछिप ’डब्ल्यू’, सेरछिप (एन टी)- वार्ड सं0 -4 नया सेरछिप, थेनजावल (एन टी)- बुआंगपुइ और नेहलोह गांव

31 सेरलुई 6-सेरलुई (अ.ज.जा.) उत्तर थिंगडावल आर.डी.ब्लाक में- फेनुअम, सैहापुई वी, चिटे, वकुलतुई, एन.छिमलुंग, एन. चावनपुई, चेमफाई, फाइसेन, बुहचांगफाई, एन. थिंगलिआन, बुकवान्नेई, सैहापुई के, परसेनछिप, उत्तर हिलमेन, थिंगथेल्ह, वैरेंगटे (एन टी), बिलखावथलिर, रेंगटेकावन और बुईलुम गांव और

जिला आईज़ॉल के सकावरडाई उप-प्रभाग (सिविल) में- साईफाई और साईपम गांव

32 दक्षिण तुईपुई 29-तुईपुई दक्षिण (अ.ज.जा.) हनाहथिआल आर.डी.ब्लॉक में - एस. चावांगतुई, खावहलुम, तारफो, खावहरी, हनाहथिआल, कुतकावक, देन्लुंग, चेरहलुन, न्यू नघारछिप, ओल्ड नघारछिप, थिन्गसाई, बुआलपुई एच, आइथुर, तुईपुई (दारजोकाई), मुआल्लिआनपुई, एस. वानलाईफाई, दारजो, एस. लुंगलेंग और लुंगपुईटलांग गांव
33 तवी 9-तावी (अ.ज.जा.) थिंगसुलथलिआह आर.डी.ब्लाक में - साइतुआल (एन टी), साइतुआल, केईफैन्ग, रूआलुंग, रूलचावम और साइतुल विशेष दायित्व-बी आर टी एफ, थिंगसुलथलिआह, साइसिह वेटि फार्म, आईचालक्वान, सेलिंग, फेइबावक, इडेनथार, तुईखुरहलु, थिंगसुल त्लांगनुआम, मुआलफेंग, लेनचिम, ताविजो और मैटे गांव
34 थोरंग 34-थोरांग (अ.ज.जा.) डब्ल्यू बुंघमुन आर.डी.ब्लॉक में - मार ’एस’, तेराबोनिया, फाइनुआम, सालमार, साचन, न्यू साचन, लैसावराल, सेसावम, डब्ल्यू. बुंघमुन, त्लेउ, तुईकवई (न्यू बेल्खाई), लुंगचेम, थेनहलुम, एस. दामपुइ, कावनपुई डब्ल्यू., दारंगावन, चांगपुइ, सुमासुमी, न्यू खावलेक, एस. खावलेक, डेंगसुर और मउजम गांव

लुंगलेई आर.डी. ब्लाक में - थेहलेप गांव और लुंगसेन आर.डी.ब्लॉक में- रांगते, छुमकुम, रोलुइ, अंडेरमनिक, छुआहथुम, सिहफिरतलांग, लुंगसेन, डब्ल्यू. रोटलांग, फाइरूआंगकाइ, पुतलुंगासिह, फैरूआंगछुआह, कौछुआह, नया वुआकमुआल, जवलपुइ, तुइसेन बोलिया, तुइसेन छुआह और बेल्थेइ गांव

35 तुइचंग 22-तुईचांग (अ.ज.जा.) खावजावल आर.डी.ब्लॉक में- खावजावल (एन टी) और हमुनचेंग, चावंगतलाई, खावपुईटन, तुआल्ते, वांगत्लांग, चालरंग, नया चालरंग, मेलहनिह चालरंग, लुंगतान, त्लांगपुइते, खुआईलुई, अर्रो, फुनचावंगजावल, खुआलेन गांव और खावहाई (एन टी) और

पूर्वी लुंगडार आर.डी.ब्लॉक में- रिंआंगतलेई, त्लांगपुइ और सिआलहावक गांव

36 तुईच्वांग 36-तुइचावंग (अ.ज.जा.)- चावंगते आर.डी. ब्लॉक में - बोरोनासुरी, कुरबालावासोरा, बोरापानसुरी-।, बोरापानसुरी-।।, उगुल्सुरी, राजमंडल-।, राजमंडल-।।, उगुडासुरी, मोनटोला, नघारूम, सिलसुरी, तोंगासोरा, छोटापानसुरी, सोंगरासुरी, डब्ल्यू. सैजावह, बोगनपारा, बाजेइसोरा, कमलानगर-।। (चावंगते सी।।), [[

कमलानगर-।।। (चावंगते सी।।।)]], कमलानगर-। (चावंगते सी।), पुराना बाजेइसोरा, नलबानिया, गुलसिंगबाबसोरा, नागदारासोरा, गेरागुलुकसोरा, उदालथाना-।।, उदालथाना-।, बोरमोन, जारूलसुरी, उगुदासुरी ’एस’, [[ अदुबांगसोरा]], जमेरसुरी (सेरलुइ), बुंगकवान ’एस’, कुकुरदुलेया, उलुसुरी, मंडिरासोरा, मैनाबाबसोरा-।, पेग्लाबाबसोरा, मैनाबाबसोरा-।।, बोरतुलि, बोराकाबाखालि, अजासोरा, बोरकोलोक, सिमइसुरी, वासैतलांग।, वासैतलांग।।, गोलासुरी, बेतबोनिया, रेंगाशया, चामिनिसोरा, लोंगपुइघाट, फुटसुरी, चारलुइत्लांग, लोखिसुरी, देवासोरा, फुटसोरा, लुदिसोरा, गेरासुरी, छोटागुईसुरी-I, छोटागुईसुरी।।, सिलबंगा, पाबलाखाली, जरूलदुलबासोरा, दुरसोरा, बोराइतुली, दमदेप। (नया जोगनासुरी।), दमदेप।। (नया जोगनासुरी।।), बोरागुइसुरी, छिप्पुई (फुलटुली), नया छिप्पुई, बिलोसोरा, सिलोसोरा, देवसोरा ’एस’, पर्वा-I, पर्वा-II, पर्वा-III, कमतुली, गोबाबसुरी, बोंडुकबंगसोरा, सीमेइनसोराऔर डुडुकसोरा गांव

37 तुईकुम 27-तुइकुम (अ.ज.जा.)- सेरछिप आर.डी. ब्लॉक में सेरछिप (एन टी)- वार्ड सं0- 5 छिआहत्लांग और लुंगफो, छिंगछिप, खावबेल, हमुन्था, रूल्लाम, थेनत्लांग, नगेनतिआंग, सिआल्हाउ, पूर्वी थिंगलिआम और वांचेंगटे गांव और

थिंगसुलथालिआह आर डी ब्लॉकमें बकतांवग, बुहकंगकावन, चानिन, हमाबंगकावन, खुमतुंग और हुआल्तु गांव और आईज़ॉल जिले के थिंगसुलथालिआह आर डी ब्लॉकमें त्लुंगवेल, दारलांग और फुल्मावी गांव

38 तुईरिअल (अ.ज.जा.) उत्तर थिंगडावल आर.डी.ब्लॉक में - उत्तर थिंगडावल, राजताली, दिलजाउ एच, होरटोकी, सेथावन, बुकपुई, उत्तर चैतलांग, उत्तर मुआलवुम, जानलावन गांव और उत्तर कावनपुई (एन टी) में वार्ड सं0 1 कावनपुई और वार्ड सं0 2 बुआलपुई
तलांगनुआम आर.डी.ब्लॉक में- खामरांग, लुंगमुआट, नीसापुई, सेरखान, मुआलखांग, लुंगडाइ और सेंटलांग गांव
39 तुइवावल 7-तुईवावल (अ.ज.जा.) डारलान आर.डी.ब्लाक में मौचर, कानी, उत्तरी तिंघमुन, जोहमुन, पालसांग, अपर सकारवरडाई, लोवर सकारवरडाई, एन. खवडुंगसेई, वैटिन, खावपुआर, लुआकछुवाह, पूर्वी डामडिआई, थिंगसत, नया वरवेक, लुंगसुम, रातू, सुन्हुलछिप, सैलुतर, उत्तरी सेरजावल, सावलेंग, छानछुआहना खावपुई, केपरान, पूर्वी फाईलेंग, पेहलान गांव और डारलान (एन टी)
40 पश्चिम तुईपुई 35-तुईपुई पश्चिम (अ.ज.जा.)- पश्चिम बुंघमुन आर.डी.ब्लॉक में बांदियासोरा, साइसेन, देवासुरी, मालसुरी, लोकीसुरी, पुआनखाई और हमुनदो गांव और लुंगसेन आर.डी.ब्लॉकमें उकदासुरी (तुइलेट), सुगरबसोरा, दिपलीबाग (कावइजाउ), तुइचावंग, बालुकियासुरी, नया बालुकियासुरी, लामथाइ-।।।, लामथाइ-।।, लामथाइ-।, सेरहुआन, नुनसुरी, चम्पासुरी, मुरिसकाटा, बिन्दियासोरा, थेकादुआर/कवरपुइछुआह, खांगरासुरी, बालुंगसुरी, जोहमुन, खोजोईसुरी (नया), खोजोईसुरी (पुराना), चेंगकावल्लुइ(सामुकसुरी), बेलपेइ (मातिआसोरा), सिलकुर, बोरसेगोजासोरा, तिपेराघाट-।।।, तिपेराघाट-।।, तिपेराघाट-।, लेतीसुरी, खोजाईसुरी, बोर्नासुरी, एस. चावीलुंग, कालापानी, त्लाबुंग(एन टी), सेदैलुइ और थांजामसोरा गांव

संदर्भ / स्रोत

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  13. "Constituencywise-All Candidates" . 18 मई 2014 को मूल से पुरालेखित . अभिगमन तिथि: 17 मई 2014 . ↗
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